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राजस्थान: वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए पूरे राज्य में फरवरी 2021 तक रेड अलर्ट जारी
Sun, 06 Dec 2020 12:51 AM IST
Kuldeep Singh
पीटीआई, जयपुर
पीटीआई, जयपुर
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sun, 06 Dec 2020 12:51 AM IST
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वन्यजीव अभयारण्य में घूमता एक मोर
- फोटो : Facebook/Prabhat Sharma
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राजस्थान में वन विभाग ने वन एवं वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए पूरे राज्य में शनिवार को फरवरी 2021 तक 'रेड अलर्ट' की घोषणा की गई। राजस्थान की प्रधान मुख्य वन संरक्षक (होफ) श्रुति शर्मा द्वारा इस संबंध में जारी एक आदेश के अनुसार, 'रेड अलर्ट' के दौरान सभी राष्ट्रीय उद्यान, टाईगर रिजर्व, वन्य जीव अभयारण्य व समस्त वन क्षेत्रों में शिकारियों की तलाश के लिए एक सघन अभियान चलाया जाएगा। साथ ही आवश्यकता होने पर स्थानीय प्रशासन का सहयोग लेकर शिकारियों/अपराधियों को पकड़ने की कार्रवाई की जाएगी।
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बाघ के गले पर लिपटा मिला शिकारी तार
शुक्रवार को राजस्थान के रणथंभौर टाइगर रिजर्व में एक बाघ के गले के चारों तरफ शिकारियों की तरफ से बिछाए जाने वाले जाल का तार लिपटा मिलने से हड़कंप मच गया है। रणथंभौर टाइगर रिजर्व में टी-108 बाघ शनिवार को दो बार सुबह 12.50 बजे और उसके बाद 6 बजे वन विभाग की तरफ से लगाए गए कैमरों की जद में दिखाई दिया।
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दोनों बाद उसके गले में जाल के फंदे जैसा तार लिपटा दिखाई दिया। इसके बाद विभाग ने एनटीसीए से बाघ को ट्रैंकुलाइज गन से निशाना बनाकर बेहोश करने की इजाजत मांगी। इजाजत मिलने के बाद शनिवार सुबह 11 बजे बाघ को बेहोश किया गया और तार को गले से निकालने के बाद 11.45 बजे दोबारा जंगल में छोड़ दिया गया।
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वन विभाग के सभी फील्ड अफसरों के अवकाश रद्द, गश्त बढ़ाने के आदेश
इसके बाद विभाग ने रेड अलर्ट जारी करते हुए सभी फील्ड अफसरों के अवकाश रद्द करते हुए उन्हें तत्काल ड्यूटी पर पहुंचने का निर्देश दिया। विभाग ने सभी वन अधिकारियों को अपने-अपने वन क्षेत्र में सख्ती से सर्च अभियान चलाने का निर्देश दिया और शिकारियों व अपराधियों को दबोचने के लिए स्थानीय पुलिस की मदद लेने को कहा। संरक्षित वन क्षेत्रों में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को रोकने के लिए सघन गश्त अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
रेड अलर्ट के आदेश में यह भी कहा गया है कि रणथंभौर टाइगर रिजर्व से पहले मिली रिपोर्ट में शिकारियों की तरफ से लगाए गए पंजों में गाय और भैंसों के फंसने की जानकारी मिलती रही है। हाल ही में माउंट आबू से पांच शिकारियों को सांभर हिरण की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा भी राज्य के वनों में शिकारियों की गतिविधि में तेजी आई है।