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हिमाचल में स्क्रब टायफस से 11वीं मौत, अस्पताल में मरीजों का तांता
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 08 Sep 2017 10:51 AM IST
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प्रदेश में स्क्रब टायफस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजधानी शिमला के आईजीएमसी में स्क्रब टायफस से पीड़ित 48 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई है। प्रदेश में इस बीमारी से मौत का यह ग्यारहवां मामला है।
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करसोग के रहने वाली इस मरीज को अस्पताल में दो सितंबर को भर्ती किया गया था। हालत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज के हाई डिपेंडेंसी यूनिट में दाखिल किया गया जहां पर उपचार के दौरान ही उसने दम तोड़ दिया।
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अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ रमेश चंद्र के अनुसार प्रदेश भर में स्क्रब टायफस बुखार की वजह से यह ग्यारहवीं मौत है। उधर, प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में स्क्रब टायफस से मौतों का सिलसिला जारी रहने से हड़कंप मचा हुआ है।
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लोग सामान्य बुखार होने पर भी फौरन अस्पताल पहुंच रहे हैं। इन दिनों अस्पताल की मेडिसन ओपीडी रोजाना डेढ़ सौ से ज्यादा है। इसके अलावा रोजाना बारह से पंद्रह मामले टेस्ट के बाद पॉजिटिव पाए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है हरे घास में पाए जाने वाले माइट के काटने पर लोगों को यह संक्रमण फैलता है। ऐसे में घरों के आसपास उगने वाले खरपतवारों को उखाड़ा जाए। इसके अलावा अगर गृहणियां खेतों में काम करने जाती है तो उन्हें बाजू ढकने सहित पैरों में जूते पहनकर काम करने की सलाह दी जा रही है।
वहीं अस्पताल की आईसीयू में स्क्रब टायफस से पीड़ित एक युवती का उपचार चल रहा था। डॉक्टरों की मानें तो इसकी हालत काफी गंभीर थी। लेकिन सेहत में लगातार होते सुधार के बाद अब इस युवती को आईसीयू से मेडिकल वार्ड में शिफ्ट किया गया है।
एहतियात के लिए एडवाइजरी जारी
अस्पताल की ओर से मरीजों को एडवाइजरी जारी की गई है कि अगर किसी को भी सिर में दर्द हो, बदन टूटने जैसी समस्या आए तो बिना वक्त गंवाए चिकित्सकीय जांच करवाएं।