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कुल्लू में बादल फटने से कई इलाके जलमग्न, सेना ने 19 लोगों को हेलीकॉप्टर से किया रेस्क्यू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कुल्लू
Updated Sun, 23 Sep 2018 10:09 PM IST
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भारतीय सेना
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कुल्लू में तीन जगह बादल फटने और दो दिन से भारी बारिश के चलते आधे हिमाचल में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। कई जगह तीन फीट तक पानी भर गया है। कुल्लू, चंबा और मंडी जिले में खतरनाक हालात हैं। कुल्लू जिला प्रशासन के अनुसार फोजल, धुंधी और लगवैली में बादल फटने से ब्यास का जलस्तर बहुत ज्यादा बढ़ गया। इससे कुल्लू में दो ट्रक बह गए हैं।
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ओट के पास दवाड़ा में नेशनल हाईवे पर दिन को और फिर शाम को पानी आने से यातायात बाधित रहा। वहीं पानी खतरे के निशान के ऊपर होने पर मंडी के पंडोह, लारजी, कांगड़ा के सानन और चंबा के चमेरा डैम के गेट खोलने पड़े। इससे भी ब्यास और रावी नदी में बाढ़ आ गई, जिससे निचले रिहायशी इलाकों में पानी भर गया। जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट घोषित कर नौ जिलों कुल्लू, मंडी, चंबा, सिरमौर, कांगड़ा, हमीरपुर, लाहौल, बिलासपुर और किन्नौर के स्कूलों में सोमवार की छुट्टी घोषित कर दी है।
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बादल फटने से रविवार को कुल्लू जिले के कई इलाकों में जल प्रलय जैसे हालात बन गए। प्रशासन ने एनडीआरएफ को मदद के लिए बुला लिया। मनाली के डोभी में 19 लोग घरों में फंस गए। नाले का पानी दोनों ओर से आ गया। सेना के हेलीकॉप्टर ने कड़ी मशक्कत से लोगों को निकाला। मनाली में एक वोल्वो और ट्रक बह गए। मनाली से मंडी तक ब्यास किनारे बाढ़ जैसे हालात हैं। कुल्लू में ब्यास किनारे यूनियन के खड़े कई ट्रक पानी में डूब गए।
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पतलीकूहल में बाजार और घरों में तीन फीट तक पानी भर गया। चंबा में रावी नदी के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए दुर्गेठी, राख, धरवाला, परेल, शीतला ब्रिज, बालू, तड़ोली में मकानों को खाली करवाया गया। जवाहर नवोदय विद्यालय सरोल में रह रहे विद्यार्थियों को दूसरे संस्थानों में शिफ्ट किया गया। तीन पुल बह गए, दो में दरारें आ गईं। कांगड़ा से लौट रहे भेड़पालकों के 300 मवेशी बाढ़ में बह गए। ब्यास किनारे मंडी के कई इलाकों में पानी भर गया है। लोग सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए हैं। लारजी और शानन परियोजना में बिजली उत्पादन पानी में सिल्ट बढ़ने के कारण बंद हो गया है। किन्नौर की सांगला का देश-दुनिया से संपर्क कट गया है।