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Rajasthan: अजमेर में मर्ज होने के बाद पहली बार केकड़ी आए अजमेर कलेक्टर, बैठक लेकर प्रशासनिक कामकाज समीक्षा की

Sun, 05 Jan 2025 07:33 AM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, केकड़ी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, केकड़ी Published by: अरविंद कुमार Updated Sun, 05 Jan 2025 07:33 AM IST
सार

अजमेर जिला कलेक्टर लोकबंधु ने शनिवार को पहली बार केकड़ी में अधिकारियों की बैठक लेकर क्षेत्र के प्रशासनिक कामकाज की समीक्षा की। जिला कलेक्टर ने विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति, लक्ष्यों, आवेदनों की स्थिति, ई-फाइल निस्तारण के औसत, संपर्क पोर्टल पर लंबित परिवादों के निस्तारण तथा विभागीय प्रगति आदि का ब्योरा लिया और आवश्यक निर्देश दिए।

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Rajasthan Ajmer Collector came to Kekri for first time after merged with Ajmer held a meeting and reviewed
कलेक्टर ने की बैठक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिला कलेक्टर लोकबंधु केकड़ी जिले के अजमेर जिले में मर्ज होने के बाद शनिवार को पहली बार केकड़ी आये। यहां उन्होनें पंचायत समिति के सभागार में प्रशासनिक अधिकारियों की एक बैठक ली, जिसमें उन्होनें सभी विभागों के अधिकारियों को सम्पर्क पोर्टल पर लम्बित प्रकरणों के साथ ही जिले में लोकायुक्त, मुख्यमंत्री कार्यालय, सतर्कता समिति सहित सभी बकाया प्रकरणों का समयबद्धता से निस्तारण करने के निर्देश दिए। 

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बैठक में जिला कलक्टर लोकबन्धु ने सभी अधिकारियों को ई-फाइल के निस्तारण में एवरेज डिस्पोजल टाइम को कम करने के लिए कहा। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों से गुड गवर्नेंस के सभी बिंदुओं की पालना सुनिश्चित करने व ऑफिस समय में कार्यालय में उपस्थित रहने की ताकीद की। उन्होंने राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट के अंतर्गत हस्तांतरित एमओयू के क्रियान्वयन के संबंध में संबंधित विभागीय अधिकारियों को कहा कि वे एमओयू की श्रेणी परिभाषित करते हुए वस्तुस्थिति की रिपोर्ट निर्धारित माइलस्टोन के अनुसार तैयार करना सुनिश्चित करें। 
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उन्होनें समस्त अधिकारियों एवं कार्मिकों को मिशन आई गोट कर्मयोगी पोर्टल पर शत प्रतिशत पंजीकरण करने, राजस्व अधिकारियों को म्यूटेशन समय पर खोलने, परिवाद निस्तारण की समयावधि मॉनिटर करने, लक्ष्य अनुसार नियमित निरीक्षण करने एवं राजस्व अर्जन में प्रगति लाने के निर्देश दिए और कहा कि वे किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरते। उन्होंने खनिज विभाग के अधिकारियों को अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा इसके लिए गठित टास्क फोर्स द्वारा चिन्हित हॉटस्पॉट्स पर संयुक्त कार्रवाई करने एवं सूचना तंत्र सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
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उन्होनें पुलिस विभाग के अधिकारियों को ड्रग ट्रैफिकिंग पर शिकंजा कसने, नारकोटिक्स एवं अन्य अन्वेषण विभागों से सूचना साझा कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होनें कहा कि महिलाओं के विरुद्ध हो रहे अत्याचार के मामलों में गहनता से जांच कर कार्रवाई की जाए। उन्होनें सरवाड़ उर्स के दौरान कानून व शांति व्यवस्था को लेकर सतर्क रहने के भी निर्देश दिए।

उन्होंने बैठक में सड़क सुरक्षा माह के दौरान एनएचआई व सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को राजमार्गों पर सभी अवैध कट का सर्वे करवाते हुए उन्हें तुरंत बंद करवाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि वे नियमित गश्त करें और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करें। उन्होनें अधिकारियों को दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट) सहित सभी मुख्य सड़कों पर स्पीड लिमिट सांकेतिक चिन्ह लगाने, नियमों के अनुसार केटाइज, स्पीड ब्रेकर, पशुओं के अधिक आवागमन व बैठने वाले स्थानों पर बोर्ड लगवाने सहित खराब सड़कों को ठीक करवाने के निर्देश दिए। उन्होनें कहा कि विभागीय अधिकारी विभिन्न कार्यशालाओं का आयोजन कर आमजन को नियमों व सुरक्षा मानकों के संबंध में जानकारी दें। जिला कलक्टर ने दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट तथा कार में सीट बैल्ट लगाने के साथ यातायात नियमों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए कहा। 

उन्होंने विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग व शिक्षा विभाग से सम्बंधित कामकाज व योजनाओं को लेकर भी सम्बंधित अधिकारियों से चर्चा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक के दौरान केकड़ी अतिरिक्त जिला कलक्टर चंद्रशेखर भंडारी, उपखण्ड अधिकारी केकड़ी सुभाष चंद्र, उपखंड अधिकारी भिनाय सुनील कुमार जिंगोनिया, पुलिस वृताधिकारी हर्षित शर्मा, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिशी शर्मा सहित सभी विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

जिला हटाने के विरोध में तीसरे दिन भी जारी रहा केकड़ी में अधिवक्ताओं का सांकेतिक धरना
केकड़ी जिले को रद्द करने के सरकार के फैसले के विरोध में बार एसोसिएशन के बैनर तले चलाए जा रहे जिला बचाओ आंदोलन के तहत शनिवार को न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं का सांकेतिक धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। इस बीच पूर्व विधायक डॉ रघु शर्मा द्वारा आंदोलन को समर्थन देने व धरने में शामिल होने का आश्वासन दिए जाने से आंदोलन तेज होने की संभावना बन गई है।

केकड़ी बार एसोसिएशन की प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि धरना स्थल पर वरिष्ठ अधिवक्ता मोहम्मद सईद नकवी द्वारा आंदोलन के सम्बन्ध में पूर्व विधायक व गुजरात कांग्रेस प्रभारी डॉ रघु शर्मा से दूरभाष पर संपर्क कर आंदोलन को गति देने का अनुरोध किया गया, जिस पर डॉ रघु शर्मा ने शीघ्र ही धरना प्रदर्शन में शामिल होने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता व सेन्ट्रल कॉपरेटिव बैंक के चेयरमेन मदन गोपाल चौधरी द्वारा भी केकड़ी क्षेत्र के लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की गई है। इससे जिला बचाओ आंदोलन तेज होने की संभावना बन गई है।



बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ मनोज आहूजा ने बताया कि सरकार के इस जनविरोधी फैसले के खिलाफ बार एसोसिएशन द्वारा दस दिन तक लगातार न्यायालय परिसर में सांकेतिक धरना दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि दस दिन के भीतर आगे की रणनीति बनाकर आमजन के समर्थन के बाद आन्दोलन को और तेज किया जायेगा। धरना प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ता सलीम गौरी ने शायरी व गजल के माध्यम से सरकार के जनविरोधी फैसले पर जमकर कटाक्ष किये तथा कहा कि सरकार के इस फैसले से केकडी की जनता को भारी निराशा हुई है। उन्होनें कहा कि यदि सरकार ने समय रहते केकडी को जिले का दर्जा फिर से नहीं लौटाया तो इसके परिणाम भुगतने होंगे।

धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि सरकार द्वारा जनता की भावनाओ के विपरीत जाकर लिया गया केकडी जिले को हटाने का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार ने डीग, खैरथल व तिजारा जैसे छोटे जिलों को बरकरार रखा गया, जबकि केकड़ी जैसे भौगोलिक दृष्टि से परिपूर्ण जिले को हटा दिया, जो कि गलत फैसला है।

अधिवक्ताओं ने कहा कि सरकार को अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करके केकडी को फिर से जिले का दर्जा देना चाहिए। केकडी में राजस्थान सरकार द्वारा चलाए गए राईजिंग राजस्थान समिट के तहत तुलनात्मक रूप से सबसे ज्यादा एमओयू हुए हैं, जिससे केकडी में करोड़ों रुपयों के निवेश की उम्मीद बंधी है। जिला हटने से निवेश की संभावनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। साथ ही प्रशासनिक स्तर पर सुगमता भी समाप्त हो जाएगी। सरकार ने भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाकर केकड़ी जिले को खत्म कर दिया है।


शनिवार को धरना प्रदर्शन में केकड़ी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ मनोज आहूजा सहित अधिवक्ता निर्मल चौधरी, सूर्यकांत दाधीच, अर्जुन सिंह शक्तावत, मगन लाल लोढ़ा, सलीम गौरी, अशफाक हुसैन, परवेज नकवी, गजराज सिंह, भूपेंद्र सिंह, शिवप्रसाद पाराशर, मुरलीधर शर्मा, रामसिंह राठौड़, मुकेश शर्मा, सीताराम कुमावत, आशुतोष शर्मा, जितेंद्र राजपुरोहित आदि शामिल हुए।

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