{"_id":"595bce8d4f1c1bb4378b46eb","slug":"141499188877-shimla-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मरीजों पर भारी पड़ी आउटसोर्स कर्मियों की हड़ताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मरीजों पर भारी पड़ी आउटसोर्स कर्मियों की हड़ताल
Updated Tue, 04 Jul 2017 10:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। डीडीयू अस्पताल में मंगलवार को आउटसोर्स कर्मियों की हड़ताल मरीजोें पर भारी पड़ी। अस्पताल में पर्ची और टेस्ट फीस जमा करवाने वाले काउंटर बंद थे। काउंटर बंद होने के कारण मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं। ऐसे में प्रबंधन ने अपने स्तर पर पर्ची बनाने की जो सुविधा अस्पताल में दी थी। उस काउंटर पर बैठा कर्मी उस भारी भीड़ को संभाल नहीं पाया। इससे काउंटर पर बैठे कर्मी पर मरीज और तीमारदार भड़क गए। जब स्थिति तनावपूर्ण हुई तो साथ में बैठे डॉक्टर और अन्य स्टाफ को बीच में आना पड़ा। इसके बाद मामला शांत हो सका। अस्पताल में सुबह दस बजे तक इमजरेंसी गेट तक मरीजों की लंबी लाइनें लग गई थी।
करीब साढ़े दस बजे हड़ताल पर गए कर्मी लौट आए। इसके बाद सामान्य तरीके से पर्ची और टेस्ट फीस जमा हो सकी। हालांकि इस देरी के कारण ओपीडी में मरीजों को बारी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। अस्पताल की वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रंजना रॉव ने बताया कि कुछ घंटों के लिए कर्मियों ने हड़ताल की थी। बाद में काउंटर खोल दिए गए।
---
देरी से बनी पर्ची
विकासनगर के रमन आर्थो ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचे थे। पूछने पर बताया कि बताया कि पर्ची देेरी से बनी है। एक घंटे से बारी के लिए इंतजार कर रहा हूं।
---
बहुत सिरदर्द हो रहा है
शिमला के नरेंद्र ठाकुर का कहना है कि उन्हें बहुत सिरदर्द हो रहा है। इलाज के लिए आए थे। लेकिन पर्ची काउंटर बंद थे। ऐसे में काउंटर पर लंबे इंतजार के बाद ओपीडी में भी इंतजार करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
---
सरकार ने नहीं दिया कोई लाभ
जोनल अस्पताल में हड़ताल के दौरान आउटसोर्स कर्मी जीवन वर्मा ने बताया कि सरकार ने आउटसोर्स कर्मियों की मांगे पूरी नहीं कर सकी है। स्थायी नीति और मानदेय में बढ़ोतरी मुख्य मांगें हैं।
विज्ञापन
शिमला। डीडीयू अस्पताल में मंगलवार को आउटसोर्स कर्मियों की हड़ताल मरीजोें पर भारी पड़ी। अस्पताल में पर्ची और टेस्ट फीस जमा करवाने वाले काउंटर बंद थे। काउंटर बंद होने के कारण मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं। ऐसे में प्रबंधन ने अपने स्तर पर पर्ची बनाने की जो सुविधा अस्पताल में दी थी। उस काउंटर पर बैठा कर्मी उस भारी भीड़ को संभाल नहीं पाया। इससे काउंटर पर बैठे कर्मी पर मरीज और तीमारदार भड़क गए। जब स्थिति तनावपूर्ण हुई तो साथ में बैठे डॉक्टर और अन्य स्टाफ को बीच में आना पड़ा। इसके बाद मामला शांत हो सका। अस्पताल में सुबह दस बजे तक इमजरेंसी गेट तक मरीजों की लंबी लाइनें लग गई थी।
करीब साढ़े दस बजे हड़ताल पर गए कर्मी लौट आए। इसके बाद सामान्य तरीके से पर्ची और टेस्ट फीस जमा हो सकी। हालांकि इस देरी के कारण ओपीडी में मरीजों को बारी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। अस्पताल की वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रंजना रॉव ने बताया कि कुछ घंटों के लिए कर्मियों ने हड़ताल की थी। बाद में काउंटर खोल दिए गए।
विज्ञापन
---
देरी से बनी पर्ची
विकासनगर के रमन आर्थो ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचे थे। पूछने पर बताया कि बताया कि पर्ची देेरी से बनी है। एक घंटे से बारी के लिए इंतजार कर रहा हूं।
---
बहुत सिरदर्द हो रहा है
शिमला के नरेंद्र ठाकुर का कहना है कि उन्हें बहुत सिरदर्द हो रहा है। इलाज के लिए आए थे। लेकिन पर्ची काउंटर बंद थे। ऐसे में काउंटर पर लंबे इंतजार के बाद ओपीडी में भी इंतजार करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
---
सरकार ने नहीं दिया कोई लाभ
जोनल अस्पताल में हड़ताल के दौरान आउटसोर्स कर्मी जीवन वर्मा ने बताया कि सरकार ने आउटसोर्स कर्मियों की मांगे पूरी नहीं कर सकी है। स्थायी नीति और मानदेय में बढ़ोतरी मुख्य मांगें हैं।