जयपुर: विज्ञापन में ब्लू बेबी बूटिज दिखाना पड़ा भारी, राजस्थान सरकार ने 11 ART-सरोगेसी सुविधाओं पर कसा शिकंजा
राजस्थान सरकार ने एक अस्पताल की ओर से संचालित नौ ART क्लीनिक, एक ART बैंक और एक सरोगेसी क्लीनिक समेत कुल 11 सुविधाओं के रजिस्ट्रेशन अगले आदेश तक सस्पेंड कर दिए हैं। कार्रवाई अस्पताल के विज्ञापन में नीले रंग के बच्चों के जूते दिखाए जाने के बाद की गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजस्थान सरकार ने एक अस्पताल की ओर से संचालित असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) और सरोगेसी से जुड़ी 11 सुविधाओं के रजिस्ट्रेशन अगले आदेश तक सस्पेंड कर दिए हैं। इनमें नौ ART क्लीनिक, एक ART बैंक और एक सरोगेसी क्लीनिक शामिल हैं। कार्रवाई अस्पताल के विज्ञापन में नीले रंग के बच्चों के जूते (Blue Baby Booties) दिखाए जाने के बाद की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, नीला रंग आम तौर पर लड़के से जोड़कर देखा जाता है और विज्ञापन से यह संकेत जाने की आशंका जताई गई कि लिंग चयन से जुड़ी सेवाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है।
राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खिंवसर ने बताया कि राज्य में ART और सरोगेसी सेवाओं से जुड़े नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आने के बाद सोमवार को यह कार्रवाई की गई। अस्पताल की सभी संबंधित सुविधाओं के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक सस्पेंड कर दिया गया है।
विज्ञापन में नीले बेबी शूज को लेकर उठे सवाल
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि यह कार्रवाई असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (रेगुलेशन) एक्ट, 2021 के प्रावधानों के तहत की गई है। विभाग के अनुसार, नीले रंग को आम तौर पर लड़के से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में विज्ञापन में नीले बेबी शूज का इस्तेमाल लोगों को यह संकेत देने वाला माना गया कि संबंधित अस्पताल लिंग चयन से जुड़ी सेवाओं को बढ़ावा दे रहा है।
ART में लिंग चयन पर रोक
गायत्री राठौड़ ने कहा कि कानून के तहत लिंग चयन और लिंग चयन पर आधारित ART प्रक्रियाओं पर रोक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ART और सरोगेसी से जुड़ी सेवाओं का संचालन तय कानून, नियमों और नैतिक मानकों के अनुसार ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लिंग चयन जैसी प्रतिबंधित प्रथाओं को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा देना स्वीकार नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
भीलवाड़ा से जयपुर तक इन सुविधाओं पर कार्रवाई
सस्पेंड किए गए रजिस्ट्रेशन में भीलवाड़ा का एक ART लेवल-1 क्लीनिक शामिल है। इसके अलावा कोटा, उदयपुर, अजमेर और जोधपुर में एक-एक ART लेवल-2 क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन सस्पेंड किया गया है। वहीं, जयपुर में दो ART लेवल-2 क्लीनिक, एक सरोगेसी क्लीनिक और एक ART बैंक के रजिस्ट्रेशन पर भी कार्रवाई की गई है।
नियमों का पालन नहीं करने पर आगे भी होगी कार्रवाई
विभाग ने कहा कि ART और सरोगेसी सेवाओं को कानून और निर्धारित नैतिक मानकों के तहत संचालित किया जाना जरूरी है। सरकार ने साफ किया है कि प्रतिबंधित लिंग चयन जैसी गतिविधियों को सीधे या किसी संकेत के जरिए बढ़ावा देने की कोशिश को गंभीरता से लिया जाएगा और नियमों का उल्लंघन मिलने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।