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सर्वे को शिमला पहुंची टीम, पर हालात अभी भी बदतर
Updated Thu, 15 Feb 2018 10:20 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। स्वच्छ भारत मिशन में स्वच्छ सर्वेक्षण- 2018 के लिए वीरवार को शहरी विकास मंत्रालय की तीन सदस्यीय टीम शिमला पहुंच गई। पहले दिन टीम ने नगर निगम कार्यालय में रिकॉर्ड की जांच की। नगर निगम की ओर से टीम के सदस्यों को आशियाना में लंच करवाया गया।
स्वच्छता सर्वेक्षण में टीम के सदस्य शहर के चुनिंदा वार्डों में जाकर सफाई व्यवस्था का जायजा लेंगे। शहर के लोगों से भी सफाई व्यवस्था को लेकर फीडबैक ली जाएगी। इस बार देश के 4041 शहरों और कस्बों में स्वच्छता सर्वेक्षण करवाया जा रहा है। बीते साल 500 शहरों के स्वच्छता सर्वेक्षण में शिमला 47 वें स्थान पर रहा है।
केंद्र सरकार ने स्वच्छता सेवाओं में सुधार, नागरिकों के जुड़ाव तथा जमीनी स्तर पर नजर आने वाले प्रभावों के आधार पर शहरों और कस्बों की स्वच्छता रैंकिंग के लिए स्वच्छ सर्वेक्षण शुरू किया है। इस बार सर्वेक्षण की एक खास बात यह है कि नेगेटिव अंकों का भी प्रावधान है। अगर शहरी निकाय की ओर से किए गए दावे सर्वे के दौरान गलत पाए जाते हैं तो मानदंडों के संदर्भ में जीरो अंक के अलावा 35 निगेटिव अंक भी दिए जाएंगे। सर्वेक्षण के परिणाम अगले वर्ष मार्च माह में घोषित होंगे। सर्वेक्षण के अंतर्गत कुल 4000 अंकों के लिए विभिन्न वेटेज के साथ 71 स्वच्छता संबंधी मानदंडों के आधार पर शहरों की रैंकिंग होगी।
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शिमला की स्वच्छता रेटिंग में होगा सुधार
पूरी उम्मीद है कि इस बार शिमला शहर की रेटिंग में सुधार होगा। सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए नगर निगम की ओर से हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। हर रविवार को विशेष सफाई अभियान भी चलाया जा रहा है।
- कुसुम सदरेट, मेयर, नगर निगम, शिमला।
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सफाई व्यवस्था बदहाल, गंदगी से भरे नाले
केंद्र सरकार की टीम स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए शिमला पहुंच चुकी है। कल से टीम के सदस्य शहर के वार्डों का निरीक्षण करेंगे। बावजूद इसके भाजपा शासित नगर निगम शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर चिंतित नहीं है। शहर के नाले गंदगी से भरे पड़े हैं। पहाड़ियों की ढलानों पर भी कचरा बिखरा पड़ा है। कई वार्डों में डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन योजना हांफी हुई है। घरों से कूड़ा न उठने के कारण लोग खुले में कूड़ा ठिकाने लगा रहे हैं। शहर के पाश इलाके मालरोड से नगर निगम की कूड़ा उठाने वाली गाड़ी दोपहर के समय कचरा उठाती है। शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था का असर शिमला की स्वच्छता रेटिंग पर पड़ सकता है।
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शहर के वार्डों से सफाई व्यवस्था का आंखाें देखा हॉल
कृष्णानगर
मालरोड
रुल्दूभट्टा
लक्कड़ बाजार
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शिमला। स्वच्छ भारत मिशन में स्वच्छ सर्वेक्षण- 2018 के लिए वीरवार को शहरी विकास मंत्रालय की तीन सदस्यीय टीम शिमला पहुंच गई। पहले दिन टीम ने नगर निगम कार्यालय में रिकॉर्ड की जांच की। नगर निगम की ओर से टीम के सदस्यों को आशियाना में लंच करवाया गया।
स्वच्छता सर्वेक्षण में टीम के सदस्य शहर के चुनिंदा वार्डों में जाकर सफाई व्यवस्था का जायजा लेंगे। शहर के लोगों से भी सफाई व्यवस्था को लेकर फीडबैक ली जाएगी। इस बार देश के 4041 शहरों और कस्बों में स्वच्छता सर्वेक्षण करवाया जा रहा है। बीते साल 500 शहरों के स्वच्छता सर्वेक्षण में शिमला 47 वें स्थान पर रहा है।
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केंद्र सरकार ने स्वच्छता सेवाओं में सुधार, नागरिकों के जुड़ाव तथा जमीनी स्तर पर नजर आने वाले प्रभावों के आधार पर शहरों और कस्बों की स्वच्छता रैंकिंग के लिए स्वच्छ सर्वेक्षण शुरू किया है। इस बार सर्वेक्षण की एक खास बात यह है कि नेगेटिव अंकों का भी प्रावधान है। अगर शहरी निकाय की ओर से किए गए दावे सर्वे के दौरान गलत पाए जाते हैं तो मानदंडों के संदर्भ में जीरो अंक के अलावा 35 निगेटिव अंक भी दिए जाएंगे। सर्वेक्षण के परिणाम अगले वर्ष मार्च माह में घोषित होंगे। सर्वेक्षण के अंतर्गत कुल 4000 अंकों के लिए विभिन्न वेटेज के साथ 71 स्वच्छता संबंधी मानदंडों के आधार पर शहरों की रैंकिंग होगी।
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शिमला की स्वच्छता रेटिंग में होगा सुधार
पूरी उम्मीद है कि इस बार शिमला शहर की रेटिंग में सुधार होगा। सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए नगर निगम की ओर से हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। हर रविवार को विशेष सफाई अभियान भी चलाया जा रहा है।
- कुसुम सदरेट, मेयर, नगर निगम, शिमला।
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सफाई व्यवस्था बदहाल, गंदगी से भरे नाले
केंद्र सरकार की टीम स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए शिमला पहुंच चुकी है। कल से टीम के सदस्य शहर के वार्डों का निरीक्षण करेंगे। बावजूद इसके भाजपा शासित नगर निगम शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर चिंतित नहीं है। शहर के नाले गंदगी से भरे पड़े हैं। पहाड़ियों की ढलानों पर भी कचरा बिखरा पड़ा है। कई वार्डों में डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन योजना हांफी हुई है। घरों से कूड़ा न उठने के कारण लोग खुले में कूड़ा ठिकाने लगा रहे हैं। शहर के पाश इलाके मालरोड से नगर निगम की कूड़ा उठाने वाली गाड़ी दोपहर के समय कचरा उठाती है। शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था का असर शिमला की स्वच्छता रेटिंग पर पड़ सकता है।
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शहर के वार्डों से सफाई व्यवस्था का आंखाें देखा हॉल
कृष्णानगर
मालरोड
रुल्दूभट्टा
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