राहुल के 'हिंदुत्व' बयान पर सुषमा- भगवान न करे उनसे हमें 'हिंदू' का मतलब सीखना पड़े
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राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए मतदान की तारीख नजदीक आते आते चुनाव रैलियों का दौर तेज होता जा रहा है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी शनिवार को राजस्थान के दौरे पर हैं। सबसे पहले वह उदयपुर में कारोबारियों से रूबरू हुए और इस दौरान मोदी सरकार को कई मुद्दों पर घेरा। राहुल ने नोटबंदी से लेकर सर्जिकल स्ट्राइक तक मोदी सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने पीएम मोदी को हिंदुत्व के मुद्दे पर भी घेरते हुए कहा कि वह किस तरह के हिंदू हैं।
राहुल ने हिंदुत्व के मुद्दे पर पीएम नरेंद्र मोदी को घेरा। राहुल ने कहा, हिंदुत्व का सार क्या है? गीता में क्या कहा गया है? इसका ज्ञान हर किसी को है, हर जगह ज्ञान फैला हुआ है। हर जीवित वस्तु के अंदर ज्ञान है। हमारे पीएम कहते हैं कि वह हिंदू हैं लेकिन वह हिंदुत्व की नींव को नहीं समझते। वह किस तरह के हिंदू हैं?
R Gandhi in Rajasthan: What is the essence of Hinduism? What does the Gita say? That knowledge is with everybody, knowledge is all around you. Every living being has knowledge. Our PM says he is a Hindu but he doesn't understand foundation of Hinduism. What kind of a Hindu is he? pic.twitter.com/5F0WclZvdW
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— ANI (@ANI) December 1, 2018
सुषमा स्वराज ने दिया जवाब
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा,
"बयान आया कि वो जनेऊधारी ब्राह्मण हैं, पर मुझे नहीं मालूम था कि जनेऊधारी ब्राह्मण के ज्ञान में इतनी वृद्धि हो गई कि हिंदू होने का मतलब अब हमें उनसे समझना पड़ेगा। भगवान न करे कि वो दिन कभी आए कि राहुल गांधी से हमें हिंदू होने का मतलब जानना पड़े।"
उन्होंने ये भी कहा कि राहुल गांधी ने पीएम के बारे में ऐसा इसलिए कहा क्योंकि वो और कांग्रेस खुद धर्म और जाति को लेकर भ्रम में हैं। सालों तक पार्टी ने राहुल को धर्मनिरपेक्ष नेता के तौर पर पेश किया लेकिन चुनाव आते ही उन्हें लगा कि हिंदू तो बहुसंख्यक हैं, इसलिए अब ये छवि बनाई जा रही है।
राहुल ने कहा, यूपीए सरकार के समय एनपीए दो लाख करोड़ रुपये था, मोदी सरकार के चार साल में एनपीए 12 लाख करोड़ रुपये हो गया। मोदी सरकार ने उद्योगपतियों का कर्ज माफ किया। कुल 15 उद्योगपतियों का कर्जा माफ किया गया है, ये सरकार करोड़ों हिदुस्तानियों का कर्ज क्यों नहीं माफ करती है। बड़े लोगों का कर्जा छुपाकर माफ किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, नोटबंदी और जीएसटी के बारे में हिन्दुस्तान की जनता भ्रमित है। नोटबंदी एक स्कैम है। इसका लक्ष्य छोटे उद्योगों की रीढ़ की हड्डी को तोड़ना था। चाहे नोटबंदी हो या गब्बर सिंह टैक्स, इनका लक्ष्य बड़ी-बड़ी कंपनियों का रास्ता खोलना था। इसका मकसद था कि हिंदुस्तान के बड़े 15 उद्योगपतियों को मौका दिया जाए।
राहुल ने कहा कि यह एक गलत धारणा है कि प्राइवेट सेक्टर एजुकेशन संस्थान बेहतर हैं। इस देश को सरकारी हेल्थकेयर सेवाओं के बिना नहीं चलाया जा सकता। हिंदुस्तान के सबसे बेहतरीन संस्थान सरकारी हैं।
Rahul Gandhi at an interactive session with business community&professionals in Udaipur, Rajasthan: It's a myth that private sector educational institutes are better. We are clear on the view that we can’t run the country without government institutes for education & healthcare. pic.twitter.com/F5Ym7LyZGT
— ANI (@ANI) December 1, 2018
सर्जिकल स्ट्राइक के मुद्दे पर राहुल ने कहा कि मोदी सरकार ने सर्जिकल स्ट्राइक को राजनीतिक बना दिया। मोदी सरकार ने इसका फायदा उठाया। मनमोहन सिंह सरकार ने तीन बार सर्जिकल स्ट्राइक की, क्या आपको इसकी जानकारी है?
हर आंदोलन को जनांदोलन बना देते हैं मोदी : सुषमा
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस भी आंदोलन को हाथ में लेते हैं उसे जन आंदोलन बना देते हैं। यहां एक कार्यक्रम ‘राजस्थान री बात सुषमा स्वराज के साथ’ में उन्होंने कहा,‘प्रधानमंत्री जिस भी आंदोलन को हाथ में लेते है वे उसे जन आंदोलन बना देते हैं।’
स्वच्छता मिशन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 9.50 करोड से ज्यादा शौचालय बनाए गए हैं जिनमें राजस्थान अग्रणी है। कहा, ‘अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इतनी संतुलित विदेश नीति चल रही है तो क्या पहले यह असंतुलन मिटाया नहीं जा सकता था।’ उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र भी इस दौरान किया।
7 दिसंबर को मतदान
बता दें कि राजस्थान में 7 दिसंबर को मतदान होना है। मतगणना बाकी राज्यों के साथ 11 दिसंबर को होगी। इस बार भी यहां मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच है। सीएम वसुंधरा राजे इस बार अकेले ही कई चुनौतियों से जूझ रही हैं। वहीं, कांग्रेस कद्दावर नेताओं की एकजुटता के दम पर मैदान में उतरी है। सचिन पायलट और अशोक गहलोत के अलावा के बड़े नेता चुनाव लड़ रहे हैं।