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Ranthambore National Park: सात दिन में बाघ-बाघिन और शावक की मौत, वन विभाग की चिंताएं बढ़ीं
Wed, 01 Feb 2023 07:48 AM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Wed, 01 Feb 2023 07:48 AM IST
सार
राजस्थान में सवाईमाधोपुर जिले के रणथंभौर में बाघों की मौत के चलते विभाग की चिंता बढ़ गई हैं। यहां कुछ दिन पहले बाघ टी-57 की मौत के बाद अब बाघिन टी-114 की भी मौत हो गई। करीब सात दिन से बाघिन लापता थी, इसके बाद भी टीम उसे ट्रैस नहीं कर पाई। अब बाघिन मृत अवस्था में मिली।
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बाघ-बाघिन और शावक की मौत
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
सवाई माधोपुर जिले में रणथंभौर से फिर दुखद खबर सामने आई है। यहां बाघिन टी-114 का शव मिला है। बताया जा रहा है, शव सात दिन पुराना है। सूचना पर रणथंभौर के डीएफओ संग्राम सिंह मौके पर पहुंचे। बाघिन के एक शावक का भी शव मिला है। वन विभाग ने इसको लेकर बाघिन की तलाश करने की बात कही गई थी। अब सात दिन पुराना बाघिन का शव मिलने से वन विभाग की ट्रैकिंग पर सवाल उठे रहे हैं।
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रणथंभौर में कुछ दिनों पूर्व बाघ टी-57 की मौत हुई थी। इसके बाद अब बाघिन टी-114 के एक शावक की मौत हो गई। बीते दिनों रणथंभौर की फलौदी रेंज के दोलाड़ा गांव के एक खेत में तीन शावक नजर आए थे। इसके बाद अब मंगलवार को तीन में से एक बाघ शावक के मौत की खबर आई है।
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बाघ शावक मृत अवस्था में मिला...
वन विभाग की टीम को रणथंभौर टाइगर रिजर्व से कुछ दूरी पर फलौदी रेंज के नहारी नाले में एनिकट के पास एक बाघ शावक मृत अवस्था में मिला। सूचना वनकर्मियों ने वनाधिकारियों को दी। वन विभाग के उच्च अधिकारी और टीम मौके पर पहुंची। शावक के शव को कब्जे में लिया, इसके बाद वेटरनरी बोर्ड ने फलौदी रेंज में पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के बाद वन विभाग ने वहीं शावक का अंतिम संस्कार कर दिया।
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25 जनवरी को नजर आए थे बाघिन टी-114 के तीन शावक...
वन विभाग के मुताबिक, पहली बार ग्रामीणों को 25 जनवरी को बाघिन टी-114 के तीन शावक दोलाड़ा गांव में नजर आए थे। ग्रामीणों ने इस बारे में वन विभाग को सूचना भी दी थी, जिसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। वन विभाग की ओर से शावकों की लगातार मॉनीटरिंग की जा रही थी। इसके लिए विभाग की ओर से 20 से अधिक वन कर्मियों की टीम भी लगाई गई थी। टीम को शावक तो लगातार नजर आ रहे थे, लेकिन उनकी मां बाघिन टी-114 नजर नहीं आ रही थी।
करीब तीन महीने है मृतक शावक की उम्र...
वन विभाग को पूर्व में बाघिन के पदचिह्न मिलने की सूचना मिली थी, लेकिन इसके बाद भी विभाग की टीम बाघिन को ट्रैस नहीं कर पाई। रणथंभौर के डिएफओ संग्राम सिंह के अनुसार, मृतक शावक की उम्र करीब तीन महीने है। पिछले दो दिनों में हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण मौसम के मिजाज में भी अचानक बदलाव आया है। संभवतः बारिश और ओलावृष्टि में शावक सरवाइव नहीं कर पाया और उसकी मौत हो गई। एक शावक की मौत के बाद वन विभाग की बाघिन टी-114 और उसके अन्य दो शावकों को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।