उदयपुर मेयर चुनाव आज: 53 पार्षदों के साथ भाजपा के पास बहुमत, पारस सिंघवी और पूनम कुंवर आमने-सामने
उदयपुर नगर निगम में मेयर पद के लिए आज 21 सितंबर को मतदान होगा। 80 सदस्यीय निगम में भाजपा के 53, कांग्रेस के 23, तीन निर्दलीय और एक माकपा पार्षद हैं। बहुमत का आंकड़ा 41 है, यानी भाजपा के पास बहुमत से 12 पार्षद अधिक हैं।
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उदयपुर नगर निगम में मेयर पद के लिए आज चुनाव होगा। सुबह 10 बजे से मतदान शुरू होगा और मतदान के तुरंत बाद मतगणना कर परिणाम घोषित किया जाएगा। 80 सदस्यीय नगर निगम में मेयर का चुनाव निर्वाचित पार्षद करेंगे। चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस ने अपने-अपने पार्षदों को एकजुट रखने की तैयारी पूरी कर ली है।
80 वार्डों में भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत
उदयपुर नगर निगम के चुनाव में भाजपा ने 53 वार्डों में जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। कांग्रेस के खाते में 23 सीटें आई हैं, जबकि तीन निर्दलीय और एक सीट मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के खाते में गई है। नगर निगम में बहुमत का आंकड़ा 41 पार्षदों का है। इस लिहाज से भाजपा बहुमत के आंकड़े से 12 सीट ऊपर है। संख्या बल के लिहाज से भाजपा की स्थिति मजबूत है। वहीं कांग्रेस के पास 23 पार्षद हैं। तीन निर्दलीय और माकपा के एक पार्षद का समर्थन भी चुनावी गणित में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भाजपा ने पारस सिंहवी को बनाया प्रत्याशी
बहुमत मिलने के बाद भाजपा ने अपने सभी 53 पार्षदों की बाड़ाबंदी कर रखी है। पार्टी ने मेयर पद के लिए पारस सिंहवी को प्रत्याशी बनाया है। वहीं कांग्रेस ने पूनम कुंवर राठौड़ को मैदान में उतारा है। कांग्रेस के साथ माकपा पार्षद राजेंद्र वसीटा के समर्थन की बात सामने आई है। इसके अलावा तीन निर्दलीय पार्षद भी चुनावी समीकरण में अहम भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे में दोनों दलों की नजर निर्दलीय पार्षदों के रुख पर भी बनी हुई है।
बहुमत के बावजूद भाजपा ने क्यों की बाड़ाबंदी?
भाजपा के पास 53 पार्षद हैं और वह बहुमत से 12 सीट आगे है। इसके बावजूद पार्टी ने अपने पार्षदों की बाड़ाबंदी की है। इससे साफ है कि पार्टी मतदान के दौरान क्रॉस वोटिंग की किसी भी संभावना को लेकर सतर्क है। वहीं कांग्रेस भी अपने पक्ष में समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है। हालांकि संख्या बल के मामले में भाजपा काफी आगे है, लेकिन मेयर चुनाव में सभी निर्वाचित पार्षद मतदान करेंगे। ऐसे में मतदान के दौरान पार्षदों के रुख पर नजर रहेगी।
नगर परिषद से निगम बनने के बाद छह बार भाजपा का बोर्ड
उदयपुर नगर निगम में भाजपा का राजनीतिक दबदबा पुराना रहा है। उपलब्ध चुनावी रिकॉर्ड के अनुसार नगर परिषद से नगर निगम बनने के बाद पिछले छह चुनावों में भाजपा के बोर्ड बने हैं। अब 2026 के चुनाव में भी भाजपा के पास 53 पार्षदों के साथ स्पष्ट बहुमत है।
ऐसे में आज होने वाला मेयर चुनाव भाजपा के लिए बहुमत के आंकड़े के साथ बोर्ड गठन की दिशा में अगला कदम होगा। कांग्रेस के सामने सीमित संख्या के बावजूद अपने प्रत्याशी के पक्ष में समर्थन जुटाने की चुनौती है।
आज मेयर, 22 सितंबर को होगा उपमहापौर का चुनाव
उदयपुर नगर निगम में आज मतदान के बाद मतगणना होगी और परिणाम घोषित किया जाएगा। इसके साथ ही यह तय हो जाएगा कि नगर निगम की कमान किसके हाथ होगी। इसके बाद 22 सितंबर को उपमहापौर पद के लिए चुनाव होगा। आज के मेयर चुनाव के नतीजे के बाद उपमहापौर चुनाव का सियासी गणित भी काफी हद तक साफ हो जाएगा।