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फ्लॉप फॉर्मूले को फिर लाकर पार्किंग में लूट रोकेगी एमसी

Tue, 06 Mar 2018 10:12 PM IST
Updated Tue, 06 Mar 2018 10:12 PM IST
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फ्लॉप फॉर्मूले को फिर लाकर पार्किंग में लूट रोकेगी एमसी
अमर उजाला ब्यूरो
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शिमला। शहर की पार्किंगों में मोबाइल ऐप से फीस वसूलने के फ्लॉप फॉर्मूले को नगर निगम एक बार फिर शुरू करने जा रहा है। सभी बड़ी पार्किंग में पार्किंग ऐप से फीस लेना अनिवार्य किया जा रहा है।
नगर निगम ने हाल ही में पार्किंग को लेकर जो टेंडर जारी किए हैं, उनमें इसे लागू करना अनिवार्य किया है। पार्किंग में अवैध वसूली रोकने के लिए निगम ने पहल तो अच्छी की है, लेकिन सवाल उठता है कि जो सिस्टम दो साल पहले फेल हो चुका है, वह बिना बदलाव किए भला अब कैसे कामयाब होगा। तर्क है कि छोटा शिमला पार्किंग में ऐप सफल रहा है। ऐसे में दूसरी पार्किंग में भी इसे लागू किया जा रहा है। टेंडर की शर्तों में स्पष्ट है कि जो संचालक ऐप की बजाय रसीद काटकर फीस वसूलेंगे, उन्हें 50 हजार रुपये जुर्माना लगेगा। लेकिन साथ ही छूट दी है कि ऐप में तकनीकी दिक्कतें आने पर रसीदें काटी जा सकेंगी। सवाल उठता है कि निगम कैसे संचालकों की मनमानी रोकेगा। संचालक पहले की तरह ऐप खराब होने का बहाना बनाकर रसीदों से मनमानी वसूली करते रहेंगे।
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पारदर्शिता बढ़ेगी, नहीं होगी मनमानी
सरकार के दिशा निर्देश के बाद ये ऐप लागू करवा रहे हैं। इसके अलावा अब पार्किंग में बूम बैरियर लगवाने का भी प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं। इससे पार्किंग में पारदर्शिता बढ़ेगी और संचालक मनमानी वसूली नहीं कर पाएंगे।
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रोहित जमवाल, नगर निगम, आयुक्त।
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जून 2016 में भी किया था लांच, चंद दिनों में फ्लॉप
नगर निगम ने पहली बार जून 2016 में पार्किंग ऐप शुरू किया था। तत्कालीन सीएम वीरभद्र सिंह से इस ऐप को लांच करवाया गया। शिमला पार्किंग ऐप नाम से तैयार इस एप्लीकेशन को लेकर दावा किया गया कि सैलानी कहीं से भी शहर में अपनी पार्किंग बुक करवा सकते हैं। ऐप में पार्किंग के रेट, टाइमिंग और शिकायत संबंधी दिशा निर्देश प्रदर्शित किए गए थे। कई पार्किंग संचालकों को ये ऐप चलाने की ट्रेनिंग भी दी गई। लेकिन मनमानी करने के लिए संचालकों ने इसे बंद कर दिया। बहाना बनाया कि ऐप काम नहीं कर रहा। साथ ही कहा कि सैलानी ऐप की बजाय रसीद काटकर ही फीस देना चाहते हैं। ज्यादातर पार्किंग में ऐप चंद दिनों में ही बंद हो गया।
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