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Uadipur: शेखावत ने कांग्रेस पर साधा निशाना, बोले- जल जीवन मिशन की धीमी गति के लिए गहलोत सरकार जिम्मेदार
Fri, 30 Jun 2023 08:17 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Fri, 30 Jun 2023 08:17 PM IST
सार
गहलोत सरकार केंद्र की योजनाओं का समुचित ढंग से क्रियान्वयन करने के बजाय उन्हें अटकाने, भटकाने और लटकाने का काम करती है। राजस्थान की सरकार जल जीवन मिशन के भ्रष्टाचार में लिप्त हो गई। यहां कामों को अटकाया गया।
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केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि राज्य की गहलोत सरकार केंद्र की योजनाओं का समुचित ढंग से क्रियान्वयन करने के बजाय उन्हें अटकाने, भटकाने और लटकाने का काम करती है। यही कारण है कि जल जीवन मिशन योजना में यहां बहुत धीमी गति से काम हो रहा है। इन कामों में राजनीतिक भेदभाव बरता जा रहा है। गजेंद्र सिंह शेखावत शुक्रवार को उदयपुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सभा में अपना उद्बोधन दे रहे थे।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2019 में लालकिले से यह संकल्प किया था कि हर घर में पीने का पानी शुद्ध और समुचित मात्रा में पहुंचे। इसके लिए जल जीवन मिशन शुरू किया गया। मुझे इसका दायित्व सौंपा गया। मुझे प्रसन्नता होती है कि दो साल कोरोना की आपदा के बावजूद हमने काम किया। इसी का नतीजा है कि वर्ष 2019 में जहां 16 प्रतिशत घरों में नल से पानी पहुंचता था, अब यह आंकड़ा 64 प्रतिशत तक पहुंच गया है। केन्द्र सरकार ने लगभग पचास प्रतिशत घरों को पीने का पानी पहुंचाने में सफलता प्राप्त की, लेकिन राजस्थान की सरकार जल जीवन मिशन के भ्रष्टाचार में लिप्त हो गई। यहां कामों को अटकाया गया। राजनीतिक प्रतिबद्धता के आधार पर भेदभाव किया गया। राजस्थान सरकार को दिए बजट का 20-25 प्रतिशत पैसा भी खर्च नहीं कर पाई। देश में सबसे कम प्रगति राजस्थान में हुई है। केन्द्र की सभी योजनाओं में यही हाल है।
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उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के समय जब डबल इंजन की सरकार थी, तब राज्य में खूब विकास कार्य हुए। राज्य विकसित प्रांतों की श्रेणी में आकर खड़ा हुआ था, लेकिन गहलोत सरकार ने पिछले साढे़ चार साल में इसे फिर से पिछड़ा राज्य बना दिया। आज प्रदेश में कानून व्यवस्था खराब है। उदयपुर का नाम लेते ही कन्हैयालाल याद आता है, जिसकी गला काटकर हत्या कर दी गई। तुष्टीकरण के चलते मजहब के नाम पर वैमनस्य फैलाने वालों को प्रश्रय दिया गया। इसी का नतीजा रहा कि भीलवाड़ा, करौली और जोधपुर में दंगे फैलाए गए। उन्होंने जनता का आह्वान किया कि राजस्थान को फिर से विकास के रास्ते पर ले जाने के लिए आगामी चुनाव में राज्य में भाजपा की सरकार बनाए।
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