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राजधानी में खतरा बने 197 पेड़ों को सरकार नहीं दे रही काटने की मंजूरी
Wed, 26 Jun 2019 11:29 AM IST
शिमला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 26 Jun 2019 11:29 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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प्री मानसून की पहली बौछार से ही शहर के भराड़ी इलाके में एक पेड़ रिहायशी मकान पर ढह गया। यह पेड़ कई सालों से खतरा बनकर मंडरा रहा था लेकिन शिकायत के बावजूद इसे नहीं काटा गया। खामियाजा भवन मालिक को भुगतना पड़ा। इस घटना के बाद सैकड़ों शहरवासी चिंता में पड़ गए हैं क्योंकि शहर में ऐसे 197 पेड़ खतरा बनकर खड़े हैं। छह महीने से इनकी फाइल सरकार के पास पड़ी है।
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लेकिन इन्हें काटने की मंजूरी नहीं मिल रही। बरसात के मौसम में इनसे भारी तबाही हो सकती है। नगर निगम की ट्री कमेटी ने पिछले साल लोगों के आवेदन पर शहर में खतरनाक पेड़ों को चिन्हित किया था। 4 दिसंबर 2018 को 172 खतरनाक पेड़ों को काटने, लॉपिंग करने की फाइल सरकार को भेजी गई। लेकिन यह मामला कैबिनेट की बैठक में नहीं लग पाया। बर्फबारी के दौरान भी ये पेड़ खतरा बनकर मंडराते रहे। 2 फरवरी 2019 को 25 और पेड़ों की फाइल सरकार को भेजी गई। इस पर भी अब तक कोई फैसला नहीं लिया है। कैबिनेट से जब तक इन्हें काटने की मंजूरी नहीं मिलेगी, लोग इन्हें नहीं काट सकेंगे।
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कई जगह रस्सों से बांधे पेड़
काटने की अनुमति न मिलने से शहरवासियों को खतरनाक पेड़ रस्सों से बांधने पड़े हैं। कसुम्पटी में कई जगह पेड़ रस्सों से बांधे गए हैं। पार्षद राकेश चौहान ने एक साल बाद भी इन्हें काटने की अनुमति न देने पर सवाल उठाए हैं। पार्षद ने इस बार नगर निगम सदन में भी इसके सवाल लगाए हैं।
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जिम्मेदारी लेने को कोई तैयार नहीं
शहर में खतरनाक पेड़ों को चिन्हित करने का जिम्मा ट्री कमेटी का है। मेयर की अध्यक्षता वाली इस कमेटी में डीएफओ, निगम के पार्षद शामिल होते हैं। लोगों के आवेदन पर कमेटी निरीक्षण करती है और खतरनाक पाए जाने पर इन्हें चिन्हित करती है। अंतिम मंजूरी के लिए फाइल कैबिनेट में जाती है। ट्री कमेटी ने तो दौरे कर फाइल तैयार कर दी, लेकिन सरकार से इसकी मंजूरी नहीं ले पाई है।
सरकार को भेजी है फाइल
महापौर कुसुम सदरेट ने कहा कि खतरनाक पेड़ों की फाइल सरकार को भेजी है। अभी कैबिनेट से इसकी मंजूरी का इंतजार है। निगम अपने स्तर पर पेड़ों का कटान नहीं करवा सकता।
उपायुक्त के निर्देश पर टूटी अफसरों की नींद
भराड़ी में एक रिहायशी भवन में पेड़ गिरने के बाद महकमे की ओर से पीड़ित परिवार को कोई मदद नहीं मिली। सारी कोशिशें विफल होने के बाद जब डीसी अमित कश्यप को मामले से अवगत करवाया तो उन्होंने तुरंत संबंधित अधिकारियों को तत्काल रेस्क्यू टीम भेजने के निर्देश दिए उसी के बाद मौके पर टीमें पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ।