हिमाचल में 100 अतिरिक्त ट्राउट कृषि इकाइयां बनेंगी : कंवर
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प्रदेश की बारहमासी नदियोंमें ट्राउट मछली उत्पादन के साथ-साथ मछुआरों की आय सृजन के अपार अवसर हैं। राज्य सरकार मत्स्य उत्पादन को हर संभव प्रयास कर रही है। इसके लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की हैं।
मत्स्य पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर के अनुसार राज्य में 100 अतिरिक्त ट्राउट कृषि इकाइयों के निर्माण का निर्णय लिया है। कार्प मछली उत्पादन के लिए 10 हेक्टेयर में तालाबों का निर्माण भी किया जाएगा।
इससे 550 और लोगों को रोजगार मिलेगा। सरकार ने निजी क्षेत्र के सहयोग से दो ट्राउट हैचरी स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। कुल्लू जिले में एक स्मोक्ड ट्राउट और फिलेट टीनबंदी केंद्र भी स्थापित की जाएगी।
कांगड़ा, चंबा और शिमला जिले में एक-एक रिटेल आउटलेट निजी क्षेत्र में स्थापित होंगे। प्रदेश सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के दौरान मछुआरों की ट्राउट फार्मिंग इकाइयों के लिए एक बीमा योजना की घोषणा की है।
12,650 किसानों और मछुआरों को बीमा योजना में शामिल किया
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष कुल 11413.99 लाख रुपये मूल्य की 9302.44 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन निजी और मत्स्य पालन विभागीय के फार्मों में किया गया। इस दौरान 546.31 लाख कार्प बीज और 15.118 लाख ट्राउट बीज का उत्पादन निजी और विभागीय फार्म में किया गया।
287.48 लाख रुपए मूल्य का 141.668 लाख मछली बीज इस अवधि के दौरान राज्य के जलाशयों में इकट्ठा किया गया। मंत्री के अनुसार राज्य के 12,650 किसानों और मछुआरों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत शामिल किया है।
मत्स्य विभाग ने 20 हेक्टेयर मछली तालाब, 110 ट्राउट इकाइयां, 11 ट्राउट हैचरी, 4 फीड मिलें और 3 खुदरा दुकानों के निर्माण का प्रस्ताव किया है। इन सभी ट्राउट इकाइयों और मछली तालाबों में मछली बीज एकत्रित किया जाएगा।
विभाग राज्य के जलाशयों से 800 मछुआरों को 800 गिल नेट भी वितरित करेगा। प्रदेश ने मछली बाजार सूचना प्रणाली के तहत मछली उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री और खरीद की दिशा में पहल की है। यह एक ऑनलाइन पोर्टल है जहां खरीदार अपनी मांग रख सकते हैं और विक्रेता अपने उत्पादों को प्रदर्शित कर सकते हैं।