राजस्थान में बनेगा नया एक्सप्रेसवे कॉरिडोर: जयपुर-जोधपुर 4 घंटे और मुंबई 11 घंटे में
राजस्थान में 11,492 करोड़ से नया एक्सप्रेसवे कॉरिडोर बनेगा। जयपुर-जोधपुर सफर 4 घंटे और जोधपुर-मुंबई यात्रा 11 घंटे में होने की उम्मीद है। इससे उद्योग और व्यापार को फायदा होगा।
विस्तार
राजस्थान में सड़क कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने वाला बड़ा एक्सप्रेसवे कॉरिडोर तैयार होने जा रहा है। जयपुर-जोधपुर-पचपदरा एक्सप्रेसवे के बनने के बाद जयपुर से जोधपुर का सफर करीब 4 घंटे में पूरा होने की उम्मीद है। वहीं, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद जोधपुर से मुंबई की दूरी सड़क मार्ग से करीब 11 घंटे में तय हो सकेगी।
करीब 390 से 400 किलोमीटर लंबा छह लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे करीब 11,492 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा। परियोजना का उद्देश्य पश्चिमी राजस्थान को देश के प्रमुख कारोबारी और औद्योगिक केंद्रों से तेज सड़क कनेक्टिविटी देना है।
जयपुर-जोधपुर का सफर 4 घंटे में
फिलहाल जयपुर से जोधपुर सड़क मार्ग से पहुंचने में करीब 6-7 घंटे लगते हैं। एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह समय घटकर करीब 4 घंटे रह सकता है। इससे जयपुर और मारवाड़ के बीच यात्री आवागमन के साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
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जोधपुर से मुंबई तक 11 घंटे का रास्ता
इस कॉरिडोर की सबसे अहम कड़ी इसे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ना है। जोधपुर से आगे कनेक्टिविटी दौसा-लालसोट की दिशा में जाएगी और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ेगी। इसके बाद कोटा, रतलाम, वडोदरा और सूरत के रास्ते मुंबई तक पहुंच संभव होगी।
फिलहाल जोधपुर से मुंबई की सड़क यात्रा में ट्रैफिक और शहरों के भीतर से गुजरने के कारण करीब 17-18 घंटे लगते हैं। नया नेटवर्क तैयार होने के बाद यह समय करीब 11 घंटे रहने का अनुमान है। यानी यात्रियों और माल वाहनों के करीब 7-8 घंटे तक बचने की संभावना है।
पचपदरा रिफाइनरी और उद्योगों को बड़ा फायदा
एक्सप्रेसवे से पचपदरा रिफाइनरी और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को विशेष फायदा मिलने की उम्मीद है। तेज कनेक्टिविटी से कच्चे माल और तैयार उत्पादों की आवाजाही आसान होगी। राजस्थान से गुजरात, महाराष्ट्र और दिल्ली के बड़े बाजारों तक माल पहुंचाने में भी समय कम हो सकता है।
एनएचएआई की देखरेख में यह परियोजना हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल पर आगे बढ़ रही है। एक्सप्रेसवे तैयार होने के बाद पश्चिमी राजस्थान को देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों से जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण सड़क कॉरिडोर बन सकता है।