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Rajasthan Cabinet Expansion: मंत्रिमंडल विस्तार के लिए अशोक गहलोत की दिल्ली दौड़, अपने ही किए वादों पर खरा उतरना नहीं होगा आसान

Wed, 10 Nov 2021 06:03 PM IST
Rahul Sampal राहुल संपाल
Updated Wed, 10 Nov 2021 06:03 PM IST
सार

Rajasthan Cabinet Expansion: राजस्थान के अशोक गहलोत मंत्रिमंडल में अभी नौ मंत्री पद खाली हैं। फिलहाल सीएम गहलोत समेत मंत्रिमंडल में 21 सदस्य हैं। राजस्थान विधानसभा के सदस्यों की संख्या को देखते हुए अभी नौ मंत्री और बनाये जाने हैं। राजस्थान विधानसभा के कुल सदस्यों की संख्या 200 है। नियमानुसार कुल सदस्यों में से 15 फीसदी सदस्यों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है...

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rajasthan cabinet reshuffle: CM Ashok Gehlot in delhi, can meet Congress leader Rahul Gandhi
अशोक गहलोत, राहुल गांधी, सचिन पायलट - फोटो : Twitter Congress @RahulGandhi

विस्तार

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के दिल्ली दौरे से राज्य का सियासी तापमान फिर चढ़ गया है। गहलोत के दिल्ली पहुंचने के बाद से ही मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट तेज हो गई है। बुधवार को गहलोत दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत अन्य बड़े नेताओं से भी मुलाकात कर सकते हैं। इसी के साथ संभावनाएं जताई जा रही हैं कि जल्द ही प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है। गहलोत के दिल्ली रवानगी के बाद से ही मंत्रिमंडल में जगह पाने की उम्मीद लगाए बैठे पार्टी समेत सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायकों की धड़कनें भी बढ़ गई हैं। गहलोत के दिल्ली दौरे के बीच पूर्व मुख्यमंत्री सचिन पायलट की भी कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल से मिलने की चर्चा है।

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कांग्रेस के पास अब 108 विधायक

विधानसभा उपचुनाव और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में जीत के बाद दो धड़ों में बंटी कांग्रेस पार्टी के अंदरूनी समीकरण बदले हुए नजर आ रहे हैं। गहलोत गुट जहां पायलट के खेमे से पहले के मुकाबले ज्यादा मजबूत हुआ है। जबकि राज्य के सियासी संकट के समय गहलोत के साथ खड़े विधायकों को एडजस्ट करना सीएम के लिए किसी चुनौती से कम नहीं दिख रहा है। राज्य में गुटबाजी जब चरम पर थी, उस दौरान सीएम ने विधायकों से वादा किया था कि वे उनके अभिभावक के रूप में काम करेंगे। इसके बाद से ही गहलोत का समर्थन कर रहे सभी विधायकों को सरकार स्थिर होने के बाद से मंत्रिमंडल में जगह पाने और राजनीतिक नियुक्तियों के जरिए एडजस्ट होने की उम्मीद बंधी हुई है। उपचुनावों में जीत के बाद कांग्रेस के पास अब 108 विधायक हो गए हैं। इनमें छह बहुजन समाज पार्टी से कांग्रेस में शामिल हुए हैं। इसके अलावा 13 में से 10 निर्दलीय, दो बीटीपी और सीपीआई के बलवान पूनिया भी संकट के समय गहलोत का हाथ थामे हुए थे।

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मंत्रिमंडल में अभी खाली है नौ मंत्री पद

राजस्थान के अशोक गहलोत मंत्रिमंडल में अभी नौ मंत्री पद खाली हैं। फिलहाल सीएम गहलोत समेत मंत्रिमंडल में 21 सदस्य हैं। राजस्थान विधानसभा के सदस्यों की संख्या को देखते हुए अभी नौ मंत्री और बनाये जाने हैं। राजस्थान विधानसभा के कुल सदस्यों की संख्या 200 है। नियमानुसार कुल सदस्यों में से 15 फीसदी सदस्यों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। पिछले वर्ष हुए सियासी उठापटक के बाद से अभी नौ मंत्री पद खाली है।

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अमर उजाला को विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि प्रदेश मंत्रिमंडल में अधिकतम 30 मंत्रियों को शामिल किया जा सकता हैं। फिलहाल सीएम सहित अभी 21 मंत्री हैं। अगर एक व्यक्ति एक पद का पालन किया जाता है तो इस विस्तार में स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा (गुजरात प्रभारी), राजस्व मंत्री हरीश चौधरी (पंजाब प्रभारी) और शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा (प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजस्थान) को हटाया जा सकता है। क्योंकि इन तीनों नेताओं के पास संगठन के भी बड़े पद हैं। इन नेताओं की विदाई होने की स्थिति में तीन पद और खाली हो जाएंगे। लेकिन इस विस्तार में सभी पद नहीं भरे जाएंगे। तीन पदों को खाली रखा जा सकता है, ताकि संभावित नाराजगी को दूर किया जा सके। ऐसे में कुल नौ मंत्री पदों पर ही नियुक्ति की संभावना है।

अपनों को खुश करना गहलोत के लिए बना चुनौती

वरिष्ठ पत्रकार संदीप दहिया ने अमर उजाला को बताया कि राजस्थान सरकार के संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में पायलट खेमे के भी 4 मंत्री बनाए जा सकते हैं। ऐसे में गहलोत गुट के लिए सिर्फ पांच ही पद बचेंगे। इनमें निर्दलीय विधायकों के अलावा बसपा से कांग्रेस में शामिल विधायकों और कांग्रेस में गहलोत समर्थक विधायकों की संख्या भी कहीं ज्यादा है। ऐसे में गहलोत किस फार्मूले की तर्ज पर सभी एडजस्ट करेंगे यह देखने वाली बात होगी। मंत्रिमंडल विस्तार से पहले सीएम गहलोत एक बार पार्टी आलाकमान से मिलकर सभी बातें पूरी तरह से स्पष्ट करना चाहते हैं। वे ऐसा इसलिए कह कर रहे हैं कि पंजाब जैसी कोई भी स्थिति राजस्थान में न हो जाए और मंत्रिमंडल गठन उनके मुताबिक हो सके। आलाकमान से हरी झंडी मिलने के बाद ही सीएम मंत्रिमंडल विस्तार की कोई तिथि तय करेंगे।

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