बसपा विधायकों के खिलाफ भाजपा की याचिका पर राजस्थान HC ने स्पीकर को जारी किया नोटिस
राजस्थान उच्च न्यायालय ने बुधवार को राज्य के विधानसभा अध्यक्ष को भाजपा विधायक मदन दिलावर और बसपा के राष्ट्रीय सचिव सतीश मिश्रा की याचिकाओं पर नोटिस जारी किया। ये याचिकाएं बसपा के छह विधायकों को कांग्रेस में विलय के मुद्दे पर दायर की गई हैं।
इस मामले की सुनवाई अब गुरुवार को होगी। इन दोनों ने एकल न्यायाधीश के फैसले के खिलाफ मंगलवार को उच्च न्यायालय के खंड पीठ का दरवाजा खटखटाया था। एकल न्यायाधीश ने बसपा के छह विधायकों को कांग्रेस विधायकों के रूप में काम करने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।
Rajasthan High Court issues notice to Assembly Speaker CP Joshi over BJP leader Madan Dilawar's petition against the merger of 6 BSP MLAs with Congress and directs him to reply by tomorrow.
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Next hearing at 10.30 am tomorrow. https://t.co/2QNgZwfIyB — ANI (@ANI) August 5, 2020
आग्रह के बाद इस मामले की सुनवाई बुधवार के लिए मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत महंती और न्यायमूर्ति प्रकाश गुप्ता वाली खंड पीठ के सामने सूचीबद्ध कर दी गई थी। दोनों ही पक्षों ने सिंतबर, 2019 में अध्यक्ष सीपी जोशी द्वारा बसपा के छह विधायकों को कांग्रेस में विलय की अनुमति देने के खिलाफ याचिकाएं दायर की थी।
एकल पीठ ने अध्यक्ष और विधानसभा के सचिव और छह विधायकों को 30 जुलाई को नोटिस जारी किए थे। इन सभी को 11 अगस्त तक नोटिस का जवाब देने का निर्देश दिया गया था। हालांकि अदालत ने इस पर कोई अंतरिम राहत नहीं दी थी। इन दोनों पक्षों की मांग थी कि इन छह विधायकों के कांग्रेस विधायकों की तरह सदन में काम करने पर रोक लगाई जाए।
इसके बाद भाजपा विधायक और बसपा ने मंगलवार को अलग-अलग याचिकाएं डाली और खंड पीठ के समक्ष इसे तत्काल सूचीबद्ध करने अनुरोध किया। बसपा के छह विधायकों संदीप यादव, वाजीब अली, दीपचंद खेरिया, लखन मीणा, जोगेंद्र अवाना और राजेंद्र गुधा ने पिछले साल सिंतबर में कांग्रेस में विलय कर लिया था।