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राजसमंद में सिखाया जाएगा कैसे होती है पैराग्लाइडिंग
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 17 Mar 2017 05:49 PM IST
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Paragliding
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प्रदेश के राजसमंद जिले में पैराग्लाइडिंग का प्रशिक्षण देने के लिए अप्रेल के पहले सप्ताह में प्रशिक्षण केन्द्र खोला जाएगा। इसके लिए प्रशासन की ओर से संचालक पायलट को मंजूरी दे दी गई है।
जानकारी के अनुसार नाथद्वारा के केसूली गांव की मोरजन पहाड़ियों व आसपास के इलाके में पैराग्लाइडिंग का प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। यहां पहाड़ी क्षेत्र में कंटीली झाड़ियां कम होना, ट्रैफिक नहीं होना, बिजली के तार नहीं होना सहित खुला इलाका होना यहां प्रशिक्षण देने का कारण बताया जा रहा है। प्रशिक्षण आयोजित करने वाले कुंअर अजित प्रताप सिंह ने बताया कि पैराग्लाइडिंग के लिए हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट, ग्लब्ज और पैराग्लाइडर सहित अन्य जरूरी उपकरण प्रशिक्षण केन्द्र पर ही उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि पैराग्लाइडिंग और सोलो फ्लाइट का प्रशिक्षण करीब दस से बारह दिन का होगा। विदेशों में इसके लिए प्रशिक्षण शुल्क लाखों में होता है लेकिन, यहां इसकी दर हजारों में ही रखी जाएगी। हालांकि यह शुल्क कितना होगा यह अभी तय नहीं हुआ है। पायलट सिंह ने बताया कि पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण केन्द्र के खुलने से कुंभलगढ़, राजसमंद, हल्दीघाटी, श्रीजी मंदिर, दिवेर और एकलिंगजी मंदिर में आने वाले देशी—विदेशी पर्यटकों के लिए यह आकर्षण का केन्द्र बनेगा।
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साथ ही प्रशिक्षण लेने वाले बच्चों को भी इसके जरिये राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाली पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर मिलेगा। उधर, राजसमंद एडीएम बृजमोहन बैरवा ने बताया कि पायलट कुंअर अजित प्रताप सिंह को यहां प्रशिक्षण आयोजित करने के लिए स्वीकृति दी है।
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जानकारी के अनुसार नाथद्वारा के केसूली गांव की मोरजन पहाड़ियों व आसपास के इलाके में पैराग्लाइडिंग का प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। यहां पहाड़ी क्षेत्र में कंटीली झाड़ियां कम होना, ट्रैफिक नहीं होना, बिजली के तार नहीं होना सहित खुला इलाका होना यहां प्रशिक्षण देने का कारण बताया जा रहा है। प्रशिक्षण आयोजित करने वाले कुंअर अजित प्रताप सिंह ने बताया कि पैराग्लाइडिंग के लिए हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट, ग्लब्ज और पैराग्लाइडर सहित अन्य जरूरी उपकरण प्रशिक्षण केन्द्र पर ही उपलब्ध कराए जाएंगे।
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उन्होंने बताया कि पैराग्लाइडिंग और सोलो फ्लाइट का प्रशिक्षण करीब दस से बारह दिन का होगा। विदेशों में इसके लिए प्रशिक्षण शुल्क लाखों में होता है लेकिन, यहां इसकी दर हजारों में ही रखी जाएगी। हालांकि यह शुल्क कितना होगा यह अभी तय नहीं हुआ है। पायलट सिंह ने बताया कि पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण केन्द्र के खुलने से कुंभलगढ़, राजसमंद, हल्दीघाटी, श्रीजी मंदिर, दिवेर और एकलिंगजी मंदिर में आने वाले देशी—विदेशी पर्यटकों के लिए यह आकर्षण का केन्द्र बनेगा।
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साथ ही प्रशिक्षण लेने वाले बच्चों को भी इसके जरिये राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाली पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर मिलेगा। उधर, राजसमंद एडीएम बृजमोहन बैरवा ने बताया कि पायलट कुंअर अजित प्रताप सिंह को यहां प्रशिक्षण आयोजित करने के लिए स्वीकृति दी है।