{"_id":"5b8b3c3b42c7924661545a9a","slug":"tussle-over-a-cow-one-said-for-dna-test-and-other-threatens-of-court","type":"story","status":"publish","title_hn":"गाय पर तनातनी: दो मालिकों में ठनी, एक बोला- डीएनए टेस्ट करा लो, दूसरे ने दी कोर्ट की धमकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गाय पर तनातनी: दो मालिकों में ठनी, एक बोला- डीएनए टेस्ट करा लो, दूसरे ने दी कोर्ट की धमकी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
Updated Sun, 02 Sep 2018 06:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्थान के जोधपुर शहर में एक गाय के मालिकाना हक को लेकर दो लोग आपस में भिड़ गए हैं। दोनों उस गाय को अपनी गाय बता रहे हैं। दोनों के अलग-अलग दावे हैं, जिसकी वो पुष्टि भी कर रहे हैं। यह मामला पुलिस थाने जा पहुंचा है, लेकिन इस मामले को सुलझाने में पुलिस के भी पसीने छूट रहे हैं।
विज्ञापन
यह पूरा मामला मंडोर के चैनपुरा नयाबास इलाके का है, जो पिछले एक महीने से इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल पेशे से पुलिस कांस्टेबल ओमप्रकाश विश्नोई और शिक्षक श्याम सिंह परिहार दोनों गाय को अपनी बता रहे हैं। मामला पुलिस थाने जाने के बाद पुलिस ने भी दोनों को समझाने की जीतोड़ कोशिश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। आखिरकार दोनों पक्ष इस बात पर राजी हो गए कि फिलहाल गाय को गौशाला भेज दिया जाए और तीन महीने बाद जब गाय दूध देने लगेगी तो मालिकाना हक की पुष्टि की जाएगी।
विज्ञापन
इस मामले में कांस्टेबल ओमप्रकाश विश्नोई का कहना है कि वो अपने गांव से इस गाय को लाए थे। करीब 4 साल से वो उनके पास थी। उनका कहना है कि यह गाय उनकी ही है और उनके घर पर बंधी एक बछड़ी उसी गाय की है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इसकी पुष्टि के लिए गाय और बछड़े का डीएनए टेस्ट करवा लो और जो झूठा होगा, वो डीएनए टेस्ट का सारा खर्च उठाएगा। विश्नोई ने कहा कि दूसरे पक्ष का दावा झूठा है, क्योंकि गाय खुद का दूध नहीं पीती है।
वहीं, शिक्षक श्याम सिंह परिहार ने आरोप लगाया है कि ओमप्रकाश विश्नोई पुलिस में है, इसलिए सही तरीके से जांच नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि यह गाय उनके पास काफी समय से है और तीन बार बछड़ा-बछिया को जन्म भी दे चुकी है। उनका कहना है कि उन्होंने कई बार थाने में एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन उनकी बातों को अनसुना कर दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि बिना एफआईआर के डीएनए जांच कैसे होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांस्टेबल के परिजन जबरन गाय को उनके घर से खोलकर ले गए थे और उसकी पहचान छुपाने के लिए पूंछ के बाल भी काट दिए। उन्होंने कहा कि अगर थाने में केस दर्ज नहीं किया गया तो वो न्याय के लिए कोर्ट जाएंगे।
इस मामले में पुलिस का कहना है कि फिलहाल गाय के असली मालिक का पता लगाना मुश्किल काम है। दोनों पक्ष गाय को अपनी बता रहे हैं। चूंकि, गाय अभी दूध नहीं दे रही है, इसलिए उसके खुद दूध पीने या नहीं पीने की पुष्टि फिलहाल संभव नहीं है। इसलिए गाय को फिलहाल गौशाला भिजवा दिया गया है। जब तीन महीने बाद गाय दूध देना शुरू करेगी, तभी दोनों पक्ष के दावों की पुष्टि हो पाएगी।