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Sirohi: आदिवासी क्षेत्र में रेल नेटवर्क को मजबूत बनाने का लक्ष्य, इन जिलों में रेल लाइन के सर्वे को स्वीकृति
Wed, 11 Jun 2025 04:18 PM IST
सिरोही ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
Published by: सिरोही ब्यूरो
Updated Wed, 11 Jun 2025 04:18 PM IST
सार
सिरोही जिला मुख्यालय को देश के रेल नेटवर्क के साथ जोड़ने के लिए इस ऐतिहासिक कदम की घोषणा करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सिरोही को रेल से जोड़ना जरूरी है। यह एक लंबे समय से लंबित मांग थी, जिसे आज पूरा किया गया है।
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आदिवासी क्षेत्र में रेल नेटवर्क को मजबूत बनाने का लक्ष्य
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान में रेल संपर्क को सुदृढ़ करने के लिए रेलवे द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। रेलवे द्वारा इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के लिए नई लाइन, दोहरीकरण, गेज परिवर्तन और विद्युतीकरण के कार्य तीव्र गति से किए जा रहे हैं। नए क्षेत्रों को रेल के माध्यम से जोड़ने के लिए नई लाइनों के निर्माण के लिए सर्वें के कार्य स्वीकृत किए जा रहे हैं। प्रदेश के आदिवासी बहुल्य क्षेत्र में रेल संपर्क को मजबूत बनाने की कड़ी में 9 जून 2025 को केंद्र सरकार द्वारा मारवाड-बागरा (जालोर)-सिरोही-स्वरूपगंज (96 किलोमीटर) नई रेल लाइन के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे को स्वीकृति प्रदान की गई। जालोर राजस्थान का महत्वपूर्ण शहर है जो समदड़ी-भीलड़ी-गांधीधाम रेल मार्ग पर स्थित है। सिरोही जिला मुख्यालय है तथा दिल्ली-अजमेर-आबूरोड़-अहमदाबाद के निकट स्थित है।
गौरतलब है कि सिरोही जिला मुख्यालय को देश के रेल नेटवर्क के साथ जोड़ने के लिए इस ऐतिहासिक कदम की घोषणा करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सिरोही को रेल से जोड़ना जरूरी है। यह एक लंबे समय से लंबित मांग थी, जिसे आज पूरा किया गया है। वर्तमान में सिरोही जिला मुख्यालय रेल संपर्क से वंचित है। यह परियोजना राजस्थान के आदिवासी बहुल्य क्षेत्र सिरोही को पहली बार भारतीय रेल नेटवर्क से जोड़ते हुए प्रत्यक्ष व प्रभावी कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगी।
विभिन्न प्रकार के होंगे फायदे
इस लाइन के निर्माण से क्षेत्र में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही क्षेत्र के निवासियों का जीवनस्तर भी बेहतर होगा। क्षेत्र में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से अनेक तरह के रोजगार के अवसरों का सृजन होगा। यात्रियों के लिए सुविधाजनक और तीव्र यात्रा का विकल्प उपलब्ध कराएगी, जिससे यात्रा का समय कम होगा और सुविधा में विस्तार होगा। क्षेत्र के निवासियों को राजस्थान के प्रमुख षहरों के साथ-साथ अहमदाबाद, मुंबई व दिल्ली जैसे बडे शहरों के साथ रेल सम्पर्क की सुविधा प्रदान करेगी। सीमावर्ती क्षेत्रों से माल और यात्रियों के परिवहन के लिए यह रणनीतिक लिंक साबित होगी।
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पढ़ें: बाड़मेर में टीबी मुक्त भारत अभियान: निक्षय मित्रों ने घर-घर जाकर बांटे पोषण किट, रोगियों के घरों का किया दौरा
आर्थिक, व्यापारिक व औद्योगिक लाभ
संगमरमर, ग्रेनाइट, सीमेंट, खाद्यान्न व उर्वरक और अन्य व्यापारिक वस्तुओं का कुशल परिवहन करने में सहायक होगी। क्षेत्र के औद्योगिक केंद्रों व मंडियों से सीधा संपर्क, जिससे व्यावसायिक गतिविधियों को गति मिलेगी। कृषि व खनन आधारित उद्योगों को लाभ मिलेगा। सिरोही में स्थित सीमेंट उद्योगों को परिवहन सुविधा का लाभ मिलेगा। समदड़ी और सीमावर्ती शहर मुनाबाव जैसे स्थानों से आने वाले यातायात को पश्चिमी डीएफसी मार्ग से बेहतर संपर्क मिलेगा, तथा मुंबई तक बेहतर रेल संपर्क स्थापित होगा।
सामाजिक व क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा
ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों को जोड़ने में सहायक होगी जिससे सामाजिक संबंधों को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिलेगा व क्षेत्र के स्थानीय उत्पादों को देष के विभिन्न भागों में सुगम रेल परिवहन की सुविधा मिलेगी। मारवाड बागरा-सिरोही-स्वरूपगंज नई रेल लाइन न केवल सिरोही जैसे महत्वपूर्ण जिला मुख्यालय को भारतीय रेल के प्रमुख रेल नेटवर्क से जोड़ने का कार्य करेगी, बल्कि यह व्यापार, रोजगार, सामाजिक समावेश और क्षेत्रीय विकास के नए द्वार खोलेगी। यह एक रणनीतिक, आर्थिक व सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है, जो राजस्थान के पश्चिमी क्षेत्र को नए युग में ले जाएगी।
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गौरतलब है कि सिरोही जिला मुख्यालय को देश के रेल नेटवर्क के साथ जोड़ने के लिए इस ऐतिहासिक कदम की घोषणा करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सिरोही को रेल से जोड़ना जरूरी है। यह एक लंबे समय से लंबित मांग थी, जिसे आज पूरा किया गया है। वर्तमान में सिरोही जिला मुख्यालय रेल संपर्क से वंचित है। यह परियोजना राजस्थान के आदिवासी बहुल्य क्षेत्र सिरोही को पहली बार भारतीय रेल नेटवर्क से जोड़ते हुए प्रत्यक्ष व प्रभावी कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगी।
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विभिन्न प्रकार के होंगे फायदे
इस लाइन के निर्माण से क्षेत्र में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही क्षेत्र के निवासियों का जीवनस्तर भी बेहतर होगा। क्षेत्र में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से अनेक तरह के रोजगार के अवसरों का सृजन होगा। यात्रियों के लिए सुविधाजनक और तीव्र यात्रा का विकल्प उपलब्ध कराएगी, जिससे यात्रा का समय कम होगा और सुविधा में विस्तार होगा। क्षेत्र के निवासियों को राजस्थान के प्रमुख षहरों के साथ-साथ अहमदाबाद, मुंबई व दिल्ली जैसे बडे शहरों के साथ रेल सम्पर्क की सुविधा प्रदान करेगी। सीमावर्ती क्षेत्रों से माल और यात्रियों के परिवहन के लिए यह रणनीतिक लिंक साबित होगी।
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आर्थिक, व्यापारिक व औद्योगिक लाभ
संगमरमर, ग्रेनाइट, सीमेंट, खाद्यान्न व उर्वरक और अन्य व्यापारिक वस्तुओं का कुशल परिवहन करने में सहायक होगी। क्षेत्र के औद्योगिक केंद्रों व मंडियों से सीधा संपर्क, जिससे व्यावसायिक गतिविधियों को गति मिलेगी। कृषि व खनन आधारित उद्योगों को लाभ मिलेगा। सिरोही में स्थित सीमेंट उद्योगों को परिवहन सुविधा का लाभ मिलेगा। समदड़ी और सीमावर्ती शहर मुनाबाव जैसे स्थानों से आने वाले यातायात को पश्चिमी डीएफसी मार्ग से बेहतर संपर्क मिलेगा, तथा मुंबई तक बेहतर रेल संपर्क स्थापित होगा।
सामाजिक व क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा
ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों को जोड़ने में सहायक होगी जिससे सामाजिक संबंधों को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिलेगा व क्षेत्र के स्थानीय उत्पादों को देष के विभिन्न भागों में सुगम रेल परिवहन की सुविधा मिलेगी। मारवाड बागरा-सिरोही-स्वरूपगंज नई रेल लाइन न केवल सिरोही जैसे महत्वपूर्ण जिला मुख्यालय को भारतीय रेल के प्रमुख रेल नेटवर्क से जोड़ने का कार्य करेगी, बल्कि यह व्यापार, रोजगार, सामाजिक समावेश और क्षेत्रीय विकास के नए द्वार खोलेगी। यह एक रणनीतिक, आर्थिक व सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है, जो राजस्थान के पश्चिमी क्षेत्र को नए युग में ले जाएगी।