कचरा मुक्त शहर बना शिमला, स्वच्छता रैंकिंग में होगा फायदा
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स्मोक फ्री सिटी बनने के बाद अब शिमला शहर को कचरा मुक्त शहर भी घोषित कर दिया गया। नगर निगम के विशेष सदन में बुधवार को पार्षदों की मंजूरी के बाद इसकी घोषणा की गई। आयुक्त पंकज राय ने बताया कि इस दावे पर शहरवासियों की आपत्तियां मांगी थीं लेकिन एक भी आपत्ति नहीं आई। ऐसे में शहर को गारबेज फ्री सिटी घोषित किया जा सकता है। इससे स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग में भी शहर को बेहतर अंक मिलेंगे। हालांकि, इस दौरान विकासनगर पार्षद रचना ने सवाल भी उठाए। कहा कि उनके वार्ड में सैकड़ों घरों से कचरा नहीं उठ रहा। जंगल और नाले कचरे से भरे पड़े हैं। कुछ पार्षदों ने कहा कि डिप्टी मेयर के वार्ड के भी यही हाल है। आयुक्त ने कहा कि इस रविवार इलाके का दौरा करेंगे।
सदन में फैसला लिया गया कि शहर में चल रहे 110 सार्वजनिक शौचालयों के दोबारा टेंडर किए जाएंगे। इसमें जो भी कंपनी जिम्मा संभालेगी, उसे शौचालयों में विज्ञापन लगाने की छूट होगी। सैहबकर्मियों के लिए जूते और ड्रेस खरीदने के लिए कमेटी बनाई गई। इसमें पार्षद शैली शर्मा, दिवाकर शर्मा, बिट्टू कुमार, इंद्रजीत सिंह और शारदा चौहान को शामिल किया है। ओडीएफ प्लस प्लस को मंजूरी दी गई। पार्षद आरती चौहान ने कहा कि कूड़ा न देने वालों का बिजली-पानी काटा जाए। कर्मचारी होने के बावजूद ये लोग कूड़ा जंगल में फेंक रहे हैं जिससे गंदगी बढ़ रही है। विशेष सदन में मेयर-डिप्टी मेयर समेत सिर्फ 18 पार्षद ही पहुंचे थे।
अब पार्षद भी लगा सकेंगे पैनल्टी
नगर निगम के पार्षद अपने अपने वार्ड में शौचालय की सफाई व्यवस्था चेक करेंगे। इस दौरान यदि व्यवस्था ठीक नहीं मिलती है तो पार्षद एक हजार रुपये की पैनल्टी संचालक को लगा सकेंगे। पार्षदों को जुर्माना लगाने की शक्तियां देने पर भी सदन ने सहमति जताई।
ऐसे बेहतर होगी सफाई व्यवस्था
प्लास्टिक कचरा खरीदेगा निगम, बाजार से ज्यादा पैसा देगा
शौचालयों में 24 घंटे रहेगी सफाई, कर्मचारियों को आवास देगा एमसी
शौचालय चलाने वाली कंपनी से अब नहीं लेंगे कोई पैसा
हर शनिवार जंगलों, नालों की सफाई करेंगे कर्मचारी
बाजारों के शौचालयों के बाहर लगेंगे फूल के गमले
सफाई कर्मियों के लिए 28 फरवरी से हेल्थ कैंप लगेगा
संवेदनशील जगहों पर लगेंगे कैमरे, फेंसिंग भी होगी
नगर निगम की टीम को मिली वाहवाही
बर्फबारी के दौरान शहर में चलाए गए राहत कार्यों पर पार्षदों ने आयुक्त पंकज राय की अगुवाई वाली निगम टीम की पीठ थपथपाई। पार्षद अर्चना धवन ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ जब चंद घंटों में ही सारे रास्ते और सड़कें बहाल कर दिए गए। महापौर ने कहा कि बेहतर काम करने वाले सम्मानित होने चाहिए। बाद में फैसला लिया गया कि बेहतर काम करने वाले कर्मचारियों को हर साल सम्मानित किया जाएगा।
न्यू शिमला सबसे साफ सुथरा
आयुक्त ने सफाई व्यवस्था चेक करने के लिए पार्षदों से भी अपील की। कहा कि जहां कचरा फेंका जा रहा है, उन जगहों की सूची निगम को दें। न्यू शिमला पार्षद कुसुमलता ठाकुर ने कहा कि उनके वार्ड में कई सोसायटी हैं जो सफाई व्यवस्था में मदद कर रही हैं। आयुक्त ने कहा कि न्यू शिमला शहर का सबसे स्वच्छ वार्ड है। दूसरे वार्ड इससे सीख सकते हैं।