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दुकान के बाहर तहबाजारी बैठाए तो कटेगा बिजली पानी
Updated Wed, 29 Aug 2018 11:09 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर के बाजारों में दुकानों के बाहर तहबाजारियों को बैठाने वाले कारोबारियों पर अब निगम का डंडा चलने वाला है। ऐसे दुकानदारों की दुकानों का नगर निगम अब बिजली और पानी काट देगा।
अगले रविवार से लोअर बाजार में सजने वाली संडे मार्केट पर भी पूर्ण पाबंदी लगा दी गई है। हालांकि, इस रविवार को नगर निगम की संपदा शाखा के इंस्पेक्टर लोअर बाजार में बैठने वाले तहबाजारियों को अगले हफ्ते से न आने का अल्टीमेटम देंगे। मंगलवार को निगम आयुक्त पंकज राय की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया। इसके बारे में व्यापार मंडल से भी बातचीत कर ली गई है। बैठक में फैसला लिया गया कि शहर में अब सिर्फ वही 598 तहबाजारी बैठेंगे जो नगर निगम के पास पंजीकृत हैं। शहर में तहबाजारियों की संख्या हजारों में पहुंचने के चलते निगम को यह सख्त फैसला लेना पड़ा है। फैसले के अनुसार संडे मार्केट भी अब नहीं सजेगी। निगम का तर्क है कि संडे मार्केट लगाने के लिए 90 फीसदी तहबाजारी बाहरी राज्यों से शिमला पहुंचते हैं। इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। नोटिस के बाद नौ सितंबर को निरीक्षण के दौरान यदि कोई तहबाजारी लोअर बाजार में मिलता है तो उसका सामान जब्त कर पुलिस कार्रवाई की जाएगी।
शहर में कमाई का जरिया बन रहे तहबाजारी
शहर में दुकानदारों ने अपनी दुकानों के सामने नगर निगम की सड़क पर तहबाजारियों को बैठा कर मोटी कमाई का अतिरिक्त जरिया बना लिया है। दुकानों के बाहर तहबाजारियों को बैठाने के दैनिक किराये बाकायदा निर्धारित किए गए हैं। लोअर बाजार में जहां दुकानदार अपनी दुकान के बाहर तहबाजारी को बैठाने का एक दिन का किराया 1000 रुपये वसूल रहे हैं, वहीं उपनगरों में यह किराया 400 से 600 रुपये रोजाना निर्धारित किया गया है। गैर कानूनी तरीके से चल रहे इस धंधे पर लगाम कसने के लिए नगर निगम ने अब दुकानों का बिजली पानी काटने की सख्त कार्रवाई करने का फैसला लिया है। इसके अलावा शहर में दिन-प्रतिदिन बढ़ रही गैर पंजीकृत तहबाजारियों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए एक सितंबर से शहर के सभी 34 वार्डों में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाने का निर्णय भी लिया है।
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जनता को राहत देने के लिए लिया फैसला
बाजारों में तहबाजारियों की संख्या काफी बढ़ गई है, जिससे चलना तक मुश्किल हो रहा है। कारोबारियों से बातचीत कर ली गई है। अब सिर्फ वही 598 तहबाजारी बैठ सकेंगे जो नगर निगम से पंजीकृत हैं। बाकी पर कार्रवाई होगी।
- पंकज राय, आयुक्त नगर निगम शिमला
शिमला। शहर के बाजारों में दुकानों के बाहर तहबाजारियों को बैठाने वाले कारोबारियों पर अब निगम का डंडा चलने वाला है। ऐसे दुकानदारों की दुकानों का नगर निगम अब बिजली और पानी काट देगा।
अगले रविवार से लोअर बाजार में सजने वाली संडे मार्केट पर भी पूर्ण पाबंदी लगा दी गई है। हालांकि, इस रविवार को नगर निगम की संपदा शाखा के इंस्पेक्टर लोअर बाजार में बैठने वाले तहबाजारियों को अगले हफ्ते से न आने का अल्टीमेटम देंगे। मंगलवार को निगम आयुक्त पंकज राय की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया। इसके बारे में व्यापार मंडल से भी बातचीत कर ली गई है। बैठक में फैसला लिया गया कि शहर में अब सिर्फ वही 598 तहबाजारी बैठेंगे जो नगर निगम के पास पंजीकृत हैं। शहर में तहबाजारियों की संख्या हजारों में पहुंचने के चलते निगम को यह सख्त फैसला लेना पड़ा है। फैसले के अनुसार संडे मार्केट भी अब नहीं सजेगी। निगम का तर्क है कि संडे मार्केट लगाने के लिए 90 फीसदी तहबाजारी बाहरी राज्यों से शिमला पहुंचते हैं। इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। नोटिस के बाद नौ सितंबर को निरीक्षण के दौरान यदि कोई तहबाजारी लोअर बाजार में मिलता है तो उसका सामान जब्त कर पुलिस कार्रवाई की जाएगी।
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शहर में कमाई का जरिया बन रहे तहबाजारी
शहर में दुकानदारों ने अपनी दुकानों के सामने नगर निगम की सड़क पर तहबाजारियों को बैठा कर मोटी कमाई का अतिरिक्त जरिया बना लिया है। दुकानों के बाहर तहबाजारियों को बैठाने के दैनिक किराये बाकायदा निर्धारित किए गए हैं। लोअर बाजार में जहां दुकानदार अपनी दुकान के बाहर तहबाजारी को बैठाने का एक दिन का किराया 1000 रुपये वसूल रहे हैं, वहीं उपनगरों में यह किराया 400 से 600 रुपये रोजाना निर्धारित किया गया है। गैर कानूनी तरीके से चल रहे इस धंधे पर लगाम कसने के लिए नगर निगम ने अब दुकानों का बिजली पानी काटने की सख्त कार्रवाई करने का फैसला लिया है। इसके अलावा शहर में दिन-प्रतिदिन बढ़ रही गैर पंजीकृत तहबाजारियों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए एक सितंबर से शहर के सभी 34 वार्डों में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाने का निर्णय भी लिया है।
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जनता को राहत देने के लिए लिया फैसला
बाजारों में तहबाजारियों की संख्या काफी बढ़ गई है, जिससे चलना तक मुश्किल हो रहा है। कारोबारियों से बातचीत कर ली गई है। अब सिर्फ वही 598 तहबाजारी बैठ सकेंगे जो नगर निगम से पंजीकृत हैं। बाकी पर कार्रवाई होगी।
- पंकज राय, आयुक्त नगर निगम शिमला