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सहकारिता विभाग ने एक लाख किसानों को थमाया नोटिस

Sat, 10 Jun 2017 12:48 AM IST
Updated Sat, 10 Jun 2017 12:48 AM IST
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सहकारिता विभाग ने एक लाख किसानों को थमाया नोटिस
एक लाख किसानों को थमाया नोटिस
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रामपुर (ब्यूरो)। एक तरफ ऋण माफी का शासनादेश जारी होने के बाद योगी सरकार किसानों को राहत देने की बात कर रही है वहीं सहकारिता विभाग ने वसूली के लिए किसानों पर शिकंजा कस दिया है। ऋण की अदायगी के लिए एक लाख से ज्यादा किसानों को नोटिस जारी किए हैं। साथ ही सहकारिता विभाग के कर्मचारियों को वसूली के लिए गांवों में दौड़ा दिया गया है। कर्मचारी किसानों पर ऋण जमा करने के लिए दबाव डाल रहे हैं।
जिला सहकारी बैंक सहकारी समितियों से जरिए किसानों को कम ब्याज पर फसली ऋण मुहैया कराती है। पिछले रबी और खरीफ सीजन में जो ऋण बांटा गया था उसकी 30 जून तक वसूली की जानी है। सहकारिता विभाग को चालू वित्त वर्ष में डिमांड के मुताबिक 376 करोड़ रुपये की वसूली करनी है। इसके सापेक्ष अब तक सिर्फ 52 करोड़ रुपये की ही वसूली हो सकी है। सत्ता पर काबिज होते ही योगी सरकार ने लघु सीमांत किसानों का एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ करने की घोषणा की थी। इसलिए किसानों ने ऋण की अदायगी से हाथ खींच लिया था।
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ऋण माफी का शासादेश जारी हो चुका है। उसके मुताबिक 62 करोड़ के करीब 20 हजार किसान ही ऋण माफी में आ रहे हैं। बाकी एक लाख से ज्यादा किसानों को 314 करोड़ रुपये का ऋण 30 जून तक अदा करना है। शासनादेश जारी होने के बाद सहकारिता विभाग ने एक लाख से ज्यादा किसानों को नोटिस जारी किया है। उसमें 30 जून तक ऋण की अदायगी करने को कहा है। किसानों को चेताया गया है कि अगर समय से ऋण की अदायगी नहीं की तो उन्हें बकायेदारों की लिस्ट में डाल दिया जाएगा। किसान नेताओं ने नोटिस का विरोध शुरू कर दिया है।
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