8000 करोड़ के ड्रग केस में बड़ा फैसला: उदयपुर कोर्ट ने सुनाई 6 आरोपियों को 20 साल की सजा; एक को 10 साल की जेल
Udaipur: डायरेक्ट्रेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) की टीम को मुंबई में इनपुट मिला था। जिसके आधार पर 28 अक्तूबर 2016 में उदयपुर के कलड़वास स्थित फैक्टरी पर छापा मारा गया था। यहां से 23 हजार 500 किलो एमडी ड्रग्स बरामद की गई थी। जिसकी इंटरनेशल कीमत करीब 8000 करोड़ रुपए से ज्यादा आंकी गई थी।
विस्तार
यह मामला 2016 का है, जब डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) को मुंबई से इनपुट मिला था। इसके आधार पर उदयपुर के कलड़वास स्थित एक फैक्टरी पर छापा मार कर 23,500 किलो मेथाकुलोन (मेंड्रेस टैबलेट) बरामद की गई थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत 8000 करोड़ रुपये आंकी गई। यह ड्रग दक्षिण अफ्रीका और इंडोनेशिया तक सप्लाई की जा रही थी।
पढ़ें: फल-सब्जियों में मिलावट के खिलाफ अभियान, सब्जी मंडी में 12 सैंपल लिए; 70 किलो सड़ा पपीता नष्ट
पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी सुभाष दूदानी सहित 8 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से सुभाष की मृत्यु 3 साल पूर्व हो चुकी है। बाकी 7 आरोपियों में रवि दूदानी, परमेश्वर व्यास, अनिल मल्कानी, संजय पटेल, निर्मल दूदानी, गूंजन दूदानी और अतुल म्हात्रे शामिल हैं। रवि और परमेश्वर पिछले 9 वर्षों से जेल में बंद थे, जबकि अन्य आरोपी जमानत पर थे।
50 गवाह, 1000 दस्तावेज और 300 इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
प्रकरण में सुनवाई के दौरान 50 गवाह, 1000 दस्तावेज पेश किए गए थे। साथ ही 1600 कंट्रोल सैंपल पर आर्टिकल और 300 इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर आर्टिकल डलवाकर 50 गवाह पेश किए गए। जिसके बाद आरोपियों पर दोष सिद्ध हो पाया। मामले में केन्द्र सरकार की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर के अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रवीण खंडेलवाल, विशिष्ट लोक अभियोजक राजेश वसीटा और विशिष्ट लोक अभियोजक एससी शर्मा ने पैरवी की।