देश के 11 राज्य हिमाचल से सीखेंगे ये काम, केंद्र सरकार देगी सम्मान
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सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील की मॉनीटरिंग के लिए हिमाचल सरकार के ऑटोमेटिड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम को चंडीगढ़, हरियाणा, उत्तराखंड सहित देश के कुल 11 राज्य भी अपनाएंगे। योजना के सफल संचालन के लिए केंद्र सरकार ने हिमाचल को सम्मानित करने का फैसला लिया है।
19 दिसंबर को केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद नई दिल्ली में शिक्षा विभाग को अवार्ड देंगे। निदेशक प्रारंभिक शिक्षा मनमोहन शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। मिड-डे मील में घपले पर नजर रखने को केंद्र सरकार ने हिमाचल में ऑटोमेटिड एसएमएस योजना शुरू की है।
योजना के तहत कितने बच्चे स्कूल में मौजूद रहे और कितनों ने दोपहर को मिलने वाला निशुल्क भोजन किया। इसकी शाम पांच बजे तक केंद्र और राज्य सरकार के पास एसएमएस से डिटेल पहुंचती है। मिड-डे मील के राशन, गैस में घपला होने की राष्ट्रीय स्तर पर केंद्र सरकार के पास कई राज्यों से शिकायतें पहुंचने के बाद एसएमएस योजना को हिमाचल में पायलट प्रोजेक्ट में शुरू किया गया।
योजना का सफल संचालन करने पर केंद्र सरकार ने हिमाचल सरकार को सराहा है और सम्मानित करने का फैसला भी लिया गया। अब देश के कुल 11 राज्यों चंडीगढ़, हरियाणा, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, उड़ीसा, राजस्थान, तेलंगाना, दमन एवं दीयू में भी इस योजना को बड़े स्तर पर शुरू किया जाएगा।
ऐसे काम करती है योजना
ऑटोमेटिड एसएमएस योजना में शाम पांच बजे तक हर स्कूल के शिक्षक को स्कूल में मौजूद बच्चों और मिड-डे मील खाने वाले बच्चों की संख्या का एक मेसेज करना होता है। मेसेज करने के पैसे नहीं लगते। केंद्र सरकार ने टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सहयोग से एसएमएस किए जाने वाले नंबर को मुफ्त श्रेणी में शामिल करवाया है
हिमाचल में 15 हजार स्कूल हैं पंजीकृत
मिड-डे मील की मॉनीटरिंग के लिए केंद्र सरकार के आटोमेटिड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम के तहत प्रदेश के 15316 स्कूल पंजीकृत किए गए हैं। वर्तमान में 13 हजार से अधिक स्कूल रोजाना एसएमएस से रिपोर्टिंग कर रहे हैं। चंबा, किन्नौर, लाहौल-स्पीति और मंडी, कांगड़ा जिला के दूरदराज में स्थित स्कूलों से कनेक्टिविटी नहीं होने से जानकारी आने में देरी हो रही है।
14 हजार शिक्षकों का एकत्र किया रिकॉर्ड
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों कोे मिड-डे मील योजना में दोपहर का भोजन स्कूल में मुफ्त में उपलब्ध करवाया जाता है। पहली से आठवीं वाले सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील का काम देख रहे करीब 14 हजार शिक्षकों का प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने रिकॉर्ड तैयार किया है।
सभी शिक्षकों के नाम और मोबाइल नंबरों का डाटा तैयार कर एक विशेष सॉफ्टवेयर के माध्यम से एसएमएस की सुविधा दी गई है। एनआईसी ने यह सॉफ्टवेयर तैयार किया है।