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Ajmer: दरगाह में मंदिर होने का दावा फिर किया गया, महाराणा प्रताप सेवा के अध्यक्ष ने इसे लिखा पत्र, की यह मांग
Sat, 27 Jan 2024 09:44 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Sat, 27 Jan 2024 09:44 PM IST
सार
Amjer Dargah: महाराणा प्रताप सेवा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार ने अजमेर दरगाह की जांच करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखा। उन्होंने दावा किया कि दरगाह में पवित्र मंदिर है।
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अजमेर दरगाह में हिंदू मंदिर होने का दावा।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की सर्वे रिपोर्ट में वहां हिंदू मंदिर होने के कई प्रमाण मिले हैं। इनमें शिवलिंग, हनुमान, और भगवान कृष्ण की मूर्ति भी मिली हैं। इधर, राजस्थान में एक बार फिर अजमेर दरगाह में हिंदू मंदिर होने का दावा किया गया है। यह दावा राजवर्धन सिंह परमार ने किया है, जो महाराणा प्रताप सेवा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। परमार इससे पहले भी एक बार यह दावा कर चुके हैं।
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महाराणा प्रताप सेवा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष परमार ने शनिवार को अजमेर दरगाह की जांच करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखा। साथ ही उन्होंने वीडियो जारी कर कहा कि अजमेर दरगाह में पवित्र हिंदू मंदिर है।
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इससे पहले महाराणा प्रताप सेना के अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी पत्र लिख चुके हैं। जिसमें उन्होंने पुरातत्व विभाग से दरगाह का सर्वे करवाने की मांग की थी। परमार ने सीएम को लिखे पत्र में कहा था- हिंदू मंदिर को तोड़कर अजमेर में दरगाह बनाई गई थी, इसलिए इसका पुरातत्व विभाग से सर्वेक्षण करवाया जाए। इसमें मंदिर होने के पुख्ता सुबूत सामने आएंगे। हालांकि, उनके पत्र पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई थी।
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अढ़ाई दिन का झोपड़ा पर भी विवाद
इससे करीब दो सप्ताह पहले भाजपा सांसद रामचरण बोहरा ने अजमेर के 'अढ़ाई दिन का झोपड़ा' को वेद पुराणों के प्रसारक का केंद्र बताया था। उन्होंने कहा था कि मोहम्मद गौरी के कहने पर कुतुबुद्दीन ऐबक ने उसे तोड़ दिया था। उन्होंने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर इसे मूल स्वरूप में परिवर्तित करने की मांग की थी। बोहरा ने कहा था कि वो दिन दूर नहीं जब एक बार फिर यहां संस्कृत के मंत्र गूंजेंगे।