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Supreme Court: विधानसभा चुनाव से पहले SC ने 'मुफ्त रेवड़ियां' बांटने पर दो राज्यों से जवाब मांगा, जानें मामला
Fri, 06 Oct 2023 12:43 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, राजस्थान
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, राजस्थान
Published by: उदित दीक्षित
Updated Fri, 06 Oct 2023 12:43 PM IST
सार
Supreme Court: विधानसभा चुनाव से पहले 'मुफ्त रेवड़ियों' यानी मुफ्त में चीजें बांटने के वादों पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, चुनाव आयोग, मध्य प्रदेश और राजस्थान को नोटिस जारी किया है। याचिका पर सुनवाई करने के बाद कोर्ट ने चार हफ्ते में जवाब मांगा है।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को विधानसभा चुनावों से पहले मुफ्त चीजें बांटने का आरोप लगाने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, चुनाव आयोग, राजस्थान और मध्यप्रदेश से जवाब मांगा है। कोर्ट ने जवाब देने के लिए चार हफ्ते का समय दिया है।
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दरअसल, विधानसभा चुनावों से पहले राज्यों में मुफ्त चीजें बांटने का आरोप लगाकर एक जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया है कि इस तरह की चुनावी लाभ वाली मुफ्त योजनाओं से लोगों पर भी बोझ बढ़ता है। याचिका के जरिए विधानसभा चुनाव से पहले मुफ्त चीजें बांटने के वादों पर रोक लगाने की मांग की गई है।
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बेंच ने अपनाया सख्त रुख
मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने शुक्रवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए सख्त रुख अपनाया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने केंद्र सरकार, चुनाव आयोग, मध्य प्रदेश, राजस्थान और भारतीय रिजर्व बैंक को भी नोटिस जारी किया गया। सभी को जवाब देने के लिए चार हफ्ते का समय दिया गया है।
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नकदी बांटने से ज्यादा क्रूर कुछ नहीं
विधानसभा चुनाव से पहले मतदाताओं को मुफ्त सुविधाएं बांटने का आरोप लगाने वाली इस याचिका को भट्टूलाल जैन द्वारा दायर किया गया है। याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील ने सुनवाई के दौरान कहा, 'चुनाव से पहले सरकार द्वारा नकदी बांटने से ज्यादा क्रूर कुछ नहीं हो सकता। ये हर बार हो रहा है और इसका बोझ आखिर में करदाताओं पर ही पड़ता है'। याचिका पर सुनवाई के बाद बेंच ने आदेश दिया कि भट्टूलाल जैन की याचिका को इस मुद्दे पर लंबित अन्य याचिका के साथ टैग किया जाए।