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आईसीयू में मरीज, बाहर कूड़े का ढेर
Updated Sun, 10 Dec 2017 09:33 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। आईजीएमसी के आईसीयू में दाखिल मरीजों के स्वास्थ्य को लेकर अस्पताल प्रबंधन लापरवाह बना हुआ है। आईसीयू में किसी भी तरह का संक्रमण न हो इसके लिए वार्ड के चारों ओर साफ-सफाई होनी चाहिए। आईजीएमसी के सी-ब्लॉक स्थित आईसीयू जाने वाले रास्ते में कूड़े का डिब्बा गिरा पड़ा है। अस्पताल में सफाई को लेकर तैनात किए गए कर्मी इधर से उधर चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई भी गिरे डब्बे की ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
यहां पर दुर्गंध भी फैल चुकी है। मरीजों के इलाज के दौरान साथ आए तीमारदारों को मजबूरी में मास्क लगाना पड़ा। कचरे के डिब्बे को उठाने की जहमत किसी भी कर्मी ने की। खुले में पड़े कूड़े के कारण संक्रमण आईसीयू तक पहुंच सकता है। अस्पताल में रोजाना आईसीयू में छह गंभीर मरीजों को चौबीसों घंटे रखे जाता है। संक्रमण से मरीजों को नुकसान हो सकता है।
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एमएस से की जाएगी इस संबंध में बात
अस्पताल के एमएस से इस बारे में बात की जाएगी। कर्मियाें को सख्त हिदायत दी जाएगी। मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। प्रबंधन की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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- प्रो. अशोक शर्मा,- कॉलेज प्राचार्य, आईजीएमसी
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न्यूरो सर्जरी, मेडिसन, कार्डियोलॉजी के मरीज दाखिल
अस्पताल में रोजाना विभिन्न विभागों के गंभीर मरीज इलाज के लिए आते है। न्यूरोसर्जरी, मेडिसन और कार्डियोलॉजी विभाग के मरीज इलाज करवाते हैं। कई ऐसे मरीज भी होते है जिनकी हालत गंभीर होती है और उन्हें महीनों तक इलाज करवाना होता है। ऐसे में अगर संक्रमण फैलता है तो मरीजों के लिए खतरा हो सकता है।
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सफाई कर्मी नहीं समझ रहे जिम्मेवारी
कचरे और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को ठिकाने लगाने के लिए अस्पताल में सफाई कर्मचारियों की तैनाती की जाती है। यह अपनी जिम्मेवारी नहीं समझ रहे हैं। ऐसे में इनकी छोटी सी लापरवाही से मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
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शिमला। आईजीएमसी के आईसीयू में दाखिल मरीजों के स्वास्थ्य को लेकर अस्पताल प्रबंधन लापरवाह बना हुआ है। आईसीयू में किसी भी तरह का संक्रमण न हो इसके लिए वार्ड के चारों ओर साफ-सफाई होनी चाहिए। आईजीएमसी के सी-ब्लॉक स्थित आईसीयू जाने वाले रास्ते में कूड़े का डिब्बा गिरा पड़ा है। अस्पताल में सफाई को लेकर तैनात किए गए कर्मी इधर से उधर चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई भी गिरे डब्बे की ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
यहां पर दुर्गंध भी फैल चुकी है। मरीजों के इलाज के दौरान साथ आए तीमारदारों को मजबूरी में मास्क लगाना पड़ा। कचरे के डिब्बे को उठाने की जहमत किसी भी कर्मी ने की। खुले में पड़े कूड़े के कारण संक्रमण आईसीयू तक पहुंच सकता है। अस्पताल में रोजाना आईसीयू में छह गंभीर मरीजों को चौबीसों घंटे रखे जाता है। संक्रमण से मरीजों को नुकसान हो सकता है।
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एमएस से की जाएगी इस संबंध में बात
अस्पताल के एमएस से इस बारे में बात की जाएगी। कर्मियाें को सख्त हिदायत दी जाएगी। मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। प्रबंधन की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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- प्रो. अशोक शर्मा,- कॉलेज प्राचार्य, आईजीएमसी
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न्यूरो सर्जरी, मेडिसन, कार्डियोलॉजी के मरीज दाखिल
अस्पताल में रोजाना विभिन्न विभागों के गंभीर मरीज इलाज के लिए आते है। न्यूरोसर्जरी, मेडिसन और कार्डियोलॉजी विभाग के मरीज इलाज करवाते हैं। कई ऐसे मरीज भी होते है जिनकी हालत गंभीर होती है और उन्हें महीनों तक इलाज करवाना होता है। ऐसे में अगर संक्रमण फैलता है तो मरीजों के लिए खतरा हो सकता है।
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सफाई कर्मी नहीं समझ रहे जिम्मेवारी
कचरे और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को ठिकाने लगाने के लिए अस्पताल में सफाई कर्मचारियों की तैनाती की जाती है। यह अपनी जिम्मेवारी नहीं समझ रहे हैं। ऐसे में इनकी छोटी सी लापरवाही से मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।