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पानी के नए मीटरों और पार्षद निधि पर सदन में हंगामा
Updated Tue, 29 Aug 2017 11:12 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला।
नगर निगम की मासिक बैठक में मंगलवार को पानी के नए मीटरों में गड़बड़ी और पार्षद निधि को बहाल न किए जाने को लेकर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस पार्षद अर्चना धवन ने प्रशासन से तीखे सवाल किए। पूछा आखिर नए मीटरों में लीकेज की शिकायतें क्यों आ रही हैं। क्यों घटिया क्वालिटी का मटीरियल लगाया जा रहा है। शिकायत करो तो हफ्ते बाद ठेकेदार मौके पर पहुंचते हैं। कई घरों में अभी से नए मीटर फट रहे हैं, सर्दियों में ये कैसे टिक पाएंगे। जिनके मीटरों से लीकेज हो रही है, उसका बिल कौन देगा। कहा कि ठेकेदार की पेमेंट रोकी जाई। पार्षद आनंद कौशल ने कहा कि कंपनी वाले पुराने मीटरों को भी साथ ले गए। इंद्रजीत सिंह ने कहा कि नए मीटरों से प्रैशर भी कम है। संजय परमार बोले कि ज्यादा मीटर लगाने के चक्कर में गलत फीटिंग की जा रही है। ज्यादातर पार्षद बोले कि कंपनी को पेेमेंट सर्दी के मौसम के बाद किया जाना चाहिए। सवालों का जवाब देते हुए अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र गिल ने कहा कि मीटर संबंधी शिकायतों को दूर करने के लिए निगम ने अलग से कनिष्ठ अभियंता की तैनाती कर दी है। कहा कि कई मीटरों से नॉन रिटर्न वॉल और स्टेनर भी हटाए जा रहे हैं।
सितंबर से रीडिंग पर बिल देने का दावा, फ्लैट रेट से मिलेगी राहत
एमसी ने सितंबर से ही मीटर रीडिंग पर पानी के बिल जारी करने का दावा किया है। पार्षद मीरा शर्मा ने सवाल किया कि मीटर लगाने का काम सितंबर तक पूरा होना था, लेकिन इसमें अभी भी छह महीने लग जाएंगे। ऐसे में पानी के बिल कैसे जारी होंगे। आयुक्त जीसी नेगी ने बताया कि जिन घरों में मीटर लग गए हैं और वे सही ढंग से काम कर रहे हैं, उनके बिल सितंबर से रीडिंग आधार पर ही जारी होंगे। बाकी जो मीटर लगाए जाने हैं, उनका काम जल्द पूरा कर सभी को फ्लैट बिल से राहत दी जाएगी।
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पार्षद निधि पर अफसरों की क्लास
शिमला। पार्षद निधि न बनने से गुस्साए पार्षदों ने निगम अफसरों की खूब क्लास ली। पूछा कि जब सदन ने 25 लाख के बजट वाली पार्षद निधि बनाने का प्रस्ताव पारित कर दिया था तो फिर अभी तक निधि क्यों नहीं बनाई। पार्षद अर्चना धवन बोलीं कि प्रशासन शायद आचार संहिता का इंतजार कर रहा है। शैलेंद्र चौहान ने कहा कि बरसात के बाद निधि बनेगी, तो इसका क्या फायदा होगा। मीरा शर्मा और सत्या कौंडल ने भी प्रशासन पर सवाल दागे। संयुक्त आयुक्त ने कहा कि इसे सांसद निधि के आधार पर बनाने के लिए नियम बनाए जा रहे हैं।
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भाजपा पार्षदों के दिल्ली दौरे पर भी गरमाया सदन
शिमला। मेयर, डिप्टी मेयर समेत भाजपा पार्षदों के पीएम मोदी से मुलाकात को लेकर भी सदन गरमाया। समरहिल पार्षद शैली शर्मा ने पूछा कि क्या पीएम सिर्फ भाजपा के ही हैं जो बाकी पार्षदों को बुलाया तक नहीं गया। सांगटी पार्षद मीरा ने मेयर से पूछा कि पीएम से स्मार्ट सिटी और अमृत मिशन पर चर्चा की गई, क्या ये प्रोजेक्ट सिर्फ भाजपा पार्षदों के वार्डों में ही लागू होने हैं। आनंद कौशल बोले कि कम से कम इस दौरे के बारे में हमें बताया जाना चाहिए था। मेयर कुसुम सदरेट ने जवाब दिया कि यह दौरा पार्टी के ही पार्षदों का दौरा था।
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शिमला।
नगर निगम की मासिक बैठक में मंगलवार को पानी के नए मीटरों में गड़बड़ी और पार्षद निधि को बहाल न किए जाने को लेकर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस पार्षद अर्चना धवन ने प्रशासन से तीखे सवाल किए। पूछा आखिर नए मीटरों में लीकेज की शिकायतें क्यों आ रही हैं। क्यों घटिया क्वालिटी का मटीरियल लगाया जा रहा है। शिकायत करो तो हफ्ते बाद ठेकेदार मौके पर पहुंचते हैं। कई घरों में अभी से नए मीटर फट रहे हैं, सर्दियों में ये कैसे टिक पाएंगे। जिनके मीटरों से लीकेज हो रही है, उसका बिल कौन देगा। कहा कि ठेकेदार की पेमेंट रोकी जाई। पार्षद आनंद कौशल ने कहा कि कंपनी वाले पुराने मीटरों को भी साथ ले गए। इंद्रजीत सिंह ने कहा कि नए मीटरों से प्रैशर भी कम है। संजय परमार बोले कि ज्यादा मीटर लगाने के चक्कर में गलत फीटिंग की जा रही है। ज्यादातर पार्षद बोले कि कंपनी को पेेमेंट सर्दी के मौसम के बाद किया जाना चाहिए। सवालों का जवाब देते हुए अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र गिल ने कहा कि मीटर संबंधी शिकायतों को दूर करने के लिए निगम ने अलग से कनिष्ठ अभियंता की तैनाती कर दी है। कहा कि कई मीटरों से नॉन रिटर्न वॉल और स्टेनर भी हटाए जा रहे हैं।
सितंबर से रीडिंग पर बिल देने का दावा, फ्लैट रेट से मिलेगी राहत
एमसी ने सितंबर से ही मीटर रीडिंग पर पानी के बिल जारी करने का दावा किया है। पार्षद मीरा शर्मा ने सवाल किया कि मीटर लगाने का काम सितंबर तक पूरा होना था, लेकिन इसमें अभी भी छह महीने लग जाएंगे। ऐसे में पानी के बिल कैसे जारी होंगे। आयुक्त जीसी नेगी ने बताया कि जिन घरों में मीटर लग गए हैं और वे सही ढंग से काम कर रहे हैं, उनके बिल सितंबर से रीडिंग आधार पर ही जारी होंगे। बाकी जो मीटर लगाए जाने हैं, उनका काम जल्द पूरा कर सभी को फ्लैट बिल से राहत दी जाएगी।
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पार्षद निधि पर अफसरों की क्लास
शिमला। पार्षद निधि न बनने से गुस्साए पार्षदों ने निगम अफसरों की खूब क्लास ली। पूछा कि जब सदन ने 25 लाख के बजट वाली पार्षद निधि बनाने का प्रस्ताव पारित कर दिया था तो फिर अभी तक निधि क्यों नहीं बनाई। पार्षद अर्चना धवन बोलीं कि प्रशासन शायद आचार संहिता का इंतजार कर रहा है। शैलेंद्र चौहान ने कहा कि बरसात के बाद निधि बनेगी, तो इसका क्या फायदा होगा। मीरा शर्मा और सत्या कौंडल ने भी प्रशासन पर सवाल दागे। संयुक्त आयुक्त ने कहा कि इसे सांसद निधि के आधार पर बनाने के लिए नियम बनाए जा रहे हैं।
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भाजपा पार्षदों के दिल्ली दौरे पर भी गरमाया सदन
शिमला। मेयर, डिप्टी मेयर समेत भाजपा पार्षदों के पीएम मोदी से मुलाकात को लेकर भी सदन गरमाया। समरहिल पार्षद शैली शर्मा ने पूछा कि क्या पीएम सिर्फ भाजपा के ही हैं जो बाकी पार्षदों को बुलाया तक नहीं गया। सांगटी पार्षद मीरा ने मेयर से पूछा कि पीएम से स्मार्ट सिटी और अमृत मिशन पर चर्चा की गई, क्या ये प्रोजेक्ट सिर्फ भाजपा पार्षदों के वार्डों में ही लागू होने हैं। आनंद कौशल बोले कि कम से कम इस दौरे के बारे में हमें बताया जाना चाहिए था। मेयर कुसुम सदरेट ने जवाब दिया कि यह दौरा पार्टी के ही पार्षदों का दौरा था।