{"_id":"5c587565bdec22738f51f7ac","slug":"141549301093-shimla-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईजीएमसी का कर्मचारी आया स्वाइन फ्लू की चपेट में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईजीएमसी का कर्मचारी आया स्वाइन फ्लू की चपेट में
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आईजीएमसी का कर्मचारी स्वाइन
फ्लू का शिकार, महकमे में हड़कंप
कॉलेज के स्टाफ में खौफ का माहौल, प्रबंधन ने दिए टीकाकरण करने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला के एक कर्मचारी के स्वाइन फ्लू की चपेट में आने से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। यही नहीं इस मामले की पुष्टि के बाद अन्य कर्मचारियों में खौफ का माहौल है। सोमवार को अस्पताल में हर तीसरा व्यक्ति मास्क में नजर आया। हैरत इस बात की है कि अस्पताल प्रबंधन ने काफी पहले कर्मचारियों को लेकर एडवाइजरी जारी कर दी थी। लेकिन इसके बावजूद कर्मचारी का इस रोग की चपेट में आ गया। अब अस्पताल प्रबंधन ने सोमवार को दोबारा हिदायत जारी की है कि कोई भी कर्मचारी और चिकित्सक बिना मास्क के वार्डों का दौरा न करें। यही नहीं बाहर से आने वाले अन्य मरीज भी बिना मास्क के अस्पताल में प्रवेश न करें। साथ ही कर्मचारियों के टीकाकरण के आदेश भी अस्पताल प्रबंधन ने दिए। अस्पताल के कुछ विभागों में यह टीकाकरण मंगलवार को किया जाएगा ताकि स्वाइन फ्लू और कर्मचारियों में न फैले।
स्वाइन फ्लू के बढ़ रहे मामलों से आईजीएमसी में एक तरह से अब खौफ का माहौल बनने लगा है। हर रोज तीन से चार मामले स्वाइन फ्लू के आ रहे हैं। आईजीएमसी प्रबंधन ने चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों को मास्क का इस्तेमाल करने की हिदायत दी है। साथ ही ठंड से बचने को कहा है। निर्देश दिए हैं कि जुकाम-बुखार और अन्य लक्षण सामने आने पर स्वास्थ्य जांच जरूर करवाएं ताकि समय रहते उपचार दिया जा सके। वार्डों में जाने पर मास्क का इस्तेमाल जरूर करें। अस्पताल से घर लौटने पर अच्छी तरह हाथ मुंह धो लें ताकि आपकी वजह से घर का कोई सदस्य इस बीमारी की चपेट में न आए। मरीज को आईसोलेशन वार्ड में रखा है। मरीज की 24 घंटे डॉक्टरों की निगरानी में मॉनीटरिंग चल रही है।
कर्मचारी के स्वाइन फ्लू के चपेट में आने के बाद आईजीएमसी प्रबंधन ने कर्मचारियों को हर हाल में मास्क का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को अस्पताल में शिमला, मंडी और नाहन से स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मामलों के चलते आठ सैंपल जांच के लिए लैब भेजे हैं। इनमें शिमला से 8, मंडी से 2 और नाहन से एक सैंपल आया है।
विज्ञापन
चार और मामले पॉजिटिव
शिमला। स्वाइन फ्लू के अस्पताल में चार और मामले पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें आईजीएमसी में दाखिल ओच्छघाट, धर्मपुर और कुल्लू के दाखिल मरीज के अलावा मंडी से भेजे सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। आईजीएमसी में अब तक सात मौतें स्वाइन फ्लू से हो चुकी हैं। अकेले में आईजीएमसी में अभी तक 62 मामले पाजिटिव आ चुके हैं।
बीमारी के लक्षण
नींद न आना बहुत ज्यादा थकान होना
बुखार, दवा खाने के बाद भी बुखार लगातार बढ़ना
कफ और कोल्ड तथा लगातार खांसी आना
इसके अलावा अस्थमा के मरीज जिनका इलाज चल रहा हो, 5 साल से कम उम्र के बच्चों तथा डायबिटीज के मरीजों को स्वाइन फ्लू से ग्रसित मरीजों से दूर रखें।
खुद इस तरह रोकें वायरस
खाना खाने से पहले या बाहर से आने पर हाथ अच्छी तरह धोएं
पौष्टिक भोजन खाएं, बुखार पर आराम करें
खांसें तो मुंह पर हाथ या रुमाल रखें
फ्लू के सीजन में किसी से हाथ न मिलाएं
बच्चे को बुखार और कफ हो तो उसे स्कूल न जाने दें
मरीज का तौलिया और रुमाल अलग कर दें
विज्ञापन
फ्लू का शिकार, महकमे में हड़कंप
कॉलेज के स्टाफ में खौफ का माहौल, प्रबंधन ने दिए टीकाकरण करने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला के एक कर्मचारी के स्वाइन फ्लू की चपेट में आने से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। यही नहीं इस मामले की पुष्टि के बाद अन्य कर्मचारियों में खौफ का माहौल है। सोमवार को अस्पताल में हर तीसरा व्यक्ति मास्क में नजर आया। हैरत इस बात की है कि अस्पताल प्रबंधन ने काफी पहले कर्मचारियों को लेकर एडवाइजरी जारी कर दी थी। लेकिन इसके बावजूद कर्मचारी का इस रोग की चपेट में आ गया। अब अस्पताल प्रबंधन ने सोमवार को दोबारा हिदायत जारी की है कि कोई भी कर्मचारी और चिकित्सक बिना मास्क के वार्डों का दौरा न करें। यही नहीं बाहर से आने वाले अन्य मरीज भी बिना मास्क के अस्पताल में प्रवेश न करें। साथ ही कर्मचारियों के टीकाकरण के आदेश भी अस्पताल प्रबंधन ने दिए। अस्पताल के कुछ विभागों में यह टीकाकरण मंगलवार को किया जाएगा ताकि स्वाइन फ्लू और कर्मचारियों में न फैले।
स्वाइन फ्लू के बढ़ रहे मामलों से आईजीएमसी में एक तरह से अब खौफ का माहौल बनने लगा है। हर रोज तीन से चार मामले स्वाइन फ्लू के आ रहे हैं। आईजीएमसी प्रबंधन ने चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों को मास्क का इस्तेमाल करने की हिदायत दी है। साथ ही ठंड से बचने को कहा है। निर्देश दिए हैं कि जुकाम-बुखार और अन्य लक्षण सामने आने पर स्वास्थ्य जांच जरूर करवाएं ताकि समय रहते उपचार दिया जा सके। वार्डों में जाने पर मास्क का इस्तेमाल जरूर करें। अस्पताल से घर लौटने पर अच्छी तरह हाथ मुंह धो लें ताकि आपकी वजह से घर का कोई सदस्य इस बीमारी की चपेट में न आए। मरीज को आईसोलेशन वार्ड में रखा है। मरीज की 24 घंटे डॉक्टरों की निगरानी में मॉनीटरिंग चल रही है।
विज्ञापन
कर्मचारी के स्वाइन फ्लू के चपेट में आने के बाद आईजीएमसी प्रबंधन ने कर्मचारियों को हर हाल में मास्क का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को अस्पताल में शिमला, मंडी और नाहन से स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मामलों के चलते आठ सैंपल जांच के लिए लैब भेजे हैं। इनमें शिमला से 8, मंडी से 2 और नाहन से एक सैंपल आया है।
विज्ञापन
चार और मामले पॉजिटिव
शिमला। स्वाइन फ्लू के अस्पताल में चार और मामले पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें आईजीएमसी में दाखिल ओच्छघाट, धर्मपुर और कुल्लू के दाखिल मरीज के अलावा मंडी से भेजे सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। आईजीएमसी में अब तक सात मौतें स्वाइन फ्लू से हो चुकी हैं। अकेले में आईजीएमसी में अभी तक 62 मामले पाजिटिव आ चुके हैं।
बीमारी के लक्षण
नींद न आना बहुत ज्यादा थकान होना
बुखार, दवा खाने के बाद भी बुखार लगातार बढ़ना
कफ और कोल्ड तथा लगातार खांसी आना
इसके अलावा अस्थमा के मरीज जिनका इलाज चल रहा हो, 5 साल से कम उम्र के बच्चों तथा डायबिटीज के मरीजों को स्वाइन फ्लू से ग्रसित मरीजों से दूर रखें।
खुद इस तरह रोकें वायरस
खाना खाने से पहले या बाहर से आने पर हाथ अच्छी तरह धोएं
पौष्टिक भोजन खाएं, बुखार पर आराम करें
खांसें तो मुंह पर हाथ या रुमाल रखें
फ्लू के सीजन में किसी से हाथ न मिलाएं
बच्चे को बुखार और कफ हो तो उसे स्कूल न जाने दें
मरीज का तौलिया और रुमाल अलग कर दें