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होटलों पर मेहरबान निगम, बिल वसूला न काटे कनेक्शन
Updated Thu, 26 Apr 2018 02:01 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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शिमला। पानी बिल जमा न करवाने पर आम जनता के कनेक्शन तुरंत काटने वाला नगर निगम शहर के होटलों पर खूब मेहरबानी दिखा रहा है। सालों से बिल न भरने के बावजूद इन होटलों से न तो बिल वसूला जा रहा है और न ही कनेक्शन काटे जा रहे हैं।
हालत यह है कि पिछले दो साल में ही ऐसे होटलों की संख्या 72 तक जा पहुंची है। इनसे पानी बिल के 58 लाख वसूलने हैं। बुधवार को नगर निगम की मासिक बैठक में जैसे ही इन होटलों की सूची सदन में रखी कि हर पार्षद हैरान रह गया। पार्षदों ने पूछा कि आखिर ये होटलवाले कौन हैं। पार्षद राकेश चौहान ने पूछा कि इन पर इतनी मेहरबानी क्यों की जा रही है। निगम अभियंता विजय गुप्ता ने कहा कि इन्हें 31 नोटिस दिए गए हैं। पार्षदों ने सवाल उठाए कि आखिर कनेक्शन क्यों नहीं काटे जा रहे। निगम लोगों से ज्यादा पानी इन होटलों को देता है, लेकिन बिल क्यों नहीं वसूलता। निगम अभियंता ने कहा कि एक महीने में बिल जमा करवाने को कहा है। ऐसा न करने पर कनेक्शन काट दिए जाएंगे।
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सोसायटी के पानी बिल पर हंगामा
बसंत विहार सोसायटी के पानी बिल पर जमकर हंगामा हुआ। पार्षद राकेश चौहान ने कहा कि सोसायटी को 26 लाख बिल जमा करवाना था लेकिन महज 8 लाख 60 हजार जमा हुए। निगम प्रशासन ने कहा कि इन्हें आखिरी 15 दिन का नोटिस दिया गया है। इस पर बाकी पार्षद भड़क गए। पार्षद आनंद कौशल, सिमी नंदा, राकेश चौहान, शैलेंद्र चौहान ने पूछा कि इन पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। हर बार सदन में यह मामला गूंजता है। अफसर काम क्यों नहीं करते। मीरा शर्मा और अर्चना धवन ने पूछा कि सोसायटी खुद कैसे अपना बिल का आकलन करने वाली कौन होती है।
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उप महापौर-पार्षद में तीखी नोकझोंक
पार्षदों और उप महापौर राकेश शर्मा के बीच तीखी नोकझोंक हुई। उप महापौर ने तर्क दिया कि तीन साल पुराना कोई भी बिल निगम नियमानुसार नहीं वसूल सकता। पार्षद भड़क गए। राकेश चौहान बोले कि ऐसा कोई नियम है तो कॉपी दो। आप सैटलमेंट की दुकान बाहर चलाओ। पार्षद शैलेंद्र, आनंद कौशल और अर्चना धवन ने कहा कि अगर ऐसा है तो निगम का तो सारा पैसा डूब जाएगा। निगम के तो करोड़ों के बिल लंबित है। पार्षद विवेक शर्मा बोले कि डिफाल्टरों से बिल वसूलों या फिर इनके कनेक्शन काट दो।