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हे भगवान ! यह क्या किया भगवान की किचन को टायलेट बना दिया
अमर उजाला टीम डिजिटल/ उदयपुर
Updated Fri, 03 Mar 2017 03:08 PM IST
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जर्जर हालात में मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
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प्रोजेक्ट स्मार्ट सिटी के तहत उदयपुर में चल रहे काम में किस कदर लापरवाही बरती जा रही है इसका नमूना यहां प्रसिद्ध मंदिर गोकुल चन्द्रमाजी में देखा जा सकता है। यहां भगवान का भोग बनाने के लिए जिस किचन का उपयोग किया जाता था उसे टायलेट बना दिया।
इसको लेकर भक्तों में खासी नाराजगी है। देवस्थान विभाग और नगर निगम के तहत उदयपुर के राजमहलों के निकट बने पुष्टिमार्गीय वल्लभ सम्प्रदाय के गोकुल चंद्रमाजी मंदिर को लेकर भक्तों में गहरी आस्था है। यहां स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत काम चल रहा है। पहले यहां जीर्णोद्धार के दौरान ठेकेदार के श्रमिकों ने पेंटिंग्स को क्षतिग्रस्त किया और रही सही कसर ठाकुरजी के रसोईघर को पेशाबघर में तब्दील कर पूरी कर दी। हालांकि अब इसमें भगवान के लिए भोग नहीं बनता है, लेकिन रसोई तो रसोई है। भक्त इसे धार्मिक अनादर का मामला बता कर नाराजगी जाहिर कर रहे है। गौरतलब है कि पुष्टिमार्गीय वल्लभ सम्प्रदाय के मंदिरों में तो प्रभु के मंदिर में आने वालों के लिए भी नियम कठोर हैं। यह भी जानकारी में आया है कि जीणोद्धार के दौरान यहां विशेषज्ञों की सेवाएं भी नहीं ली रही है और काम ठेकेदार और मजदूरों के भरोसे छोड़ दिया है।
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इसको लेकर भक्तों में खासी नाराजगी है। देवस्थान विभाग और नगर निगम के तहत उदयपुर के राजमहलों के निकट बने पुष्टिमार्गीय वल्लभ सम्प्रदाय के गोकुल चंद्रमाजी मंदिर को लेकर भक्तों में गहरी आस्था है। यहां स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत काम चल रहा है। पहले यहां जीर्णोद्धार के दौरान ठेकेदार के श्रमिकों ने पेंटिंग्स को क्षतिग्रस्त किया और रही सही कसर ठाकुरजी के रसोईघर को पेशाबघर में तब्दील कर पूरी कर दी। हालांकि अब इसमें भगवान के लिए भोग नहीं बनता है, लेकिन रसोई तो रसोई है। भक्त इसे धार्मिक अनादर का मामला बता कर नाराजगी जाहिर कर रहे है। गौरतलब है कि पुष्टिमार्गीय वल्लभ सम्प्रदाय के मंदिरों में तो प्रभु के मंदिर में आने वालों के लिए भी नियम कठोर हैं। यह भी जानकारी में आया है कि जीणोद्धार के दौरान यहां विशेषज्ञों की सेवाएं भी नहीं ली रही है और काम ठेकेदार और मजदूरों के भरोसे छोड़ दिया है।
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