चौंकाने वाला खुलासा, दलाईलामा को 18 देशों से आ रहा इतना पैसा
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धर्मगुरु दलाईलामा के नाम पर निर्वासित तिब्बतियों को इस साल के शुरुआती तीन महीनों में 18 देशों से पैसा मिला है। यह धन दलाईलामा केंद्रीय तिब्बत राहत कमेटी को 22 विदेशी संस्थाओं और 16 विदेशी नागरिकों ने भेजा है। मददगारों में फ्रांस, इटली और अमेरिका की संस्थाएं और लोग आगे हैं। जनवरी से मार्च 2016 तक धर्मशाला में इस कमेटी को सवा तीन करोड़ रुपये से अधिक धन मिला है। विदेशों से मदद का ये सिलसिला लंबे वक्त से जारी है।
गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2016 के जनवरी से लेकर मार्च अंत तक कुल 18 देशों की संस्थाओं और लोगों ने दलाईलामा के नाम पर इस कमेटी को आर्थिक मदद भेजी है। हालांकि, इनमें भारत की दो संस्थाएं भी शामिल हैं। बाहरी देशों में ये मददगार फ्रांस, इटली, यूएसए, जर्मनी, कनाडा, आस्ट्रिया, स्पेन, यूके, न्यूयॉर्क, पोलैंड, डेनमार्क, मलेशिया, न्यूजीलैंड, चेक रिपब्लिक, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड और स्वाजिलैंड में हैं।
भारत सहित कुल 18 देशों के लोगों या संस्थाओं ने कुल 3,32,52,221.93 करोड़ रुपये की मदद भेजी है। दलाईलामा केंद्रीय तिब्बत राहत कमेटी का कार्यालय हिमाचल के धर्मशाला में केंद्रीय तिब्बती सचिवालय में है। गृह मंत्रालय को ये आंकड़े खुद इसी कमेटी ने दिए हैं। मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2015-16 की अंतिम तिमाही का विवरण तलब किया था। हालांकि, इन मददगारों में विदेशों में स्थित कुछ तिब्बती संस्थाएं भी शामिल हैं।
ये हैं सबसे बड़े मददगार
फ्रांस की त्रिनले जिंपा एसोसिएशन ने 25.44 लाख, विमाला एसोसिएशन इटली ने 53.65 लाख, यूएसए से लामा रिंपोंछे ने 23.21 लाख, यूएसए से तिब्बत फंड से 92,420 रुपये, इटली से ऑटोनॉमस प्रोविंस ऑफ टरेंटो ने 20.86 लाख, फ्रांस से मैसन डेस
हिमालया ने 11.71 लाख रुपये, फ्रांस से ही डेनियल एस्क्लेयर ने 4,23,035 रुपये और डोरिस बारिली ने 3,63,187 रुपये भेजे हैं। डेनमार्क से तबेत चेरिटी ने 4,42,390 रुपये और कनाडा से हेल्प एज ओटावा 2,21,974 रुपये की आर्थिक सहायता भेजी है। फ्रांस से सबसे ज्यादा 10, इटली से 6 और यूएसए से 5 अलग-अलग संस्थाओं या लोगों ने आर्थिक मदद भेजी है।