{"_id":"6366367a741f2b3c944e9b9c","slug":"rajasthan-woman-suffers-labor-pain-in-mehndipur-balaji-temple-gives-birth-to-daughter","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajasthan: मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में महिला को हुई प्रसव पीड़ा, दिया बेटी को जन्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajasthan: मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में महिला को हुई प्रसव पीड़ा, दिया बेटी को जन्म
Sat, 05 Nov 2022 03:40 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Sat, 05 Nov 2022 03:40 PM IST
सार
राजस्थान के मेहंदीपुर बालाजी में मंगलवार को बालाजी दर्शन के लिए आई एक महिला को अचानक प्रसव पीड़ा होने लगी। मंदिर ट्रस्ट की महिला गार्डों ने अन्य महिलाओं की मदद से डिलीवरी कराई।
विज्ञापन
मेहंदीपुर बालाजी
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दौसा के विश्वप्रसिद्ध मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में मंगलवार को एक महिला ने बेटी को जन्म दिया। वह दर्शनों के लिए पधारी थी। इसी दौरान उसे प्रसव पीड़ा होने लगी। तब महिला गार्डों ने दर्शन के लिए आई अन्य महिलाओं की मदद से पर्दा किया और डिलीवरी कराई। बेटी ने जन्म लिया है। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ बताए जाते हैं।
विज्ञापन
बेटी के जन्म के बाद मौके पर पहुंची मेडिकल टीम ने एंबुलेंस से राजकीय महिला सामुदायिक अस्पताल में भर्ती करवाया। श्रद्धालु रोशनी ( 22) सास-ससुर, जेठ-जेठानी के साथ उत्तर प्रदेश के कासगंज से मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन करने आई थी। मंगलवार सुबह वह दर्शन की लाइन में लगी थी, तभी उसे अचानक प्रसव पीड़ा होने लगी। मंदिर में तैनात महिला गार्डों ने महिला को कतार से अलग किया। इसी दौरान तेज प्रसव पीड़ा होने से श्रद्धालु महिला ने मंदिर परिसर में ही बेटी को जन्म दे दिया। राजकीय सामुदायिक अस्पताल टोडाभीम के डॉक्टर अमरसिंह मीना के मुताबिक जच्चा-बच्चा स्वस्थ है। बच्ची का वजन दो किलो से अधिक है। समय से पहले प्रसव होने की वजह से बच्ची थोड़ी कमजोर है।
विज्ञापन
महिला गार्डों ने पर्दे के साथ घेरा बनाया
रोशनी मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन की लाइन में लगी थी। तभी उसे प्रसव पीड़ा होने लगी। महिला गार्डों की नजर इस पर पड़ी तो उन्होंने पहले तो उसे लाइन से बाहर निकाला। फिर अन्य महिलाओं की मदद से पर्दा लगवाया और गोल घेरे में उसका सुरक्षित प्रसव कराया। मंदिर परिसर में प्रसव की सूचना मिलने पर वहां स्थानीय लोगों की भीड़ लग गई।
विज्ञापन