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निगम अधिकारी के खिलाफ जांच के आदेश
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नगर निगम अधिकारी के खिलाफ
सीएम कार्यालय से जांच के आदेश
अधिकारी पर शिकायतकर्ता ने लगाए हैं 20 आरोप, प्रधान सचिव को सौंपा जांच का जिम्मा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। पहले से विवादों में फंसे नगर निगम के एक अधिकारी के खिलाफ अब सरकार ने जांच के आदेश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय से 15 जून को अधिकारी के खिलाफ जांच करने के आदेश जारी हुए हैं।
मुख्यमंत्री के अतिरिक्त सचिव की ओर से शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव को इस मामले की जांच करने और गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई करने को कहा है। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री कार्यालय में अधिकारी के खिलाफ शिकायत दी थी। इस शिकायत में इस अधिकारी पर 20 से अधिक मामलों में गड़बड़ी करने के आरोप लगाए गए हैं। अधिकारी पर सरकारी वाहन का दुरुपयोग करने, प्रमोशन लेने, कई मामलों में गड़बड़ी करने के आरोप लगाए हैं। अधिकारी पर पहले से कुछेक मामलों में जांच भी चल रही है। इनमें एक मामले की जांच नगर निगम आयुक्त और दूसरे मामले की शहरी विकास विभाग के निदेशक कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी मामले पर रिपोर्ट नहीं आई है। इस बार शिकायतकर्ता पवन कुमार ने जो आरोप लगाए हैं, वह कितने सही है, इसका पता जांच के बाद चलेगा।
पार्षद भी सदन में उठा चुके हैं मामला
अधिकारी के खिलाफ नगर निगम पार्षद भी मोर्चा खोलते रहे हैं। एमसी सदन में न आने को लेकर सवाल उठने पर निगम आयुक्त ने अधिकारी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। अधिकारी पर नगर निगम के बालूगंज स्थित पड़ाव से गोबर के ट्रक मांगने के भी आरोप लगे हैं जिसकी जांच चल रही है।
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सीएम कार्यालय से जांच के आदेश
अधिकारी पर शिकायतकर्ता ने लगाए हैं 20 आरोप, प्रधान सचिव को सौंपा जांच का जिम्मा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। पहले से विवादों में फंसे नगर निगम के एक अधिकारी के खिलाफ अब सरकार ने जांच के आदेश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय से 15 जून को अधिकारी के खिलाफ जांच करने के आदेश जारी हुए हैं।
मुख्यमंत्री के अतिरिक्त सचिव की ओर से शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव को इस मामले की जांच करने और गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई करने को कहा है। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री कार्यालय में अधिकारी के खिलाफ शिकायत दी थी। इस शिकायत में इस अधिकारी पर 20 से अधिक मामलों में गड़बड़ी करने के आरोप लगाए गए हैं। अधिकारी पर सरकारी वाहन का दुरुपयोग करने, प्रमोशन लेने, कई मामलों में गड़बड़ी करने के आरोप लगाए हैं। अधिकारी पर पहले से कुछेक मामलों में जांच भी चल रही है। इनमें एक मामले की जांच नगर निगम आयुक्त और दूसरे मामले की शहरी विकास विभाग के निदेशक कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी मामले पर रिपोर्ट नहीं आई है। इस बार शिकायतकर्ता पवन कुमार ने जो आरोप लगाए हैं, वह कितने सही है, इसका पता जांच के बाद चलेगा।
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पार्षद भी सदन में उठा चुके हैं मामला
अधिकारी के खिलाफ नगर निगम पार्षद भी मोर्चा खोलते रहे हैं। एमसी सदन में न आने को लेकर सवाल उठने पर निगम आयुक्त ने अधिकारी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। अधिकारी पर नगर निगम के बालूगंज स्थित पड़ाव से गोबर के ट्रक मांगने के भी आरोप लगे हैं जिसकी जांच चल रही है।
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