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रसूखदारों के आगे पुलिस अभियान फेल, लगा लंबा जाम
Updated Sat, 09 Dec 2017 10:18 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। अवैध पार्किंग करने वालों के खिलाफ डंडा चलाने वाली शिमला पुलिस का अभियान रसूखदारों के आगे ठंडा पड़ गया। आम जनता की गाड़ियां उठवाकर पीठ थपथपा रही स्मार्ट पुलिस इन्हें हटाना तो दूर, चालान तक काटने की हिम्मत नहीं जुटा पाई।
पुलिस की नाकामी का यह नजारा शनिवार को हिमलैंड में देखने को मिला। स्कूल के एक कार्यक्रम के चलते यहां दर्जनों गाड़ियां घंटों तक अवैध तरीके से सड़क के दोनों ओर खड़ी रहीं। इनमें कई प्राइवेट टैक्सियां थीं तो कई सरकारी महकमों के अफसरों की भी थीं। सुबह साढ़े नौ से लेकर 11 बजे तक ये गाड़ियां बेतरतीब तरीके से यहीं पार्क रहीं। हैरानी की बात यह थी कि अवैध पार्किंग करने वालों की गाड़ियां उठवाने का दावा करने वाली पुलिस मौके से नदारद थी। अवैध पार्किंग से सड़क इतनी तंग हो गई कि शिमला आ रही एचआरटीसी की बस ने संजौली जा रही प्राइवेट बस को टक्कर मार दी। इसके बाद सर्कुलर रोड पर करीब एक घंटे तक लंबा जाम लगा रहा। करीब साढ़े 10 बजे महिला पुलिस कर्मी मौके पर पहुंची।
चालकों में कहासुनी, लोग परेशान
दोनों बसों के चालकों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। प्राइवेट बस के चालक का कहना था कि उसकी खड़ी बस को टक्कर मारी गई। इससे चालक की खिड़की का लॉक टूट गया, जबकि बस में खरोंचे भी लग गईं। वहीं, एचआरटीसी बस का चालक भी गलती मानने को तैयार न था। उसने कहा कि सड़क तंग होने के चलते यह हादसा हुआ। बाद में पुलिस ने दोनों को शांत किया और करीब 11 बजे के बाद यातायात सुचारु किया। लंबा जाम लगने से दफ्तरों को निकले लोग करीब एक घंटा देरी से काम पर पहुंचे। वहीं, कई एंबुलेंस भी जाम में फंसी रहीं। लोगों ने सवाल खड़े किए कि जब पुलिस आम शहरियों के चालान काटती है तो फिर स्कूल के सामने अवैध पार्किंग करने वाले अफसरों और टैक्सी चालकों पर क्यों मेहरबानी दिखाती है?
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क्या कहते हैं डीएसपी ट्रैफिक
बस की टक्कर के चलते थोड़ी देर के लिए जाम लगा था। बाद में पुलिस ने तुरंत यातायात बहाल करवा दिया। पुलिस उन सभी के चालान कर रही है जो अवैध पार्किंग कर रहे हैं। चाहे वो आम शहरी हो या अफसरों की गाड़ियां। पुलिस यातायात सुचारु कर रही है।
चमनलाल, डीएसपी ट्रैफिक
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शिमला। अवैध पार्किंग करने वालों के खिलाफ डंडा चलाने वाली शिमला पुलिस का अभियान रसूखदारों के आगे ठंडा पड़ गया। आम जनता की गाड़ियां उठवाकर पीठ थपथपा रही स्मार्ट पुलिस इन्हें हटाना तो दूर, चालान तक काटने की हिम्मत नहीं जुटा पाई।
पुलिस की नाकामी का यह नजारा शनिवार को हिमलैंड में देखने को मिला। स्कूल के एक कार्यक्रम के चलते यहां दर्जनों गाड़ियां घंटों तक अवैध तरीके से सड़क के दोनों ओर खड़ी रहीं। इनमें कई प्राइवेट टैक्सियां थीं तो कई सरकारी महकमों के अफसरों की भी थीं। सुबह साढ़े नौ से लेकर 11 बजे तक ये गाड़ियां बेतरतीब तरीके से यहीं पार्क रहीं। हैरानी की बात यह थी कि अवैध पार्किंग करने वालों की गाड़ियां उठवाने का दावा करने वाली पुलिस मौके से नदारद थी। अवैध पार्किंग से सड़क इतनी तंग हो गई कि शिमला आ रही एचआरटीसी की बस ने संजौली जा रही प्राइवेट बस को टक्कर मार दी। इसके बाद सर्कुलर रोड पर करीब एक घंटे तक लंबा जाम लगा रहा। करीब साढ़े 10 बजे महिला पुलिस कर्मी मौके पर पहुंची।
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चालकों में कहासुनी, लोग परेशान
दोनों बसों के चालकों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। प्राइवेट बस के चालक का कहना था कि उसकी खड़ी बस को टक्कर मारी गई। इससे चालक की खिड़की का लॉक टूट गया, जबकि बस में खरोंचे भी लग गईं। वहीं, एचआरटीसी बस का चालक भी गलती मानने को तैयार न था। उसने कहा कि सड़क तंग होने के चलते यह हादसा हुआ। बाद में पुलिस ने दोनों को शांत किया और करीब 11 बजे के बाद यातायात सुचारु किया। लंबा जाम लगने से दफ्तरों को निकले लोग करीब एक घंटा देरी से काम पर पहुंचे। वहीं, कई एंबुलेंस भी जाम में फंसी रहीं। लोगों ने सवाल खड़े किए कि जब पुलिस आम शहरियों के चालान काटती है तो फिर स्कूल के सामने अवैध पार्किंग करने वाले अफसरों और टैक्सी चालकों पर क्यों मेहरबानी दिखाती है?
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क्या कहते हैं डीएसपी ट्रैफिक
बस की टक्कर के चलते थोड़ी देर के लिए जाम लगा था। बाद में पुलिस ने तुरंत यातायात बहाल करवा दिया। पुलिस उन सभी के चालान कर रही है जो अवैध पार्किंग कर रहे हैं। चाहे वो आम शहरी हो या अफसरों की गाड़ियां। पुलिस यातायात सुचारु कर रही है।
चमनलाल, डीएसपी ट्रैफिक