फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Tree planted on barren land of Rajasthan Forest Department Barmer

Barmer: बंजर जमीन पर जंगल बनाने की तैयारी, वन विभाग संग वेदांता केयर्न लगाएगा 4200 बीघा जमीन पर 3.50 लाख पौधे

Sat, 22 Apr 2023 09:02 AM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Sat, 22 Apr 2023 09:02 AM IST
सार

बाड़मेर में तेल और गैस खोज करने वाली केयर्न वेदांता कंपनी के साथ प्रदेश के वन विभाग ने रेगिस्तान में पेड़ पौधे लगाने का MOU किया है। इसके तहत बाड़मेर की 4200 बीघा जमीन पर 3 लाख 50 हजार पौधे लगाए जाएंगे। बाड़मेर के साथ ही जालोर में भी पेड़ लगाए जाएंगे।

विज्ञापन
Tree planted on barren land of Rajasthan Forest Department Barmer
कार्यक्रम में उपस्थित सदस्य। - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

राजस्थान सरकार के वन विभाग ने तेल और गैस की खोज करने वाली सबसे बड़ी कंपनी केयर्न वेदांता के साथ पौधरोपण का एमओयू किया है। बाड़मेर की हजारों बीघा बंजर जमीन में जंगल विकसित कर पर्यावरण संरक्षण में अहम भागीदारी निभाने की तैयारी है, ताकि कार्बन उत्सर्जन को कम कर पारिस्थितिकी संतुलन स्थापित किया जा सके और रेगिस्तान में भी जंगल की हरियाली लाई जा सके। एमओयू के तहत बाड़मेर की 4200 बीघा जमीन पर 3 लाख 50 हजार पौधे लगाए जाएंगे।

विज्ञापन


राजस्थान, गुजरात, आंध्रप्रदेश में लगाए जाएंगे 7.50 लाख पेड़
एमओयू के तहत वेदांता केयर्न 2030 तक राजस्थान के बाड़मेर और जालोर जिले के साथ गुजरात, आंध्र प्रदेश में भी पेड़ लगाएगी। पेट्रोलियम की खोज और उत्पादन कर रही वेदांता समूह की केयर्न ऑयल एंड गैस ने तीन राज्य सरकारों के साथ अलग-अलग समझौता पत्रों पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत इन राज्यों में 7.5 लाख पौधरोपण किए जाएंगे।  इनमें सबसे अधिक साढ़े 3 लाख पौधरोपण राजस्थान के बाड़मेर जिले में 2030  तक किए जाएंगे। पौधरोपण के माध्यम से जैव विविधता संरक्षण के लिए कदम आगे बढ़ाए जाएंगे। बड़े पैमाने पर पौधरोपण के माध्यम से प्राप्त कार्बन 4,500 भारतीय घरों को इलेक्ट्रीफाइड करने के लिए ज़रूरी उत्सर्जन के बराबर है।
विज्ञापन


भारत में कुल 20 लाख पेड़ लगाने का वादा, गुजरात और आंध्र प्रदेश में मैंग्रोव वन डवलप होंगे
केयर्न ने 2030 तक पूरे भारत में कुल 20 लाख पेड़ लगाने का वादा किया है। कंपनी ने राजस्थान के अलावा गुजरात में केयर्न के ऑफश्योर कैम्बे ब्लॉक में स्थित सुवाली में 60 हेक्टेयर मैंग्रोव वन विकसित करने के लिए गुजरात सरकार के साथ दूसरे समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मानव निर्मित मैंग्रोव परियोजना में प्रति दशक 30 हज़ार टन CO2 की अनुमानित सीक्वेस्ट्रेशन क्षमता होगी और सुवाली ऑपरेशन्स एरिया के कार्बन उत्सर्जन को महत्वपूर्ण रूप से ऑफसेट करेगी। इसी तरह रावा और उसके आसपास जैव विविधता संरक्षण परियोजनाओं के संचालन के लिए आंध्र प्रदेश वन विभाग और जिला प्रशासन के साथ तीसरे समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस परियोजना में वर्ष 2030 तक मानव निर्मित मैंग्रोव का पौधरोपण शामिल है।

काले सोने ने बदली रेगिस्तानी बाड़मेर की तस्वीर और तकदीर
बाड़मेर का नाम लेते ही जेहन में रेगिस्तान की तस्वीर की कल्पना उभरने लगती है। धोरों की धरा के बीच सदियों पुरानी संस्कृति और खजाने को समेटे बाड़मेर 2006 से पहले अधिकारियों के लिए काला पानी की सजा रूप में माना जाता था। चारों तरफ रेतीले धोरे और सुविधाओं के अभाव में जीने वाले बाड़मेर ने अपनी यात्रा के कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन बाड़मेर की किस्मत को यहां मिले तेल और गैस के भंडार ने ऐसा बदला कि ये जिला अब फर्राटे मारते हुए विकास पथ की तरफ दौड़ गया है। रेत के धोरों ने कच्चे तेल के रूप में ऐसा काला सोना उगला कि कुछ ही साल के भीतर इस जिले की तकदीर और तस्वीर दोनों बदल गई।

देश का 20 फ़ीसदी कच्चा तेल बाड़मेर से निकल रहा, 70 हज़ार करोड़ की रिफाइनरी बन रही
पूरे देश का 20 फ़ीसदी से ज्यादा कच्चा तेल बाड़मेर से निकलता है। वर्तमान में 70 हजार करोड़ रुपए की रिफाइनरी का काम यहां चल रहा है। वर्ष 2000 के बाद लगातार विदेशी कंपनियों ने यहां पर तेल खोजने का काम किया। तेल के खोज के काम में वर्ष 2006 में सफलता मिली। जिसके बाद यहां के लोगों को रोजगार के नए अवसर मिले लोगों की जमीन तो आवाप्त हुई, वर्तमान में वेदांता ग्रुप तेल निकालने का काम कर रहा है, वर्तमान में तेल,गैस अन्वेषण और दोहन के काम में अग्रणी वेदांता केयर्न बाड़मेर जिले में सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यों में भागीदारी निभा रही है। 2006 से पहले यहां के लोग रोजगार के लिए पंजाब और गुजरात जाकर मजदूरी और काम-धंधा करके अपना गुजारा चलाते थे। लेकिन अब बड़ा बदलाव आया है और बाड़मेर रोज़गार जनरेट करने वाला जिला बन गया है। जहां अन्य राज्यों से भी लोग आकर पेट्रोलियम और गैस प्रोजेक्ट्स, रिफाइनरी पर काम कर रहे हैं।

असम में गैस प्रोजेक्ट शुरू, चाय बागानों, उद्योगों, सीएनजी बसों को मिलेगा फ्यूल
केयर्न वेदांता कंपनी ने पूर्वोत्तर में गैस परियोजना की शुरुआत करने वाली पहली कंपनी बन गई है। असम के हजारीगांव क्षेत्र से परीक्षण और गैस उत्पादन शुरू किया गया है। इसी के साथ नॉर्थ ईस्ट के डीएसएफ ब्लॉक से गैस का प्रवाह शुरू करने वाली ये पहली कंपनी बन गई है। केयर्न की उत्पादित गैस को मुख्य ट्रंक पाइपलाइन और एजीसीएल के लिए एक गैस कैस्केडिंग सिस्टम के माध्यम से निकाला जाता है। फील्ड से निकलने वाली गैस का उपयोग चाय उत्पादकों और अन्य उद्योगों द्वारा किया जाएगा।

इसके अलावा गैस कैस्केडिंग प्रणाली हजारीगांव से गैस को असम सरकार की स्वच्छ ऊर्जा पहल के हिस्से के रूप में गुवाहाटी में चलने वाली 100 सीएनजी बसों को ईंधन देने में एक प्रमुख योगदानकर्ता बनने में सक्षम बनाएगी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जनप्रतिनिधियों, राज्य के अधिकारियों, एजीसीएल और केयर्न वेदांता के वरिष्ठ सदस्यों की उपस्थिति में गोलाघाट में आयोजित एक समारोह में नेचुरल गैस पाइपलाइन का उद्घाटन किया है।


इस उत्पादन पर विचार व्यक्त करते हुए केयर्न ऑयल एंड गैस के सीईओ निक वाकर ने कहा, “हम पूर्वोत्तर क्षेत्र में डीएसएफ ब्लॉक से परिचालन शुरू करने वाली पहली कंपनी बनकर खुश हैं। इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण क्षमता है और ये हमारे लिए एक प्रमुख फोकस क्षेत्र है। हम उत्पादन को दोगुना करने और देश के लिए ऊर्जा सुरक्षा का समर्थन करने के अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं। असम सरकार के साथ हमारी साझेदारी न केवल राज्य के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को आगे बढ़ाएगी, बल्कि इसके समग्र आर्थिक विकास में भी योगदान देगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed