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विकास कार्यों की प्लानिंग में पिछड़े प्रदेश के ये 11 जिले
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 30 Sep 2016 10:25 AM IST
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हिमाचल के 11 जिले 14वें वित्तायोग के तहत विकास कार्यों की प्लानिंग में पिछड़ गए हैं। सोलन ही एक ऐसा जिला है, जिसने पहले ग्रामसभा से विकास कार्य के प्रस्ताव मंजूर करवाकर राशि खर्च करने को डीपीसी कमेटी से अप्रूवल ली है। केंद्र सरकार ने हिमाचल को 14वें वित्तायोग में तीसरी किस्त जारी कर दी है।
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पंचायतों की ओर से औपचारिकताएं पूरी न किए जाने से ये मामले या तो बीडीओ दफ्तर या फिर डीपीसी कमेटी के पास फंसे हैं। सरकार से मिली जानकारी के मुताबिक सोलन जिले में 211 पंचायतें हैं।
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इन्हें विकास कार्यों के लिए पैसा खर्च करने को स्वीकृति मिली है। 14वें वित्तायोग में केंद्र सरकार ने सीधे पंचायतों को राशि जारी करने का फैसला लिया है। इससे पहले पंचायतों को कुल बजट की 20 फीसदी राशि मिलती थी।
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इसमें सर्वाधिक 50 फीसदी राशि जिला परिषद, बीडीसी सदस्यों को 30 फीसदी राशि दी जाती थी, लेकिन केंद्र ने जिला परिषद और बीडीसी सदस्यों की वित्तीय शक्तियों में कट लगाकर विकास कार्यों को पैसा सीधे पंचायतों को देने का फैसला लिया है। पंचायतों भी यह पैसा अपनी मर्जी से नहीं खर्च कर सकेंगी।
पहले विकास कार्य के प्रस्ताव के ग्राम सभाओं में पास करवाना होगा, उसके बाद फाइल बीडीओ को जाएगी। फिर डीपीसी कमेटी मामले को गंभीरता से देखेगी। कमेटी की फाइनल मंजूरी के बाद ही पंचायतों को पैसा जारी होगा।
14वें वित्तायोग के तहत सोलन जिले को सबसे पहले डीपीसी कमेटी की मंजूरी मिली है। अन्य जिलों की पंचायतों को अभी विकास कार्यों में पैसा खर्च करने की फाइनल अप्रूवल नहीं मिली है। -आर सेलवम, निदेशक, पंचायतीराज