फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Udaipur News ›   Udaipur LS Seat Here votes of non-tribal community will be decisive election wind is in favor of BJP

Udaipur LS Seat: यहां निर्णायक होंगे गैर आदिवासी समुदाय के वोट, बीजेपी और कांग्रेस के बीच दिलचस्प मुकाबला

Fri, 31 May 2024 07:30 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर Published by: अरविंद कुमार Updated Fri, 31 May 2024 07:30 PM IST
सार

Udaipur Lok Sabha Seat: इस बार राजस्थान में राजनीतिक पंडितों को तीन-चार सीटों का बीजेपी को नुकसान दिखाई दे रहा है। बात मेवाड़ की करें तो उदयपुर संभाग की चारों लोकसभा सीटें बीजेपी की झोली में गिरने के आसार हैं।

विज्ञापन
Udaipur LS Seat Here votes of non-tribal community will be decisive election wind is in favor of BJP
उदयपुर लोकसभा सीट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे आने में अब चार दिन और हैं। हीट वेव के चलने के साथ अटकलों का बाजार फिर गर्मा गया है। पिछले लोकसभा चुनाव में राजस्थान की सभी 25 सीटें बीजेपी को मिली थी। मगर इस बार राजनीतिक पंडितों को तीन-चार सीटों का बीजेपी को नुकसान दिखाई दे रहा है।

विज्ञापन


बात मेवाड़ की करें तो उदयपुर संभाग की चारों लोकसभा सीटें बीजेपी की झोली में गिरने के आसार हैं। उदयपुर लोकसभा जनजाति उम्मीदवारों के लिए आरक्षित सीट से 2024 में भाजपा-कांग्रेस ने जिन लोगों को उम्मीदवार बनाया, वे उच्च प्रशासनिक अधिकारी रह चुके हैं। कांग्रेस उम्मीदवार ताराचंद मीणा 2023 में उदयपुर जिला कलेक्टर थे। उन्होंने सरकारी सेवा से स्वेच्छा पूर्वक सेवानिवृत्ति लेकर चुनाव लड़ा। बीजेपी उम्मीदवार मन्नालाल रावत परिवहन विभाग में संयुक्त निदेशक थे। रावत ने भी चुनाव लड़ने के लिए वीआरएस लिया था। शहर के आम लोगों की राय के अनुसार, ताराचंद मीणा आईएएस होने के नाते मन्नालाल रावत से अधिक पावर फुल थे। मगर लोक व्यवहार व मिलनसारिता के क्षेत्र में रावत एक जाना माना चेहरा माना जाता है।
विज्ञापन


साल 2009 के बाद कांग्रेस ने नहीं जीता चुनाव
चुनाव के नतीजों की चर्चा करें तो उदयपुर लोकसभा सीट पर बीजेपी प्रत्याशी की जीत के आसार मतदान दिवस से दिखाई दे रहे हैं। यहां साल 2009 के बाद कांग्रेस ने कभी चुनाव नहीं जीता। 2009 कांग्रेस के रघुवीर मीणा ने बीजेपी प्रत्याशी महावीर भगोरा को हराया था। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी वही जाना पहचाना चेहरा रघुवीर मीणा थे। वहीं, बीजेपी ने प्रत्याशी बदलकर बाजी पलट दी थी। बीजेपी प्रत्याशी अर्जुनलाल मीणा ने कांग्रेस के रघुवीर को दो लाख 50 हजार मतों से पराजित किया था। इसके बाद साल 2019 के चुनाव में बीजेपी ने एक बार फिर अपने विनिंग उम्मीदवार अर्जुनलाल मीणा को चुनाव में उतारा।
विज्ञापन
विज्ञापन


कांग्रेस ने रघुवीर मीणा को पार्टी की सेंट्रल वर्किंग कमेटी के सदस्य होने से ढाई लाख वोटों से हार की परवाह न करते हुए 2019 में फिर मौका दिया। मगर इस चुनाव में अर्जुन ने रघुवीर को चार लाख 50 हजार वोटों से हराया। इस बार चुनाव में दोनों पार्टियों के उम्मीदवार बदल दिए गए। बीजेपी के अर्जुन लगातार दो बार विनर रहने के बावजूद अस्वस्थता के कारण चुनाव नहीं लड़ सके। अर्जुन मीणा की मजबूत सीट से मन्नालाल रावत को प्रत्याशी बनाया गया। लगातार दो चुनाव लोकसभा के और 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में सलूम्बर से हार जाने पर कांग्रेस ने रघुवीर मीणा को बाहर का रास्ता दिखाते हुए पूर्व कलेक्टर ताराचंद मीणा को प्रत्याशी बनाया। 


मेवाड़ के जाने माने चुनाव विश्लेषक लालकुमार चुघ का मानना है कि उदयपुर सीट पर पलड़ा बीजेपी का ही भारी रहेगा। चुघ के मुताबिक, उदयपुर लोकसभा में 60 फीसदी मतदाता अनुसूचित जाति व जनजाति के हैं, जिनके मतों का विभाजन बीजेपी, कांग्रेस और भारतीय आदिवासी पार्टी के मध्य होगा। सामान्य वर्ग के 40 प्रतिशत मतों में 70 फीसदी बीजेपी और 25 फीसदी कांग्रेस को मिलने की संभावना है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed