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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   हाईकोर्ट के आदेश ठैंगे पर, 17 स्कूल टैक्सियों के चालान

स्कूल टैक्सी ऑपरेटरों की मनमानी, 17 के चालान

Thu, 27 Sep 2018 09:14 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 27 Sep 2018 09:14 AM IST
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हाईकोर्ट के आदेश ठैंगे पर, 17 स्कूल टैक्सियों के चालान
नीरज चांदला उपमंडल अधिकारी, शिमला शहरी

राजधानी में स्कूली बच्चों को लाने और ले जाने वाली स्कूल टैक्सियों में फिर से मनमानी शुरू हो गई है। न्यायालय के आदेशों को ताक पर रखकर शहर में चलने वाली स्कूल टैक्सियों में अतिरिक्त बैंच लगाकर बच्चों को भेड़ बकरियों की तरह गाड़ियों में ठूंसा जा रहा है। इतना ही नहीं टैक्सी ड्राइवर न तो प्रदेश सरकार की ओर से निर्देशित वर्दी पहन रहे हैं और न ही गाड़ी के कागज साथ रखे जा रहे हैं। ऐसे में अगर कोई हादसा हो जाए तो बच्चों और उनके अभिभावकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी।

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एसडीएम शिमला शहरी नीरज चांदला को बच्चों के अभिभावक ने शिकायत दी थी कि टैक्सी आपरेटर बीच सेशन में बच्चों को स्कूल लाने ले जाने से इंकार कर रहा है। अब सेशन खत्म होने को हैं कोई दूसरी व्यवस्था करना कठिन है। बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे एसडीएम शिमला शहरी ने आरटीओ शिमला और पुलिस टीम के साथ सेंट एडवर्ड स्कूल के बाहर स्कूल टैक्सियों का निरीक्षण किया। एक टीम को लीलाधर इंटरप्राइजेज की ओर और दूसरी को टिंबर हाउस के पास तैनात किया था। जैसे ही ओवरलोड टैक्सियों स्कूल परिसर से बाहर निकलीं इन्हें पकड़ कर चालान किए गए। अभियान के दौरान कुल 17 टैक्सियों के चालान हुए।
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अनियमितताओं पर काटे चालान
स्कूल टैक्सी ऑपरेटरों की मनमानी की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए 17 टैक्सियों के चालान किए हैं। कुछ स्कूल टैक्सी ऑपरेटर गाड़ियों में ओवरलोडिंग करते हुए पकड़े गए हैं, कुछ चालक वर्दी नहीं पहन रहे तो कुछ गाड़ी में दस्तावेज नहीं रख रहे। ओवरलोडिंग करने वालों के डेंजरस ड्राइविंग के चालान काटे हैं। संयुक्त निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा। - नीरज चांदला उपमंडल अधिकारी, शिमला शहरी
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एमसी को हाईकोर्ट के आदेशों की नहीं परवाह- नगर निगम शिमला, हाईकोर्ट के आदेशों को भी गंभीरता से नहीं ले रहा। निगम प्रतिनिधियों के बीच राजनीतिक खींचतान के कारण हाईकोर्ट के आदेशों अमल नहीं किया जा रहा। हैरत की बात यह है कि हाईकोर्ट ने उपायुक्त शिमला को शहर के स्कूलों से उनके परिसर में कार पार्किंग बनाने के आदेश दिए हैं। न्यायालय के आदेशों पर जिला उपायुक्त ने स्कूल प्रबंधन समितियों की बैठक बुलाकर पार्किंग बनवाने और इसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपने को कहा था।

सेंट एडवर्ड ने स्कूल परिसर में पार्किंग बनाने को लेकर हामी भरी थी और इसके लिए नक्शा तैयार कर 60 दिन पहले नगर निगम में जमा करवा दिया था। यह जानते हुए भी कि न्यायालय के आदेशों पर यह कार्यवाई हो रही है, नगर निगम ने अभी तक नक्शे पर विचार करने की जहमत नहीं उठाई। दो महीनों से एडवर्ड स्कूल की पार्किंग का नक्शा एपी ब्रांच में धूल फांक रहा है। बुधवार को जब एसडीएम शिमला शहरी नीरज चांदला ने स्कूल प्रिंसिपल से पार्किंग निर्माण को लेकर स्टेट रिपोर्ट मांगी तो प्रिंसिपल ने नगर निगम की स्वीकृति न मिलने के कारण निर्माण कार्य शुरू करने में असमर्थता जताई।


एसडीएम ने बताया कि सेंट एडवर्ड स्कूल के प्रिंसिपल ने बताया कि न्यायालय के आदेशों पर स्कूल की पार्किंग बनाने के लिए प्लान नगर निगम को भेजा है, लेकिन दो महीनों से निगम ने प्लान को स्वीकृति नहीं दी है। नगर निगम की लापरवाही को लेकर रिपोर्ट तैयार कर अग्रिम कार्यवाई के लिए उपायुक्त शिमला को सौंपी जाएगी। उधर जब इस बारे में निगम महापौर कुसुम सदरेट से बात की गई तो उन्होंने बताया कि ‘मैं अभी कार्यक्रम में हूं, कल ही कुछ कह पाऊंगी’।

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