Rajasthan Election: वसुंधरा राजे के कहने पर बसपा प्रत्याशी ने नाम लिया वापस, कांग्रेस-भाजपा में सीधा मुकाबला
Rajasthan Election 2023: राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर मौसम गर्म है। लिहाजा एक-दूसरे पर वार-पलटवार का दौर चल रहा है, कोई किसी पर तंज कस रहा है, तो कोई आरोप लगा रहा है। इस बीच नामांकन वापसी के अंतिम दिन राजाखेड़ा में बीएसपी प्रत्याशी धर्मपाल सिंह ने नाम वापस ले लिया। उन्होंने नाम वापसी वसुंधरा राजे के कहने पर की है।
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गुरुवार को नामांकन वापसी के आखिरी दिन राजाखेड़ा विधानसभा क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी डॉक्टर धर्मपाल सिंह जादौन ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। बीएसपी प्रत्याशी के नामांकन करने से भाजपा की नीरजा अशोक शर्मा और कांग्रेस के रोहित बोहरा के बीच सीधा मुकाबला तय हो गया है।
बता दें कि राजाखेड़ा विधानसभा क्षेत्र की सियासत का गणित भी बदल गया है। जादौन ने कहा कि उन्होंने वसुंधरा राजे के कहने पर नामांकन वापस लिया है। राजाखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी डॉक्टर धर्मपाल सिंह जादौन द्वारा नामांकन वापस लेने से सियासत गर्मा गई है। इसके बाद बीएसपी का पारंपरिक दलित वोटर कांग्रेस की तरफ मुड़ने की संभावना दिखाई दे रही है तो वही सवर्ण मतदाता भाजपा के खाते में जा सकते हैं।
नाम वापसी पर सियासी हलचल तेज
इधर, राजनीतिक जानकारों की माने तो सीधे मुकाबले में भाजपा प्रत्याशी को फायदा मिल सकता है। भाजपा की नीरजा अशोक शर्मा ब्राह्मण एवं कांग्रेस के रोहित द्वारा जैन समाज से ताल्लुक रखते हैं। बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी रहे डॉक्टर धर्मपाल पूर्व में भाजपा में ही रहे थे। राजपूत समाज में इनका दबदबा देखा जाता है। वे पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के काफी नजदीक भी माने जाते हैं। बीजेपी पार्टी से डॉक्टर धर्मपाल टिकट मांग रहे थे। लेकिन टिकट नीरजा अशोक शर्मा के खाते में चली गई। भाजपा पार्टी से बागी होकर बीएसपी से प्रत्याशी बने थे।
फेसबुक पर डाली थी पोस्ट
डॉक्टर धर्मपाल सिंह जादौन ने बीएसपी प्रत्याशी का नामांकन विड्रॉल करने के बाद अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट शेयर की है। सोशल मीडिया पर उन्होंने बताया राजपूत समाज की भाजपा पार्टी द्वारा उपेक्षा की गई थी। इस वजह से व्यथित होकर उन्होंने भाजपा पार्टी का दामन थामकर प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया था। नामांकन भरने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे बीजेपी के कद्दावर नेता महेश जोशी द्वारा लगातार दूरभाष से संपर्क किये जा रहे थे। भाजपा के बड़े नेताओं के आश्वासन पर उन्होंने नामांकन वापस लिया है। अब वह भाजपा पार्टी के साथ काम करेंगे।