कृषि कानूनों पर राजग में रार, सहयोगी पार्टी आरएलपी बोली- वापस लो वरना नहीं रहेंगे साथ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की घटक राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) ने केंद्र सरकार से हाल में लागू कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की है। पार्टी ने कहा है कि अगर इस मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं की गई तो वह एनडीए का सहयोगी दल बने रहने पर पुनर्विचार करेगी।
आरएलपी के संयोजक व नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने सोमवार को इस बारे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को संबोधित कर ट्वीट किया। इसमें उन्होंने लिखा है, 'अमित शाह जी, देश में चल रहे किसान आंदोलन की भावना को देखते हुए हाल ही में कृषि से संबंधित लाए गए तीन विधेयकों को तत्काल वापिस लिया जाए व स्वामीनाथन आयोग की संपूर्ण सिफारिशों को लागू करें व किसानों को दिल्ली में त्वरित वार्ता के लिए उनकी मंशा के अनुरूप उचित स्थान दिया जाए!'
बेनीवाल ने आगे लिखा, 'चूंकि आएलपी, एनडीए का घटक दल है परन्तु आरएलपी की ताकत किसान व जवान है, इसलिए अगर इस मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं की गई तो मुझे किसान हित में राजग का सहयोगी दल बने रहने के विषय पर पुनर्विचार करना पड़ेगा।' आरएलपी व भाजपा ने गत लोकसभा चुनाव साथ लड़ा था जिसके तहत भाजपा ने राज्य में 25 में से एक सीट आरएलपी को दी थी। इस नागौर सीट से बेनीवाल सांसद चुने गए। विधानसभा में आरएलपी के तीन विधायक हैं।
श्री @AmitShah जी,देश मे चल रहे किसान आंदोलन की भावना को देखते हुए हाल ही में कृषि से सम्बंधित लाये गए 3 बिलों को तत्काल वापिस लिया जाए व स्वामीनाथन आयोग की सम्पूर्ण सिफारिशों को लागू करें व किसानों को दिल्ली में त्वरित वार्ता के लिए उनकी मंशा के अनुरूप उचित स्थान दिया जाए !
— HANUMAN BENIWAL (@hanumanbeniwal) November 30, 2020