गोल्ड ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा: 12 करोड़ की ठगी; दिल्ली से आरोपी गिरफ्तार, नेपाल तक फैले तार
जयपुर में फर्जी ऑनलाइन गोल्ड ट्रेडिंग वेबसाइट के जरिए 12 करोड़ 9 लाख 65 हजार 512 रुपये की साइबर ठगी के मामले में राजस्थान स्टेट साइबर क्राइम थाना पुलिस ने भोपाल निवासी विशाल शर्मा को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने कमीशन के लालच में साइबर ठगों को अपना बैंक खाता उपलब्ध कराया था।
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राजस्थान स्टेट साइबर क्राइम थाना पुलिस ने फर्जी ऑनलाइन गोल्ड ट्रेडिंग वेबसाइट के जरिए 12 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में एक और आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान भोपाल निवासी विशाल शर्मा के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने कमीशन के लालच में साइबर ठगों को अपना बैंक खाता उपलब्ध कराया था। इस मामले में गिरोह के चार आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
साइबर अपराध के अतिरिक्त महानिदेशक विजय कुमार सिंह ने बताया कि साइबर ठगों ने परिवादी से कुल 12 करोड़ 9 लाख 65 हजार 512 रुपये की ठगी की थी। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है।
व्हाट्सएप पर भेजा वेबसाइट का लिंक
पुलिस के अनुसार, साइबर ठगों ने 25 सितंबर 2025 को परिवादी के व्हाट्सएप नंबर पर एक वेबसाइट का लिंक भेजा था। इस वेबसाइट पर ऑनलाइन गोल्ड ट्रेडिंग और आकर्षक रिटर्न का प्रचार किया जा रहा था। झांसे में आने के बाद परिवादी ने वेबसाइट पर अपना खाता बनाया। इसके बाद कथित कस्टमर सर्विस के निर्देश पर परिवादी ने अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा कर निवेश करना शुरू कर दिया। 7 अक्टूबर से 4 नवंबर 2025 के बीच उसने विभिन्न बैंक खातों में करीब 6 करोड़ रुपये जमा कर दिए।
फर्जी वॉलेट में दिखाया 9.42 करोड़ का मुनाफा
आरोपियों ने परिवादी का भरोसा जीतने के लिए फर्जी वेबसाइट के वर्चुअल वॉलेट में उसकी रकम पर मुनाफा दिखाना शुरू कर दिया। कुछ समय बाद वर्चुअल वॉलेट में कुल रकम बढ़ाकर करीब 9.42 करोड़ रुपये प्रदर्शित की गई। इससे परिवादी को लगा कि उसके निवेश पर अच्छा मुनाफा हो रहा है।
पैसे निकालने के लिए फिर मांगी रकम
जब परिवादी ने 7 नवंबर को वर्चुअल वॉलेट से 5 करोड़ 2 लाख 84 हजार 784 रुपये निकालने का प्रयास किया तो ठगों ने नई चाल चल दी। आरोपियों ने आयकर प्रसंस्करण और अलग-अलग शुल्क के नाम पर परिवादी से अतिरिक्त रकम जमा कराने को कहा। इसके बाद परिवादी ने 10 से 26 नवंबर के बीच आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खातों में और पैसे जमा कर दिए। इस तरह ठगों ने परिवादी से कुल 12.09 करोड़ रुपये से अधिक की रकम वसूल ली। इसके बावजूद न तो मूल निवेश की रकम वापस की गई और न ही परिवादी को वर्चुअल वॉलेट में दिखाई जा रही राशि निकालने की अनुमति दी गई।
नेपाल कनेक्शन भी सामने आया
पुलिस पूछताछ में आरोपी विशाल शर्मा ने बताया कि जुलाई 2025 में उसकी मुलाकात अभिषेक नाम के व्यक्ति से हुई थी। अभिषेक ने उसे बैंक खाता खुलवाकर साइबर अपराध में इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराने के बदले 20 हजार रुपये कमीशन देने का प्रस्ताव दिया था।
अभिषेक के निर्देश पर विशाल लखनऊ के रास्ते नेपाल गया। वहां उसकी मुलाकात रविकांत उर्फ रवि पांचाल और विरेन उर्फ बिट्टू से हुई। पूछताछ में सामने आया कि नेपाल में कुछ समय के लिए विशाल का मोबाइल फोन और सिम कार्ड अन्य लोगों ने अपने पास रख लिया था। इसके बाद विशाल को भोपाल भेज दिया गया। वहां अभिषेक ने उसे 10 हजार रुपये कमीशन दिया। पुलिस के मुताबिक, विशाल के बैंक ऑफ वडोदरा के खाते का इस्तेमाल साइबर अपराध से जुड़ी रकम के लेनदेन के लिए किया गया।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, आरोपी विशाल शर्मा के खिलाफ हैदराबाद पुलिस भी पहले कार्रवाई कर चुकी है। इसके अलावा 1 दिसंबर 2025 को साइबर पुलिस वेस्ट दिल्ली ने भी उसे गिरफ्तार किया था। अब जयपुर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने 12 करोड़ रुपये से अधिक की ऑनलाइन गोल्ड ट्रेडिंग ठगी के मामले में उसे गिरफ्तार किया है।