उदयपुर: सांवलिया सेठ मंदिर में जन्माष्टमी की भव्य तैयारी, रात 8 बजे ड्रोन शो; 12 बजे आरती के बाद आतिशबाजी
चित्तौड़गढ़ के मंडफिया स्थित श्री सांवलिया सेठ मंदिर में 4 सितंबर 2026 को जन्माष्टमी के लिए भव्य तैयारियां की गई हैं। रात 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए ड्रोन शो होगा, जबकि रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर विशेष आरती, पंजेरी प्रसाद वितरण और आतिशबाजी आयोजित की जाएगी।
विस्तार
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी को लेकर प्रसिद्ध श्री सांवलिया सेठ मंदिर, मंडफिया में तैयारियां अंतिम दौर में हैं। 4 सितंबर 2026 को जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर मंडल की ओर से धार्मिक आयोजनों के साथ कई भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मंदिर को विशेष पुष्प सज्जा और आकर्षक विद्युत रोशनी से सजाया जा रहा है। श्रद्धालुओं के लिए रात 8 बजे विशेष ड्रोन शो होगा, जबकि रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर विशेष आरती, पंजेरी प्रसाद वितरण और भव्य आतिशबाजी की जाएगी। भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में भी कई बदलाव किए गए हैं। 4 सितंबर को वीआईपी दर्शन बंद रहेंगे और चौपहिया व बड़े वाहनों के मंडफिया गांव में प्रवेश पर रोक रहेगी।
रात 8 बजे होगा विशेष ड्रोन शो
जन्माष्टमी की शाम मंदिर परिसर में आयोजित होने वाला ड्रोन शो श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण रहेगा। मंदिर मंडल की ओर से रात 8 बजे ड्रोन शो आयोजित किया जाएगा। श्रद्धालु पार्किंग क्षेत्र से ही इस भव्य आयोजन का आनंद ले सकेंगे।इसके बाद रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर विशेष आरती होगी। आरती के बाद श्रद्धालुओं को पंजेरी प्रसाद वितरित किया जाएगा और भव्य आतिशबाजी भी की जाएगी।
फूलों और रोशनी से सजेगा मंदिर परिसर
जन्माष्टमी के उत्सव को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में विशेष विद्युत सजावट की जा रही है। पुष्प सज्जा और आकर्षक रोशनी से मंदिर परिसर को भव्य रूप दिया जाएगा। मंदिर मंडल की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दर्शन व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और अन्य आवश्यक इंतजाम भी किए जा रहे हैं।
अलग-अलग मार्गों से आने वाले वाहनों के लिए पार्किंग तय
- श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर मंडल ने अलग-अलग मार्गों से आने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल निर्धारित किए हैं।
- भादसोड़ा चौराहा फोरलेन से आने वाले वाहन: महाविद्यालय छात्रावास पार्किंग और रेफरल हॉस्पिटल पार्किंग में वाहन खड़े किए जाएंगे।
- बानसेन मार्ग से आने वाले वाहन: कुरेठा चौराहा स्थित आक्याजी पेट्रोल पंप के पास वाली भूमि पर पार्किंग की व्यवस्था रहेगी।
- भदेसर मार्ग से आने वाले वाहन: भदेसर रोड स्थित निर्धारित पार्किंग स्थल पर वाहन खड़े किए जाएंगे।
- निंबाहेड़ा-आवरी माताजी मार्ग से आने वाले वाहन: गोकुल विश्रांति गृह के पास स्थित पार्किंग स्थल का इस्तेमाल किया जाएगा।
- बस और बड़े वाहन: राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मंडफिया के खेल मैदान में पार्क किए जाएंगे।
- मंदिर मंडल के अनुसार चौपहिया और बड़े वाहनों का मंडफिया गांव में प्रवेश निषेध रहेगा।
मीरा सर्किल से होगा मंदिर में प्रवेश
दर्शनार्थियों के लिए मीरा सर्किल स्थित पार्किंग से मंदिर में प्रवेश का रास्ता निर्धारित किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिग-जैग व्यवस्था के साथ पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई है। दर्शनार्थियों को निर्धारित प्रवेश द्वार से ही मंदिर परिसर में प्रवेश दिया जाएगा। वरिष्ठ नागरिकों और वृद्धजनों की सुविधा के लिए मंदिर मंडल की ओर से निःशुल्क बसों का संचालन भी किया जाएगा।
4 सितंबर को VIP दर्शन रहेंगे बंद
जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए 4 सितंबर को वीआईपी दर्शन व्यवस्था बंद रहेगी। मंदिर मंडल ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ही दर्शन करें और भीड़ नियंत्रण तथा सुरक्षा व्यवस्था में प्रशासन का सहयोग करें।
मंदिर में केक लाने पर पूरी तरह रोक
मंदिर मंडल ने श्रद्धालुओं से विशेष अपील की है कि वे अपने साथ केक लेकर मंदिर में प्रवेश न करें। मंदिर परिसर में केक लाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
इसके अलावा श्रद्धालुओं से अपने जूते-चप्पल निर्धारित जूता स्टैंड पर ही रखने की अपील की गई है। मंदिर मंडल ने सलाह दी है कि श्रद्धालु अपने साथ कीमती सामान, कैमरा, मोबाइल और बैग आदि लेकर मंदिर न आएं।
भीड़ के दौरान जेबतराशी और चेन स्नेचिंग जैसी घटनाओं से बचने के लिए श्रद्धालुओं से अपने सामान का विशेष ध्यान रखने और मंदिर मंडल की व्यवस्थाओं में सहयोग करने की अपील की गई है।
सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष फोकस
जन्माष्टमी के अवसर पर देश और प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंडफिया पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए मंदिर परिसर में दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मंदिर मंडल का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो और वे भगवान श्री सांवलिया सेठ के दर्शन श्रद्धा और उत्साह के साथ कर सकें। जन्माष्टमी के धार्मिक आयोजनों के साथ यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को भी व्यवस्थित रखने की तैयारी की गई है।