इतने सालों से नियमितीकरण की राह देख रहे 1081 ग्राम सेवक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्राम सेवक नियमित कर्मचारियों को मिलने वाले लाभ से वंचित है। सरकार की ओर से इनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई है। हिमाचल के 1081 ग्राम सेवक नियमितीकरण की राह देख रहे हैं।
इन्हें सेवाएं देते हुए 10 साल और इससे अधिक का समय हो गया है, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से इनके नियमितीकरण को लेकर ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
ग्राम रोजगार सेवक संघ के प्रदेशाध्यक्ष शिवराज ठाकुर ने कहा कि मनरेगा को सुचारु रूप से संचालन के लिए वर्ष 2007.08 में ग्राम रोजगार सेवकों की नियुक्ति की गई।
ग्राम सेवक ग्रामीण विकास विभाग की सबसे पिछड़ी श्रेणी
उस समय मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर स्वयं विभाग को देखते थे। तब से लेकर अब तक स्थिति वैसे की वैसी ही बनी है। ग्राम रोजगार सेवक ग्रामीण विकास विभाग की सबसे गरीब व पिछड़ी श्रेणी है।
पिछली कांग्रेस सरकार ने सभी मनरेगा कर्मियों को रेगुलर स्केल देना शुरू किया है, लेकिन रोजगार सेवकों को इस लाभ से भी वंचित है। संघ के प्रतिनिधि मंडल समय-समय पर मंत्री वीरेंद्र कंवर और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिलता रहा है।
सरकार की ओर से आश्वासन देकर सेवकों को टालने की कोशिश की जा रही है। सीएम खुद भी मान रहे हैं कि मांग जायज है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आगामी कैबिनेट में इस मामलों पर चर्चा करने की मांग की है।