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हर स्कूल को बस मुहैया करवाएगा एचआरटीसी
Updated Thu, 15 Feb 2018 10:20 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला में बच्चों को अब स्कूल आने जाने के लिए ओवरलोड टैक्सियों में सफर नहीं करना होगा। शहर के प्राइवेट और कान्वेंट स्कूलों को एचआरटीसी प्रबंधन ऑन डिमांड स्कूल बसें उपलब्ध करवाएगा। बसों के लिए स्कूल प्रबंधनों को एचआरटीसी को आवेदन करना होगा। प्राइवेट टैक्सियों के स्थान पर स्कूल बसें चलने से राजधानी के स्कूली बच्चों का सफर सुरक्षित होगा।
एचआरटीसी प्रबंधन ने लोकल डिपो को शहर के सभी स्कूलों को ऑन डिमांड स्कूल बसें उपलब्ध करवाने के निर्देश जारी किए हैं। एचआरटीसी प्रबंधन अपने बेड़े की अतिरिक्त बसों को बतौर स्कूल बस चलाएगा। बीते साल एचआरटीसी ने शहर में बतौर स्कूल बस 53 बसें चलाई थीं। इस शैक्षणिक सत्र में एचआरटीसी बीते साल के मुकाबले अधिक संख्या में बसें बतौर स्कूल बस चलाएगा। एचआरटीसी की स्कूल बस सुविधा शुरू होने से अभिभावकों का खर्च कम होगा और बच्चों की स्कूलों के लिए आवाजाही भी सुरक्षित होगी। राजधानी शिमला में मुख्य शहर के अलावा सभी उपनगरों विशेषकर टुटू, खलीनी, संजौली, ढली व विकासनगर में स्थित स्कूलों के लिए बच्चे टैक्सियों से आवाजाही करते हैं। टैक्सियों में निर्धारित संख्या के मुकाबले अधिक संख्या में बच्चों को ठूंस-ठूंस कर भरा जाता है। बच्चों को लाने ले जाने वाली टैक्सियों में नियमों की जमकर अनदेखी की जाती है। नियमों में स्कूल टैक्सी के लिए रंग, गति सीमा और शुल्क निर्धारित किया गया है लेकिन इन नियमों का पालन नहीं किया जाता। एचआरटीसी की ओर से सभी स्कूलों को स्कूल बसें उपलब्ध करवाने की योजना के बाद स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों को भारी राहत मिलने की उम्मीद है।
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स्कूलों को उपलब्ध करवाई जाएंगी बसें
शहर के स्कूलों को एचआरटीसी डिमांड के मुताबिक बसें उपलब्ध करवाएगा। स्कूल बसों का संचालन शुरू होने के बाद शहर में लोकल रूटों पर बसों की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी।
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- देवासेन नेगी, क्षेत्रीय प्रबंधक, एचआरटीसी
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रोजाना 1500 विद्यार्थी करते हैं स्कूल बसों में सफर
एचआरटीसी की ओर से शहर के स्कूलों को उपलब्ध करवाई जाने वाली स्कूल बसों में रोजाना करीब 1500 बच्चे सफर करते हैं। इस बार ऑन डिमांड बसों की व्यवस्था होने पर सफर करने वाले बच्चों का आंकड़ा दुगना होने की उम्मीद है।
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सुबह 7 से 10, शाम को 2 से 5 बजे के बीच सुविधा
एचआरटीसी की ओर से स्कूली बच्चों को उपलब्ध करवाई जाने वाली बसें सुबह 7 से 10 बजे और शाम को 2 से 5 बजे के बीच उपलब्ध करवाई जाती है। मांग के अनुरूप इस बार एचआरटीसी तय शेड्यूल के अतिरिक्त भी बसें उपलब्ध करवाएगा।
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शिमला। राजधानी शिमला में बच्चों को अब स्कूल आने जाने के लिए ओवरलोड टैक्सियों में सफर नहीं करना होगा। शहर के प्राइवेट और कान्वेंट स्कूलों को एचआरटीसी प्रबंधन ऑन डिमांड स्कूल बसें उपलब्ध करवाएगा। बसों के लिए स्कूल प्रबंधनों को एचआरटीसी को आवेदन करना होगा। प्राइवेट टैक्सियों के स्थान पर स्कूल बसें चलने से राजधानी के स्कूली बच्चों का सफर सुरक्षित होगा।
एचआरटीसी प्रबंधन ने लोकल डिपो को शहर के सभी स्कूलों को ऑन डिमांड स्कूल बसें उपलब्ध करवाने के निर्देश जारी किए हैं। एचआरटीसी प्रबंधन अपने बेड़े की अतिरिक्त बसों को बतौर स्कूल बस चलाएगा। बीते साल एचआरटीसी ने शहर में बतौर स्कूल बस 53 बसें चलाई थीं। इस शैक्षणिक सत्र में एचआरटीसी बीते साल के मुकाबले अधिक संख्या में बसें बतौर स्कूल बस चलाएगा। एचआरटीसी की स्कूल बस सुविधा शुरू होने से अभिभावकों का खर्च कम होगा और बच्चों की स्कूलों के लिए आवाजाही भी सुरक्षित होगी। राजधानी शिमला में मुख्य शहर के अलावा सभी उपनगरों विशेषकर टुटू, खलीनी, संजौली, ढली व विकासनगर में स्थित स्कूलों के लिए बच्चे टैक्सियों से आवाजाही करते हैं। टैक्सियों में निर्धारित संख्या के मुकाबले अधिक संख्या में बच्चों को ठूंस-ठूंस कर भरा जाता है। बच्चों को लाने ले जाने वाली टैक्सियों में नियमों की जमकर अनदेखी की जाती है। नियमों में स्कूल टैक्सी के लिए रंग, गति सीमा और शुल्क निर्धारित किया गया है लेकिन इन नियमों का पालन नहीं किया जाता। एचआरटीसी की ओर से सभी स्कूलों को स्कूल बसें उपलब्ध करवाने की योजना के बाद स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों को भारी राहत मिलने की उम्मीद है।
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स्कूलों को उपलब्ध करवाई जाएंगी बसें
शहर के स्कूलों को एचआरटीसी डिमांड के मुताबिक बसें उपलब्ध करवाएगा। स्कूल बसों का संचालन शुरू होने के बाद शहर में लोकल रूटों पर बसों की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी।
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- देवासेन नेगी, क्षेत्रीय प्रबंधक, एचआरटीसी
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रोजाना 1500 विद्यार्थी करते हैं स्कूल बसों में सफर
एचआरटीसी की ओर से शहर के स्कूलों को उपलब्ध करवाई जाने वाली स्कूल बसों में रोजाना करीब 1500 बच्चे सफर करते हैं। इस बार ऑन डिमांड बसों की व्यवस्था होने पर सफर करने वाले बच्चों का आंकड़ा दुगना होने की उम्मीद है।
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सुबह 7 से 10, शाम को 2 से 5 बजे के बीच सुविधा
एचआरटीसी की ओर से स्कूली बच्चों को उपलब्ध करवाई जाने वाली बसें सुबह 7 से 10 बजे और शाम को 2 से 5 बजे के बीच उपलब्ध करवाई जाती है। मांग के अनुरूप इस बार एचआरटीसी तय शेड्यूल के अतिरिक्त भी बसें उपलब्ध करवाएगा।