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Himachal News: अवैध तरीके से कफ सीरप रखने पर 10 साल का कठोर कारावास, एक लाख जुर्माना

Thu, 24 Aug 2023 05:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 24 Aug 2023 05:00 AM IST
सार

कफ सीरप रखने के मामले में जिला अदालत ने 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश राजेश चौहान की अदालत ने दोषी को एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। 

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10 years rigorous imprisonment for keeping cough syrup, one lakh fine
कफ सीरप(सांकेतिक) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

अवैध रूप से कफ सीरप रखने के मामले में जिला अदालत ने 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश राजेश चौहान की अदालत ने दोषी को एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में उसको तीन साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। पुलिस ने नेरवा निवासी संदीप घुंता के खिलाफ मादक पदार्थ निरोधक अधिनियम की धारा 22 के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस ने 8 फरवरी, 2020 को झमारी पुलिस पोस्ट के पास पांवटा से आ रही बस को तलाशी के लिए रोका था।

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बस में बैठा संदीप पुलिस को देखकर घबरा गया। पुलिस ने उसके थैले की तलाशी ली तो 77 बोतलें कोरेक्स और लीरेक्स कफ सिरप की बरामद हुई थी। दोषी पुलिस को इसे रखने के बारे में लाइसेंस नहीं दिखा पाया। मामले की जांच के बाद अभियोजन पक्ष ने दोषी के खिलाफ विशेष न्यायाधीश राजेश चौहान शिमला की अदालत में अभियोग दर्ज किया। अदालत ने गवाहों के बयानों के आधार पर कहा कि अभियोजन पक्ष दोषी के खिलाफ अभियोग साबित करने में सफल रहा है।
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कोरेक्स जैसी नशीली दवाइयां क्यों हैं प्रतिबंधित
कोरेक्स जैसी कफ सीरप का नशे के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है। कोरेक्स शराब से भी अधिक जानलेवा है। कोरेक्स को मादक पदार्थ निरोधक अधिनियम की धारा 22 के तहत खुलेआम बिक्री से प्रतिबंधित किया गया है। कोरेक्स कफ सिरप है। खांसी होने पर चिकित्सक इस दवा का उपयोग प्रतिदिन दो से तीन बार पांच-पांच एमएल इस्तेमाल की सलाह देते हैं। कोरेक्स के अतिरिक्त कई दवाएं इसके विकल्प के रूप में इस्तेमाल की जाती हैं। इस दवा के सेवन से लोगों को नशा जैसा महसूस होता है। इस कारण लोग इसके आदी होने लगते हैं। खांसी नहीं होने पर भी लोग इसका सेवन करने लगते हैं। यह काफी नुकसानदायक है और इसे पीने से नींद आने लगती है। सिरप का सेवन करने से लगभग दो सौ मिली लीटर शराब के बराबर नशा होता है। मुंह से शराब के जैसी दुर्गंध भी नहीं आती। - डॉ. शिव कुमार गौतम, वरिष्ठ आयुष चिकित्सक (सेवानिवृत्त)
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