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Sirohi: वांछित आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार, बचने के लिए दिन में जंगलों में भाग जाता था; ऐसे हुई कार्रवाई
Wed, 02 Oct 2024 05:33 PM IST
सिरोही ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
Published by: सिरोही ब्यूरो
Updated Wed, 02 Oct 2024 05:33 PM IST
सार
Sirohi: टॉप 10 एवं डकैती में वांछित आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ढाई माह पूर्व कसिंद्रा के काशी विश्वनाथ महादेव मंदिर में हुई डकैती की वारदात को अंजाम देने के मामले में वांछित था।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सरूपगंज पुलिस द्वारा थाना स्तर का टॉप 10 एवं डकैती में वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ढाई माह पूर्व कसिंद्रा के काशी विश्वनाथ महादेव मंदिर में हुई डकैती की वारदात को अंजाम देने के मामले में वांछित था तथा घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था। आरोपी पुलिस से बचने के लिए दिनभर घने जंगलों में छिपा रहता था तथा रात में अंधेरा होने के बाद घर लौटता था।
इस मामले में सरूपगंज थानाधिकारी कमलसिंह की अगुवाई में टीम द्वारा डोली फली, वाटेरा पुलिस थाना रोहिडा जिला सिरोही निवासी सुरेशकुमार पुत्र रमेश कुमार गमेती भील को गिरफ्तार किया गया है। इससे पूर्व पुलिस टीम द्वारा आरोपी के छिपने के संभावित स्थानों पर दबिश दी गई, लेकिन वह इस कदर शातिर था कि रोजाना सवेरे जल्दी ही घने जंगलों में भाग जाता था तथा दिनभर वहां रहकर फरारी काट रहा था तथा वह देर रात को घर आता था। इसको लेकर मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम द्वारा दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया गया। इस मामले में 5 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई में रोहिड़ा पुलिस थाना के हेड कांस्टेबल रोहिताश कुमार, पुलिस थाना सरूपगंज के कांस्टेबल बाबूलाल, दिनेश कुमार, तेजाराम एवं पुखराज की टीम सम्मिलित रही।
महादेव मंदिर में वारदात को दिया था अंजाम
पुलिस के अनुसार इस मामले में 24 जुलाई 2024 को दर्ज करवाई गई रिपोर्ट में प्रार्थी ने बताया कि 23 जुलाई की रात वह तथा उसके रिश्तेदार काशिंद्रा के काशी विश्वनाथ महादेव मंदिर में सो रहे थे। रात करीब 12 बजे मंदिर में किसी चीज को तोड़ने की आवाज सुनकर वह दोनों जागें तो देखा कि 4 लोग मंदिर के दान पात्र को लोहे की घण से तोड़ रहे थे। उस दौरान 2 लोग मंदिर के मुख्य गेट पर हाथ में लाठी लेकर खड़े थे एवं 2 लोग मंदिर के ऊपर खड़े थे। उनके चिल्लाने पर छत पर खड़े लोगों ने उन पर पत्थर फेंकनें शुरू कर दिए।
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जबकि, दान पात्र तोड़ रहे लोगों ने उसके एवं उसके रिश्तेदार पर हमला कर उनके साथ मारपीट की तथा उसकी जेब से उसका पर्स निकाल कर ले लिया। उनके विरोध करने के बावजूद भी वे लोग नहीं मानें तथा उनके साथ मारपीट करतें दानपात्र तोड़ने लगें। तब वे दोनों जैसे तैसे इन बदमाशों से छूटकर दौड़कर गांव की तरफ दौड़े। उनके चिल्लाने पर गांव से ओर कई लोग दौडकर आए। इसके बाद सभी बदमाश मंदिर परिसर से पत्थरबाजी करने लगे। जैसे तैसे वे लोग भी पत्थर फेंकतें हुये मंदिर की तरफ बढ़े तो वों लोग वहां से भाग गए। उनके पास कुल्हाड़ी, सरिया व लोहे के घण वगैरा भी था। इसके बाद पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
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इस मामले में सरूपगंज थानाधिकारी कमलसिंह की अगुवाई में टीम द्वारा डोली फली, वाटेरा पुलिस थाना रोहिडा जिला सिरोही निवासी सुरेशकुमार पुत्र रमेश कुमार गमेती भील को गिरफ्तार किया गया है। इससे पूर्व पुलिस टीम द्वारा आरोपी के छिपने के संभावित स्थानों पर दबिश दी गई, लेकिन वह इस कदर शातिर था कि रोजाना सवेरे जल्दी ही घने जंगलों में भाग जाता था तथा दिनभर वहां रहकर फरारी काट रहा था तथा वह देर रात को घर आता था। इसको लेकर मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम द्वारा दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया गया। इस मामले में 5 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई में रोहिड़ा पुलिस थाना के हेड कांस्टेबल रोहिताश कुमार, पुलिस थाना सरूपगंज के कांस्टेबल बाबूलाल, दिनेश कुमार, तेजाराम एवं पुखराज की टीम सम्मिलित रही।
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महादेव मंदिर में वारदात को दिया था अंजाम
पुलिस के अनुसार इस मामले में 24 जुलाई 2024 को दर्ज करवाई गई रिपोर्ट में प्रार्थी ने बताया कि 23 जुलाई की रात वह तथा उसके रिश्तेदार काशिंद्रा के काशी विश्वनाथ महादेव मंदिर में सो रहे थे। रात करीब 12 बजे मंदिर में किसी चीज को तोड़ने की आवाज सुनकर वह दोनों जागें तो देखा कि 4 लोग मंदिर के दान पात्र को लोहे की घण से तोड़ रहे थे। उस दौरान 2 लोग मंदिर के मुख्य गेट पर हाथ में लाठी लेकर खड़े थे एवं 2 लोग मंदिर के ऊपर खड़े थे। उनके चिल्लाने पर छत पर खड़े लोगों ने उन पर पत्थर फेंकनें शुरू कर दिए।
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जबकि, दान पात्र तोड़ रहे लोगों ने उसके एवं उसके रिश्तेदार पर हमला कर उनके साथ मारपीट की तथा उसकी जेब से उसका पर्स निकाल कर ले लिया। उनके विरोध करने के बावजूद भी वे लोग नहीं मानें तथा उनके साथ मारपीट करतें दानपात्र तोड़ने लगें। तब वे दोनों जैसे तैसे इन बदमाशों से छूटकर दौड़कर गांव की तरफ दौड़े। उनके चिल्लाने पर गांव से ओर कई लोग दौडकर आए। इसके बाद सभी बदमाश मंदिर परिसर से पत्थरबाजी करने लगे। जैसे तैसे वे लोग भी पत्थर फेंकतें हुये मंदिर की तरफ बढ़े तो वों लोग वहां से भाग गए। उनके पास कुल्हाड़ी, सरिया व लोहे के घण वगैरा भी था। इसके बाद पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।