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मीटर किसी का, रीडिंग किसी की=15 गुना ज्यादा बिल, धांधली की आशंका

Sun, 24 Feb 2019 11:43 AM IST
ashok chauhan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: ashok chauhan Updated Sun, 24 Feb 2019 11:43 AM IST
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handedness in water bills of mc shimla

 शहर में नगर निगम के अधीन पानी की आपूर्ति का जिम्मा संभाल रही शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड (एसजेपीएनएल) कंपनी ने लोगों को मनमाने बिल जारी कर दिए हैं। बिलों में अकाउंट नंबर किसी और का है, मीटर नंबर किसी और उपभोक्ता का है।

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यही नहीं मीटर रीडिंग किसी और ही उपभोक्ता की दर्शा रखी है। शहर के लोगों को पानी की खपत के मुकाबले 15 गुणा तक अधिक बिल जारी कर दिए हैं। इन बिलों को देखकर लोगों के होश उड़ गए हैं।
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काम धंधा छोड़कर लोग बिल ठीक करवाने कंपनी के दफ्तरों की ओर भाग रहे हैं। अब तक करीब 5000 बिलों में गड़बड़ी सामने आ चुकी है। रोजाना लोग शिकायतें लेकर कंपनी के दफ्तर में पहुंच रहे हैं।

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2116658 मीटर नंबर का बिल जारी कर दिया

handedness in water bills of mc shimla
शनिवार को सब्जी मंडी स्टोर स्थित कंपनी के कार्यालय में पानी बिल दुरुस्त करने पहुंची प्रिया शर्मा ने बताया कि उनका पानी बिल अकाउंट नंबर 4959 है उनके घर पर लगे पानी के मीटर का नंबर 2114022 है, लेकिन कंपनी ने उन्हें 2116658 मीटर नंबर का बिल जारी कर दिया है।

इस बिल में अप्रैल 2018 से अगस्त 2018 तक पानी की खपत 122000 दर्शाई गई है। हकीकत में जिस मीटर से इन्हें पानी की सप्लाई होती है उसमें 21 फरवरी 2019 को रीडिंग 0008107 प्रदर्शित है। कंपनी ने उन्हें खपत के मुकाबले 15 गुणा अधिक बिल थमा दिया है।

उन्होंने जब इसे लेकर कंपनी के कार्यालय में शिकायत की तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। पानी के बिलों में गड़बड़ी के चलते शहर के लोग दफ्तरों से छुट्टी लेकर एसजेपीएनएल के दफ्तरों में लगी कतारों में धक्के खा रहे हैं।

इन दिनों स्कूलों में बच्चों की एडमिशन का दौर चल रहा है इस पर पानी के भारी भरकम गलत बिलों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। अभिभावक सारा काम छोड़ कर एसजेपीएनएल के दफ्तरों में पानी बिल दुरुस्त करने के लिए भाग रहे हैं।

 

बिलों को दुरुस्त करने में लगी है टीम : गिल

शहर में पानी के कनेक्शनों और मीटरों का कोई डाटाबेस ही नहीं था। पहले फ्लैट रेट पर बिल जारी होते थे। डाटा मैच न होने के कारण बिलों में गलती सामने आ रही है। ऐसे करीब 5000 मामले सामने आ चुके हैं। बिलों को दुरुस्त करने के लिए एक टीम काम कर रही है। नये साफ्टवेयर में सही डाटा फीड किया जा रहा है। मार्च में जारी होने वाले बिलों में गलतियां नहीं होंगी। एसएमएस पर बिल जारी होंगे और पेमेंट लिंक भी इसी में होगा।
- धर्मेंद्र गिल सीईओ, एसजेपीएनएल

टूटीकंडी में घरों तक नहीं पहुंचाए बिल, दुकानों में छोड़ दिए
शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड की लापरवाही का खामियाजा भी उपभोक्ताओं को उठाना पड़ रहा है। नगर निगम के टूटीकंडी वार्ड के तहत पांजड़ी में कई लोगों को पानी के बिल नहीं मिले हैं। लोगों का कहना है कि उनके बिल किसी दुकान में छोड़ दिए गए थे जो अब उन्हें नहीं मिल पा रहे हैं। बिलों के लिए लोगों को एसजेपीएनएल के कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
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