सचिवालय भवनों का कनेक्टिंग पुल, चिंतपूर्णी हैलीपेड, एम्स पेयजल स्कीम समेत 100 टेंडर रद्द
हिमाचल प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों ने कई प्रमुख परियोजनाओं के टेंडर रद्द कर दिए हैं। इनमें शिमला स्थित सचिवालय भवनों का कनेक्टिंग पुल, एम्स पेयजल स्कीम और चिंतपूर्णी हैलीपैड समेत 100 टेंडर शामिल हैं।
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हिमाचल प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों ने कई प्रमुख परियोजनाओं के टेंडर रद्द कर दिए हैं। इनमें शिमला स्थित सचिवालय भवनों का कनेक्टिंग पुल, एम्स पेयजल स्कीम और चिंतपूर्णी हैलीपैड समेत 100 टेंडर शामिल हैं। धर्मशाला कस्बे के लिए 61.70 करोड़ से बन रही सीवेज परियोजना और चंबा कस्बे की सीवेज परियोजना का टेंडर भी रद्द कर दिया गया है। ये टेंडर इसलिए रद्द करने पड़े हैं, क्योंकि कहीं ठेकेदार सरकार की शर्तों पर खरे नहीं उतरे, तो कहीं दस्तावेजों में खामियां, प्रशासनिक या तकनीकी पेच इसके लिए जिम्मेदार हैं। संबंधित अधिकारियों ने राज्य सरकार के उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर इस संबंध में सूचित कर दिया है। एलर्जली और आर्म्सडेल भवन को कनेक्ट करने वाले सचिवालय पुल के जीर्णोद्धार के लिए चार ठेकेदारों ने टेंडर लगाए थे, लेकिन ठेकेदारों ने इसकी तय रेट से ऊंची बोलियां लगाईं।
ऐसे में राज्य लोक निर्माण विभाग ने इसे रद्द कर दिया। वहीं, सचिवालय के आर्म्सडेल भवन की विशेष मरम्मत से जुडे़ टेंडर को इसलिए रद्द किया जा रहा है, क्योंकि इसके टेंडर दस्तावेज मेें कुछ खामियां हैं। लोक निर्माण विभाग के चिंतपूर्णी के पास भरवाईं मंडल में हैलीपैड बनाने के लिए टेंडर लगाया, लेकिन यह भी रद्द कर दिया। इसकी ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया में गलत जानकारी अपलोड कर दी थी। धर्मशाला शहर के लिए 61.70 करोड़ के सीवेज प्रणाली के टेंडर को तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से रद्द किया है। चंबा कस्बे के छूटे हुए क्षेत्रों के लिए भी सीवेज स्कीम का टेंडर रद्द हुआ है, क्योंकि दो लोगों ने ही इस टेंडर प्रक्रिया में भाग लिया। बिलासपुर में बन रहे एम्स और हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए कोलडैम जलाशय से उठाऊ पेयजल योजना के काम का प्रशासनिक कारणों से टेंडर रद्द हुआ।
इन विभागों के टेंडर हुए रद्द
लोक निर्माण, जलशक्ति, नगर निगम, राज्य विद्युत बोर्ड, एचपीएमसी, ग्रामीण विकास पंचायती राज विभाग, फोरेंसिंक निदेशालय, शहरी विकास विभाग, मत्स्य निदेशालय, स्वास्थ्य विभाग आदि शामिल हैं। इनमें सड़क, भवन निर्माण, पेयजल आदि के काम ज्यादा हैं।